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मुंबई-पुणे Missing Link : भारत का सबसे ऊंचा केबल ब्रिज घटाएगा दोनों शहरों की दूरी, जानें विशेषताएं

मुंबई से पुणे के बीच की दूरी को तय करने में जहां आमतौर पर 2 से 3 घंटों का वक्त लग जाता है वहीं मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक के बन जाने से इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय कम से कम 30 मिनट तक कम हो जाएगा। मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक इन दोनों शहरों के बीच की दूरी को लगभग 6 किमी तक घटा देगा।

पर कब से खुलेगा मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक? साल 2019 में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इस परियोजना की शुरुआत की थी। कितना आगे बढ़ा है मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक का काम?

mumbai pune missing link

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक (Mumbai-Pune Missing Link) के निर्माण का काम लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसे पूरा करने का काम तेजी से चल रहा है जिसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

Mypunepulse की एक रिपोर्ट के अनुसार मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का नया रूट इन दोनों शहरों के बीच की दूरी को लगभग 25 मिनट तक कम कर देगा। इस रूट पर भारत का सबसे ऊंचा केबल ब्रिज भी बनाया जा रहा है। MSRDC 13.3 किमी लंबे इस नये रूट का निर्माण कर रही है जिसमें 11 सुरंग और करीब 2 किमी लंबा केबल ब्रिज है। बताया जाता है कि सुरंग खोदने का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल फिनिशिंग का काम चल रहा है।

क्या है केबल ब्रिज की विशेषताएं?

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक पर बन रहा केबल ब्रिज खोपोली के पास दो पहाड़ों के बीच बनाया जा रहा है। यह केबल ब्रिज जमीन से करीब 183 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। ब्रिज की लंबाई 650 मीटर है। इसे ऐसे डिजाइन किया गया है ताकि 250 किमी की रफ्तार वाली आंधी से भी इस ब्रिज को कोई नुकसान न पहुंचे। बताया जाता है कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खोपोली एग्जिट से सिंहगढ़ इंस्टिट्यूट तक की दूरी करीब 19 किमी की होगी।

लेकिन मिसिंग लिंक के पूरा हो जाने के बाद इस दूरी घटकर करीब 13.3 किमी की रह जाएगी। इस ब्रिज को ऐसे डिजाइन किया गया है कि इसकी आयु कम से कम 100 सालों की हो। ब्रिज से होकर 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन गुजर सकेंगे। बताया जाता है कि इस ब्रिज के निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है और दूसरे चरण का काम प्रगति पर है।

missing link mumbai pune expressway

बारिश में नहीं होगी परेशानी

मुंबई से पुणे जाने के दौरान खोपोली के पास गाड़ियों को घाट पार करने पड़ते हैं, जहां दुर्घटनाएं होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। नये रूट के निर्माण से घाटों पर दुर्घटनाएं होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। इसके साथ मानसून के दौरान होने वाले भू-स्खलन से कई बार यातायात प्रभावित हो जाता है।

इस वजह से कई बार मुंबई की ओर जाने वाली सड़क में पहाड़ी से सटे एक लेन को बंद तक कर देना पड़ता है। दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने और मानसून के समय भू-स्खलन की समस्या से निपटने के लिए ही मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे वे पर खोपोली एग्जिट के पास से 13.3 किमी लंबा मिसिंग लिंक तैयार किया जा रहा है।

कब तक तैयार होगा मिसिंग लिंक?

मुंबई से पुणे के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए मिसिंग लिंग को जून 2025 तक खोल दिया जाएगा। इस रूट का निर्माण अपने अंतिम चरण में है। बताया जाता है मिसिंग लिंक पर बन रहे ब्रिज का निर्माण भी 60 प्रतिशत से ज्यादा ही हो चुका है। एक बार मिसिंग लिंक परियोजना का काम पूरा हो जाता है, तब इस रूट पर बिना टोल टैक्स के ही यात्री आसानी से और तेज रफ्तार के साथ अपने सफर को पूरा कर सकेंगे।

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