गुजर रहा यह साल काफी शानदार रहा। इस साल हम कई खगोलिय घटनाओं के साक्षी रहे। सूर्यग्रहण से लेकर चंद्रग्रहण और उल्कापिंडों की बारिश, विभिन्न ग्रहों का धरती के करीब आना आदि घटनाएं हुईं जिन्हें भूल पाना आसान नहीं है। लेकिन आने वाला साल भी काफी शानदार होने वाला है।
अगले साल कई दिन ऐसे होंगे जब आसमान में आपको टूटते तारे जैसे उल्कापिंड दिखाई देंगे। कभी ये रोशनी इतनी चमकदार होगी कि देखकर ऐसा लगेगा कि आसमान से उल्कापिंडों की बारिश हो रही है।

पर आसमान से उल्कापिंड धरती पर गिरते क्यों हैं?
हम सभी जानते हैं कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल नहीं होता है। इसलिए विभिन्न ग्रहों से टूटकर, आपसी घर्षण से या सौर तूफान आदि वजहों से अंतरिक्ष में ढेर सारा मलबा जमा हो जाता है। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से यह मलबा पृथ्वी के वायुमंडल की ओर आकर्षित होता है। नासा के अनुसार, जब अंतरिक्ष में मौजूद मलबा पृथ्वी के वायुमंडल में 35 किमी प्रति सेकंड की गति से प्रवेश करता है, तब उसे उल्का वर्षा कहा जाता है।
साल 2025 में कब-कब होगी उल्का वर्षा?
2-3 जनवरी 2025
इस दिन क्वॉड्रनटिड (Quadrantid) उल्का वर्षा होगी। जब यह उल्का वर्षा अपने चरम पर होती है, तब 25 उल्का प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे की तरफ आते हैं। यह उल्का वर्षा काफी कम समय के लिए होती है और यह आधी रात के बाद ही दिखाई देगी।
21-22 अप्रैल 2025
इस दिन लायरिड (Lyrid) उल्का वर्षा होगी। अपने चरम पर होने पर इसमें 10 उल्का प्रति घंटा की रफ्तार से नीचे गिरते हैं। उल्कापिंडों की यह वर्षा उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्द्ध से ही दिखाई देंगे लेकिन यह उत्तरी गोलार्द्ध से ज्यादा स्पष्ट नजर आएगा।
4-5 मई 2025
एटा एक्वॉरिड (Eta Aquariid) उल्कापिंडों की बारिश सबसे ज्यादा दक्षिणी गोलार्द्ध में दिखाई देगी, जहां आसमान में यह काफी चमकदार दिखाई देगा। यह उत्तरी गोलार्द्ध में क्षितिज के पास दिखाई देता है।
29.30 जुलाई 2025
दक्षिणी डेल्टा एक्वॉरिड (Aquariid) आम तौर पर प्रतिघंटा 10 या 20 उल्काओं के गिरने की वजह से होता है।

11-12 अगस्त 2025
इस दिन होगा परसीड (Perseid) उल्का वर्षा। जब यह अपने चरम पर होता है तो 50 उल्कापिंड नीचे गिरते हैं।
8 अक्तूबर 2025
इस दिन से उल्कापिंडों की बारिश का सीजन शुरू होगी। इस दिन होगी ड्रैकोनीड्स (Draconids) उल्का वर्षा। इस दिन से दिसंबर के अंत तक 1 या 2 सप्ताह के अंतराल पर उल्का वर्षा होती रहेगी।
21 अक्तूबर 2025
इस दिन होगी ओरियोनीड (Orionid) उल्कापिंडों की बारिश। इस दिन आसमान से काफी चमकिले और चटकिले तारे टूट कर गिरते हुए दिखाई देंगे।
12 नवंबर 2025
इस होने वाली उल्कापिंड वर्षा को टौरिड (Taurid) उल्का वर्षा कहा जाता है। इस दिन काफी कम संख्या में उल्का गिरते हुए दिखाई देते हैं जो ज्यादा चमकदार भी नहीं होते हैं।
17 नवंबर 2025
इस दिन होने वाली उल्का वर्षा को लियोनाइड (Leonid) उल्का वर्षा कहा जाता है, जिसमें आम तौर पर हर घंटे 10 से 15 उल्कापिंडों की बारिश होती है। लेकिन कई बार इसमें उल्कापिंडों का तूफान आता है, जिसकी वजह से आसमान में हजारों की संख्या में चमकते हुए उल्कापिंड दिखाई देने लगते हैं।
14 दिसंबर 2025
इस दिन होगी साल का सबसे बड़ा उल्कापिंड वर्षा। इसे जेमीनाइड (Geminid) उल्का वर्षा कहा जाता है। जब यह अपने पूरे चरम पर होता है तब हर घंटे 75 उल्का पिंडों की बारिश हो सकती है।
22 दिसंबर 2025
अर्सिड उल्का वर्षा उत्तरी गोलार्ध में दिखाई देगी, क्योंकि यह भूमध्य रेखा से बहुत दूर उत्तर में है। इसलिए दक्षिणी गोलार्ध में यह अच्छी तरह सी दिखाई नहीं देगी।



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