अंतरिक्ष और इसके रहस्यों को जानने व समझने के लिए अक्सर लोग उत्सुक नजर आते हैं। लेकिन पहले चंद्रयान 3 और उसके बाद आदित्य यान की सफलता ने लोगों में अंतरिक्ष को जानने की उत्सुकता को काफी बढ़ा दिया है। अंतरिक्ष को करीब जानने की उत्सुकता ने एस्ट्रो साइंस के साथ-साथ एस्ट्रो टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया है।
इसी वजह से पश्चिम बंगाल में एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर तैयार करने का फैसला लिया गया है, जहां से पर्यटक अंतरिक्ष और ग्रह-उपग्रहों को न सिर्फ स्पष्ट देख सकेंगे बल्कि उनके रहस्यों के बारे में भी जान सकेंगे।

पश्चिम बंगाल में पश्चिम मिदनापुर जिले के सीतापुर में एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर और वेधशाला (Observatory) तैयार की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार इस सेंटर को बनाने में करीब 3 करोड़ रुपए का खर्च आने वाला है। एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर में विभिन्न आकारों वाली टेलीस्कोप रखी जाएगी।
खुली आंखों से हम आकाश में बस टिमटिमाते तारों को देख पाते हैं, लेकिन इन टेलिस्कोप की मदद से लोग आकाश में स्थित ग्रहों, उनके वलयों और उपग्रहों को स्पष्ट रूप से देख सकेंगे। दावा किया जा रहा है कि यह देश का पहला ऐसा एस्ट्रो सेंटर होगा, जहां वेधशाला भी होगी।
कोलकाता से महज 83 किमी की दूरी पर स्थित एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर को किसानों से दान में मिली जमीन पर तैयार किया जा रहा है। लेकिन सीतापुर ही क्यों? पश्चिम बंगाल में खुले खेत और खलिहानों की कमी नहीं है...तो फिर सीतापुर में ही एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर क्यों तैयार किया जा रहा है?

मीडिया से हुई बातचीत में इस सवाल का जवाब इंडियन सेंटर फॉर स्पेस फिजिक्स के डायरेक्टर प्रो. संदीप कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि सीतापुर का आकाश कोलकाता जैसे शहरों के आकाश से काफी अलग है। शहरों में रोशनी की चकाचौंध की वजह से रात के समय आकाश में तारे दिखाई नहीं देते हैं लेकिन सीतापुर में आकाश काफी अंधेरा होता है। इस वजह से यहां तारे भी बड़ी सरलता से और स्पष्ट दिखाई देते हैं।
बता दें, सीतापुर में अंतरिक्ष और आकाश के बारे में गहराई से अध्ययन करने के लिए 2 शक्तिशाली टेलिस्कोप पहले से ही लगाए जा चुके हैं। इनमें एक टेलिस्कोप का आकार 24 इंच का है, जिसका नाम वशिष्ठ है। बताया जाता है कि यह पूर्वी भारत का सबसे बड़ा टेलिस्कोप है। वहीं दूसरा टेलिस्कोप अरुंधति है जिसका आकार 20 इंच है।
इसके अलावा 5 इंच के कई अन्य टेलिस्कोप भी हैं, जिनकी सहायता से चांद, शनि के वलय और सप्तर्षि मंडल को देखा जा सकता है। एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर तैयार हो जाने के बाद यहां 20 टेलिस्कोप लगाए जाएंगे। अगर आपकी रुचि आकाशगंगा, अंतरिक्ष या फिर ग्रहों-तारों के बारे में गहराई से जानने की है, तो सीतापुर एस्ट्रो टूरिज्म सेंटर में 1 दिन से लेकर 1 हफ्ते का कोर्स भी कर सकते हैं।



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