भारत के कोने-कोने में भगवान शिव का वास माना जाता है। हर एक राज्य में महादेव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां दर्शन करने दूर-दराज के देशों से भी लोग भारत आते रहते हैं। लेकिन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी महादेव कई मंदिर हैं, जो काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं।

भारत से इन मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए अक्सर लोग विदेश जाते रहते हैं। इनमें एक मंदिर पाकिस्तान में भी मौजूद है। वहीं एक मंदिर तो ऐसा है जहां विश्व में सबसे ऊंची भगवान शिव की मूर्ति स्थापित है।
आइए आपको इन मंदिरों के बारे में बताते हैं :
शिव-सागर मंदिर, मॉरीशस
पर्यटकों के लिए मॉरीशस हमेशा से ही पसंदीदा पर्यटन स्थल रहा है। यह एक ऐसा द्वीपिय देश है, जहां बड़ी संख्या में हिंदू निवास करते हैं। मॉरीशस का शिव-सागर मंदिर ना सिर्फ यहां के स्थानीय लोगों बल्कि विदेशों से आने वाले सैलानियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है।

वर्ष 2007 में इस मंदिर की स्थापना हुई थी। मंदिर में भगवान शिव की करीब 108 फीट ऊंची कांसे से बनी प्रतिमा स्थापित है। तीन तरफ से पानी से घिरे एक द्वीप पर स्थापित इस मंदिर से आसपास का नजारा भी बेहद सुन्दर दिखता है। यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक भगवान शिव की इस विशाल प्रतिमा का दर्शन करने आते हैं।
मुन्नेश्वरम मंदिर, श्रीलंका
भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में हिंदू को मानने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। श्रीलंका के मुन्नेश्वर गांव में कुल 5 मंदिर हैं। इन पांचों मंदिरों में एक मंदिर भगवान शिव और एक माता काली को समर्पित है। स्थानिय मान्यता के अनुसार रावण का वध करने के बाद भगवान श्रीराम ने इसी मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की थी।

इस वजह से इस मंदिर का धार्मिक महत्व भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। खास त्योहारों व पर्वों जैसे शिवरात्रि, नवरात्रि और सावन में इस मंदिर में भगवान महादेव के दर्शन करने आने वाले भक्तों की भीड़ कतार काफी लंबी होती है।
कटास राज मंदिर, पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंध की बातें जग-जाहिर हैं। लेकिन भगवान शिव के साथ भी पाकिस्तान का कनेक्शन है, यह काफी कम लोगों को पता है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कटास राज मंदिर भगवान शिव को समर्पित महाभारतकाल का मंदिर माना जाता है। इस मंदिर में स्थित कटाक्ष कुंड के बारे में बताया जाता है कि यह भगवान शिव के आंसुओं से बना है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी सती के आत्मदाह के बाद जब महादेव के आंखों से आंसु बहे तो उससे दो कुंड बना। पहला कुंड पाकिस्तान के कटास राज मंदिर में स्थित और दूसरा राजस्थान के पुष्कर में स्थित है। कटास राज मंदिर में भक्तों की सर्वाधिक भीड़ शिवरात्रि के समय उमड़ती है।
पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
भारत के सबसे करीबी देश नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में हर साल लाखों भारतीय श्रद्धालु दर्शन करने जाते रहते हैं। भारत से नेपाल जाने के लिए वीजा पाबंदियां नहीं होने की वजह से खास त्योहारों जैसे सावन, शिवरात्रि आदि में भारतीय शिवभक्त पशुपतिनाथ मंदिर में महादेव के दर्शन के लिए जाते रहते हैं। बागमति नदी के किनारे स्थापित यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।

मंदिर में महादेव का 5 मुखी शिवलिंग स्थापित है, जिसे पारस पत्थर के समान माना जाता है। इस मंदिर को कई बार नष्ट किया गया था। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना वेद लिखे जाने से पहले ही हुई थी और यह मंदिर उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ का आधा हिस्सा माना जाता है। साल 2015 में आए भीषण भूकंप में इस मंदिर के बाहरी हिस्सों को नुकसान पहुंचा लेकिन मूल मंदिर के गर्भगृह को कोई हानि नहीं पहुंची।
अर्धनारीश्वर महादेव मंदिर, दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में साल 2013 में भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की विश्व में सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित की गयी। इस प्रतिमा के आधे हिस्से में भगवान शिव का नीला स्वरूप और आधे हिस्से में शक्ति स्वरूपा देवी पार्वती को बनाया गया है। 90 टन स्टील से निर्मित इस प्रतिमा को बनाने में 10 महीनों का समय लगा था जिसे 9 भारतीय कलाकारों ने वहां जाकर बनाया था। लिंग समानता के प्रतिक के तौर पर इस मूर्ति की स्थापना दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में की गयी थी।



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