ट्रैवलिंग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इससे ना सिर्फ आप मानसिक तौर पर तरोताजा रहते हैं बल्कि देश और दुनिया के साथ आपका कनेक्शन भी बढ़ता है और नयी जगहों वहां की संस्कृतियों, लोगों के बारे में भी आपकी जानकारी बढ़ती है।

अगर आपका टूरिस्ट डेस्टिनेशन ऐसा हो, जहां आप या आपके बच्चे सिर्फ घूमे ही नहीं बल्कि कुछ सीखे और अपने देश के बारे में कुछ नया जाने तो उससे अच्छा और क्या हो सकता है। हम आपको भारत में 5 ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेश के बारे में बता रहे हैं जो ज्ञान का भंडार कहलाते हैं। हमारा पूरा विश्वास है कि इन जगहों पर घूमकर आपको और आपके बच्चों को अच्छा भी लगेगा और कुछ नया जानने को जरूर मिलेगा।
नालंदा यूनिवर्सिटी
बिहार में स्थित नालंदा यूनिवर्सिटी दुनिया का पहला आवासीय यूनिवर्सिटी था। इसकी स्थापना 450 ई. में गुप्तकाल के दौरान कुमारगुप्त प्रथम ने की थी। यह यूनिवर्सिटी अगले 800 सालों तक अस्तित्व में रहा लेकिन 1193 में बख्तियार खिलजी ने इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। नालंदा यूनिवर्सिटी के पास विश्व की सबसे बड़ी लाईब्रेरी थी। यह लाईब्रेरी 9 मंजीला थी और इसमें करीब 3 लाख किताबें थी।

कहा जाता है कि खिलजी ने इसमें आग लगा दी थी। लाईब्रेरी में इतनी ज्यादा किताबें थी कि यह हफ्तों तक यूं ही जलता रहा था। आज भले ही नालंदा यूनिवर्सिटी खंडहर में तब्दिल हो चुका है लेकिन एक बार इस जगह पर बच्चों को लेकर जरूर आना चाहिए। उन्हें पता चलेगा कि देश में कितना विशाल शैक्षणिक संस्थान कभी अस्तित्व में हुआ करता था।
विश्वभारती यूनिवर्सिटी
भारतीय कला और संस्कृति में कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर का अतूल्य योगदान माना जाता है। उनके दिखाए रास्ते पर ही चलते हुए आज भी पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में स्थित विश्वभारती यूनिवर्सिटी कला और संस्कृति का केंद्र बना हुआ है। यहां सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी कई छात्र अध्ययन करने आते हैं और सभी को पारंपरिक गुरुकुल पद्धति से ही शिक्षा प्रदान की जाती है।

विश्वभारती यूनिवर्सिटी चारों तरफ से पेड़-पौधों और औषधिय वृक्षों से घिरा हुआ है। यहां आकर आप अद्भूत मानसिक शांति अनुभव करेंगे। इसके अलावा हस्तशिल्प संग्रहालय और कला भवन भी हैं, जहां आपको बंगाल की संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलेगा।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
उत्तर प्रदेश का शहर वाराणसी ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ की वजह से विश्वविख्यात है। लेकिन बनारस में एक जगह ऐसी भी है जो पर्यटन स्थल ना होते हुए भी यहां हर साल हजारों लोग घूमने आते हैं। जी हां, हम बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) की ही बात कर रहे हैं। बीएचयू का इतिहास 100 सालों से भी ज्यादा पुराना है।

क्या आपको पता है, बीएचयू परिसर के अंदर भी एक काशी विश्वनाथ मंदिर हैं, जो इस जगह को और भी खास बनाता है। 1300 एकड़ में फैला बीएचयू इसे एशिया का सबसे बड़ा यूनिवर्सिटी बनाता है। परिसर में लगे ढेर सारे पेड़-पौधे आपको सुकून प्रदान करेंगे।
ऋषिकेश

योग नगरी ऋषिकेश सिर्फ पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि अध्यात्म का भी क्षेत्र है। योग, जिसे आज पूरी दुनिया पहचान और मान रही है, उसके कई बेहतरीन स्कूल ऋषिकेश में हैं। इस शहर को योग की राजधानी भी कहा जाता है। ऋषिकेश में गंगा के किनारे कई योग स्कूल हैं, जहां अष्टांग योग, हास्य योग, ध्यान और क्रिस्टल हीलिंग...सब कुछ सिखाया जाता है। इसके अलावा ऋषिकेश में वाटर राफ्टिंग, ट्रेकिंग, लक्ष्मण झुला और कई वाटरफॉल हैं, जहां आप घूमने जा सकते हैं।
बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क
जिन लोगों को वाईल्ड लाइफ से लगाव है उनके लिए बैंगलुरु के पास बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क से ज्यादा अच्छी जगह और कुछ नहीं हो सकता। इस बायोलॉजिकल पार्क परिसर के अंदर ही रिक्रिएशन सेंटर भी मौजूद है जहां रिचर्स का काम किया जा रहा है। खास तौर पर बॉटनी के छात्रों को एक बार इस पार्क के टूर पर जरूर लेकर आना चाहिए।

बच्चों को बायोडाईवर्सिटी के बारे में समझाने के लिए बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क से बेहतर जगह और कोई नहीं हो सकती है। इस बायोलॉजिकल पार्क के अंदर एक चिड़ियाघर और जानवरों का रेस्क्यू सेंटर भी है। यहां आप बाघ की खास प्रजाति भी देख सकते हैं जो भारत में काफी कम दिखायी देता है।
हमें पूरा विश्वास आप जब भी इनमें से किसी भी जगह जाएंगे, आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर याद आएगा और आप अपने परिवार, दोस्तों के साथ इसे जरूर शेयर करेंगे।



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