मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे का ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम अब जल्द ही हाईटेक होने वाला है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को हाईटेक बनाने के लिए इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाने का फैसला लिया है।
ऐसा करने से हाई वे की निगरानी ITMS के माध्यम से होगी, जिसके तहत AI तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अगर किसी भी वाहन के ड्राईवर ने ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने की कोशिश तो तुरंत पकड़े जाएंगे और उन्हें ई-चालान भेज दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार ये कैमरे 17 प्रकार के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को पहचानने में सक्षम होते हैं।

कब से शुरू होगी ITMS के माध्यम से निगरानी
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे से होकर हर रोज करीब 60 हजार वाहन आवाजाही करते हैं। गुजरते समय के साथ वाहनों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। खासतौर पर सप्ताहांत में यानी शनिवार और रविवार को हाईवे पर कई किमी लंबा जाम लग जाता है।
इस जाम की समस्या से निपटने के लिए ही MSRDC ने आधुनिक तकनीक की मदद से 95 किमी लंबे इस हाईवे पर नजर रखने का फैसला लिया है, जिसके लिए ITMS की मदद ली जाएगी। बताया जाता है कि जून के पहले सप्ताह से ही ITMS के माध्यम से इस एक्सप्रेस वे की निगरानी का काम शुरू हो जाएगा।
लगेंगे AI तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 95 किमी लंबे मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर 218 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जो AI तकनीक से लैस होंगे। 17 प्रकार के ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पकड़ने में ये कैमरे सक्षम होंगे। इन कैमरों को टोल बूथ, एक्सप्रेस वे के एंट्री और एग्जिट प्वाएंट आदि के साथ ही टोल नाकों पर लगाया जाएगा।
ये कैमरे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट की पहचान करने में सक्षम होंगे जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राईवर को पुलिस सीधे ई-चालान जारी कर सकेगी।

मौसम की मॉनिटरिंग और इंमरजेंसी में मिलेगी तुरंत मदद
मिली जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस वे की एंट्री पर मालवाही वाहनों के लिए weigh-in-motion डिवाइस लगाया जाएगा जिसे वाहनों का वजन करने के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त 11 जगहों पर मौसम की मॉनिटरिंग के लिए विशेष सिस्टम लगाए जाएंगे।
एक्सप्रेस वे पर 23 अलग-अलग जगहों पर मैसेजिंग साइन बोर्ड लगाए जाएंगे जो वाहन ड्राईवरों को रियल टाइम में यातायात की स्थिति, सड़क जाम या बंद होने और मौसम आदि की जानकारी देते रहेंगे। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए 36 टो वैन, क्रेन और एंबुलेंस आदि की ट्रैकिंग सिस्टम के बारे में जानकारी साझा की जाएगी।
इस बाबत राजमार्ग यातायात पुलिस (पनवेल) के सुप्रिंटेंडेंट तानाजी चिकले का कहना है कि एडवांस तकनीक से सड़क और ट्रैफिक मैनेजमेंट करने से वाहन ड्राईवरों की सुरक्षा में काफी सुधार होगा। मीडिया से बात करते हुए तानाजी चिकले ने कहा कि एक्सप्रेस वे पर चुनिंदा जगहों और क्रॉसओवर पर स्पीड मॉनिटर करने के लिए सीसीटीवी लगाए गये हैं।
उनका कहना है कि वाहन ड्राईवर अक्सर स्पीड तभी कम करते हैं, जब वे इन कैमरों के पास आते हैं या ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि आज कई वाहन ड्राईवर स्मार्टफोन ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें स्पीड कैमरे या ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति के बारे में पहले से सूचित कर देते हैं। इससे वे मॉनिटरिंग प्वाएंट पर आसानी से स्पीड कम कर सकते हैं।



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