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देश के इन संग्रहालयों को देखकर भारतीय सेना पर होगा गर्व

By: Namrata Shatsri

भारत का मिलिट्री इतिहास बेहद प्राचीन और समृद्ध है। सदियों से भारत की मिट्टी के वीर जवान इस देश की रक्षा का कार्य कर रहे हैं। अपने देश के जवानों और उनकी वीर गाथाओं के साथ-साथ देश पर हुए आक्रमणा के बारे में करीब से जानना हर देशवासी के लिए बेहद खास अनुभव होता है।

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अगर आप भी भारत के मिलिट्री इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं तो आपको एक ना एक बार तो देश के इन मिलिट्री संग्रहालयों में जरूर आना चाहिए। ये आपको अपने देश की सशस्‍त्र सेना के गौरवमयी इतिहास के बारे में बताते हैं।

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इन संग्रहालयों में कई हथियार, वाहन और एयरक्राफ्ट रखे गए हैं जिनका प्रयोग सालों से भारतीय सेना द्वारा किया जा रहा है। इस संग्रहालयों में आकर आपको भारतीय सेना के बारे में कई रोचक बातें और चीज़ें देखने और सुनने को भी मिल सकती हैं।

कवाल्‍री टैंक म्‍यूजियम, महाराष्‍ट्र

कवाल्‍री टैंक म्‍यूजियम, महाराष्‍ट्र

महाराष्‍ट्र के अहमदनगर में स्थित कवाल्‍री म्‍यूजियम कवाल्‍री टैंक को समर्पित ए‍शिया का पहला संग्रहालय है। इस म्‍यूजियम में 50 से ज्‍यादा विंटेज प्रदर्शनी लगी है जिनमें सबसे पुरानी रोल्‍स रॉयस की आर्मर्ड कार है।

यहां रखी कुछ चीज़ें आपको प्रथम विश्‍व युद्ध की याद दिला देंगीं। इसके अलाव यहां पर 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के कई ट्रॉफी टैंक भी रखे गए हैं।Pc:Glasreifen

सामुद्रिका नेवल मरीन म्‍यूजियम, पोर्ट ब्‍लेयर

सामुद्रिका नेवल मरीन म्‍यूजियम, पोर्ट ब्‍लेयर

पोर्ट ब्‍लेयर में स्थित इस संग्रहालय को फिशरिस म्‍यूजियम के नाम से भी जाना जाता है। सामुद्रिका नेवल मरीन म्‍यूजियम को भारतीय नौसेना द्वारा संचालित किया जाता है। इस संग्रहालय का उद्देश्‍य अंडरवॉटर पर्यावरण और मरीन लाइफ के बारे में लोगों को जागरूक करना है। ये पांच भागों में विभाजित है और यहां पर आपको अंडमान आईलैंड से जुड़ी हर जानकारी प्राप्‍त होगी।

जैसलमेर वार म्‍यूजियम

जैसलमेर वार म्‍यूजियम

जैसलमेर से 10 किमी की दूरी और जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर स्थित जैसलमेर वार म्‍यूजियम भारतीय सेना द्वारा बनाया गया है। इस संग्रहालय को 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध और 1971 में लोंगेवाला युद्ध में शहीद हुए जवानों के त्‍याग और बहादुरी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बनाया गया है।

इस संग्रहालय में आपको भारतीय सेना के अब तक के विकास के बारे में पता चलेगा। यहां पर कई युद्ध ट्रोफियां और विंटेज वार उपकरण प्रदर्शनी में रखे गए हैं।Pc:Jaisalmer War Museum

भारतीय युद्ध मेमोरियल म्‍यूजियम, नई दिल्‍ली

भारतीय युद्ध मेमोरियल म्‍यूजियम, नई दिल्‍ली

लाल किले परिसर के अंदर नौबत खाना में स्थित यह संग्रहालय ब्रिटिशों के शासनकाल के दौरान भारतीय सेना के गौरान्‍वित कार्यों को समर्पित है। यहां पर आपको पानीपत युद्ध से जुड़ी कई दिलचस्‍प जानकारियां जानने का मौका मिलेगा और यहां कई पांरपरिक हथियार जैसे डैगर्स, गुप्‍ती और हैल्‍मैट्स आदि की प्रदर्शनी लगी है।

इसके अलावा इस संग्रहालय में कई मैडल, रिबन और झंडे और वर्दी भी रखी गई है जो कि तुर्की और न्‍यूजीलैंड के सैनिक अफसरों से संबंधित है।

नौसेना विमानन संग्रहालय, गोवा

नौसेना विमानन संग्रहालय, गोवा

पार्टी और समुद्रतटों के अलावा गोवा में भारतीय नौसेना का संग्रहालय भी पर्यटकों के बीच खासा प्रसिद्ध है। ये संग्रहाल दो प्रमुख भागों में विभाजित है - जिसमें एक बाहरी प्रदर्शनी और दूसरी भीतरी गैलरी है। इसका उद्घाटन 1998 में अक्‍टूबर में किया गया था और ये देश के दो नौसेना विमानन संग्रहालयों में से एक है।Pc:Aaron C

कुरसुरा पनडुब्बी संग्रहालय, विशाखापट्टनम

कुरसुरा पनडुब्बी संग्रहालय, विशाखापट्टनम

आईएनएस कुरसुरा पनडुब्बी संग्रहालय एक असली पनडुब्बी में प्रवेश करने का अवसर देता है। इस संग्रहालय में आकर आपको सबमरीने जैसा अहसास होगा। यहां आकर आपको पता चलेगा कि सबमरीन के अंदर लोग किस तरह से रहते हैं। एशिया में इस तरह का ये पहला संग्रहालय जिसका उद्घाटन वर्ष 2002 में हुआ था और आज भी यह म्‍यूजियम एक विशेष महत्‍व रखता है क्योंकि इसे अभी भी नौसेना से ड्रेसिंगशिप का सम्मान दिया जाता है. जो आमतौर पर केवल सक्रिय जहाजों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।
Pc:Candeo gauisus

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