Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »कालका-शिमला रूट पर अब उठा सकेंगे 360 डिग्री व्यू का लुत्फ, जल्द शुरू होगी विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन

कालका-शिमला रूट पर अब उठा सकेंगे 360 डिग्री व्यू का लुत्फ, जल्द शुरू होगी विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन

पर्यटकों को लुभाने और उनके लिए बेहतर यात्री सेवाओं को शुरू करने के लिए उठाए गये एक शानदार कदम के तहत हिमाचल प्रदेश के शिमला में विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। अब यात्री पूरे 360 डिग्री व्यू का लुत्फ उठाते हुए कालका-शिमला रूट पर अपनी यात्रा को पूरा कर सकेंगे। हाल ही में कालका-शिमला रूट पर विस्टाडोम कोच वाली ट्रेनों का सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया गया है।

इस ट्रेन की शुरूआत को स्थानीय व्यवसायों और पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण विकास के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या इजाफा भी होगा।

kalka shimla vistadome train

हर कोच से दिखेगा दिल लुभाने वाला नजारा

कालका-शिमला विस्टाडोम ट्रेन में कुल 7 कोच होंगे। हर एक विस्टाडोम कोच में बड़ी-बड़ी कांच की खिड़कियां लगी होंगी और छत पर भी कांच लगे होंगे। इनसे होकर पर्यटक पूरे रास्ते के शानदार पहाड़ी नजारों, बर्फिली वादियों और हरियाली को एंजॉय कर सकेंगे।

उम्मीद की जा रही है कि हिमाचल प्रदेश आने वाले देसी और विदेशी दोनों तरह के पर्यटकों को विस्टाडोम कोच वाली यह ट्रेन जरूर पसंद आएगी। इन कोचों की सबसे बड़ी खासियत इनकी बनावट होती है, जिसकी वजह से यात्रियों को इन प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने में जरा भी मुश्किल नहीं होगी।

shimla-kalka vistadome train

5 घंटे में तय करेगी दूरी

आमतौर पर कालका से शिमला के बीच की दूरी को तय करने में इस ट्रेन को 6 घंटे का समय लगता है लेकिन नयी ट्रेन इस दूरी को 5 घंटों में तय करेगी। बताया जाता है कि पहले यह ट्रेन 20-23 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती थी लेकिन विस्टाडोम कोच के साथ ट्रायल रन के दौरान ट्रेन को 25 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाया गया था।

हालांकि संभावना है कि भविष्य में रेलवे इस ट्रेन का संचालन 30 किमी प्रति घंटा तक लेकर जाए, तब शिमला-कालका के बीच की दूरी को तय करने में मात्र 4 घंटे का समय लगेगा। यह ट्रेन हर दिन 90 किमी का सफर तय करती है।

kalka shimla toy train update

क्या है कालका-शिमला ट्रेन का इतिहास

कालका-शिमला रूट पर सबसे पहले वर्ष 1903 में ट्रेन का संचालन भाप इंजन की मदद से शुरू हुआ था। वर्ष 1970 में भाप इंजन की जगह डिजल इंजन ने ले लिया था। वर्ष 2008 वह समय था, जब कालका-शिमला टॉय ट्रेन को UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। इसके बाद से ही पर्यटकों में इस ट्रेन के प्रति आकर्षण भी काफी बढ़ गया था। दिसंबर 2018 में जब पहली बार ट्रायल के लिए इस ट्रेन में विस्टाडोम कोच को जोड़ा गया था, तब पर्यटकों ने इसे खूब पसंद किया था।

विस्टाडोम कोच के साथ ट्रेनों का संचालन शुरू होना पर्यटन के लिए भी बड़ा ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि खासतौर पर शिमला आने वाले पर्यटकों को यह ट्रेन जरूर आकर्षित करेगा। हालांकि पूरी तरह से विस्टाडोम कोच वाली ट्रेनों का संचालन कब से शुरू होगा, इस बारे में आधिकारिक रूप से अभी तक कोई घोषणा नहीं की गयी है। लेकिन संभावना है कि जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।

More News

Read more about: indian railways shimla travel
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+