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फिर नहीं मिलेगा मौका, 20 साल बाद वर्सोवा पर दुर्लभ कछुओं की वापसी

मुंबई शहर के सबसे प्रसिद्ध समुद्री तटों में एक 'वर्सोवा बीच' इस वक्त खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिसका मुख्य कारण 20 साल बाद कछुओं की दुर्लभ प्रजाति 'ऑलिव रिडले' की वापसी।  जहां विश्व भर में कई जीवों की प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर आ चुकी हैं, ऐसे में अचानक रिडले टर्टल का दिखना किसी चमत्कार से कम नहीं है। 

वर्सोवा बीच अमूमन पर्यटकों से भरा रहता है, ऐसे में इन कछुओं का दिखना काफी खास माना जा रहा है। इन टर्टल्स को देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इस लेख के माध्यम से जानिए और भी ऑलिव रिडले कछुओं से जुड़ी ढ़ेर सारी दिलचस्प बातें।   

80 रिडले कछुओं के नवजात

80 रिडले कछुओं के नवजात

जानकारी के मुताबिक मुंबई के वर्सोवा बीच पर 80 रिडले कछुओं के बच्चे नजर आए हैं। इससे साफ पता चलता है कि जिस टर्टल की प्रजाति को विलुप्त मान लिया गया था वो अब नए सिरे से अपनी पहचान बना रहे हैं।

इन कछुओं के बच्चों का दिखना यानी आने वाले समय में इनकी आबादी और भी ज्यादा बढ़ सकती है। जानकारों का कहना है कि रिडले कछुओं के ये 80 बच्चे वर्सोवा बीच पर ही अंडों से निकले हैं।उत्तराखंड : इस दुर्लभ पशु की नाभि से बहती है सुगंधित धारा

अंडे देना कर दिया था बंद

अंडे देना कर दिया था बंद

जानकारी के अनुसार वर्सोवा पर इन खास कछुओं की प्रजाति ने अंडे देना बंद कर दिया था, जिस कारण यह प्रजाति इस तट से धीरे-धीरे लुप्त होती चली गई। अंडे न देने का कारण समुद्री तटों का लगातार गंदा रहना बताया जा रहा है। क्योंकि बीच पर घूमने के लिहाज से आए पर्यटक यहां भारी मात्रा में गंदगी करके चले जाते हैं, जिसका गलत प्रभाव इन बेजुबान जीवों पर पड़ता है। आगे जानिए इस मुद्दे पर उठाया गया बड़ा कदम।भोपाल : जिसने भी देखी यह रहस्यमयी पार्टी जिंदा नहीं लौटा !

साफ-सफाई अभियान

साफ-सफाई अभियान

इन दुर्लभ कछुओं की वापसी के पीछे साफ-सफाई अभियानों की अहम भूमिका है। जहां गंदगी की वजह से इन कछुओं ने अंडे देना बंद कर दिया था, आज इनकी भारी संख्या में वापसी एक सकारात्मक संकेत है।

वर्तमान में मुंबई तटों की साफ-सफाई को लेकर कई गैर लाभकारी संस्थाएं सामने आई हैंं। साथ ही इन संस्थाओं को लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। लोग बढ़ चककर तटों की साफ-सफाई में अपनी भागीदारी दे रहे हैं। दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय नृत्य-संगीत महोत्सव की खास झलकियां


शानदार समुद्री तट वर्सोवा

शानदार समुद्री तट वर्सोवा

PC- Averylrodrigues

वर्सोवा मुंबई के सबसे शानदार समुद्री तटों में गिना जाता है। जो शहर के पश्चिमी इलाके के अंतर्गत आता है। मुंबई घूमने आए भारी संख्या में सैलानी इस बीच पर समुद्री आबोहवा का आनंद लेने के लिए आते हैं। काम की व्यस्तता के बीच आराम फरमान के लिए वर्सोवा एक आदर्श विकल्प माना जाता है।

बता दें कि वर्सोवा कभी भारत में पुर्तगाली शासन का हिस्सा हुआ करता था। जो 1739 तक पुर्तगाली साम्राज्य का अंग बनकर रहा। लेकिन मराठों से मिली करारी हार के बाद वर्सोवा मराठा साम्राज्य में शामिल हो गया। OMG : तो क्या राजस्थान का उदयपुर शिफ्ट हो गया है नॉर्थ ईस्ट में ?

वर्सोवा का किला

वर्सोवा का किला

PC- Nichalp

वर्सोवा अपने बीच के अलावा अपने ऐतिहासिक किले के लिए भी जाना जाता है। यह किला वर्सोवा फोर्ट और माध फोर्ट के नाम से प्रसिद्ध है। इस किले का निर्माण भारत में पुर्तगालियों द्वारा एक वॉच टावर (आसपास नजर रखने के लिए बनाया गया स्थान ) के रूप में करवाया गया था। जिससे समुद्री तटों पर निगरानी की जा सके।

यह किला माध द्वीप पर स्थित है, जहां आप बोटिंग के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। यह समुद्री द्वीप मछुवारों के कई गांवों का समुह है। बिहार की इन जगहों का सन्नाटा निकाल सकता है आपकी चीखें

कैसे करे प्रवेश

कैसे करे प्रवेश

PC- Utcursch

वर्सोवा बीच के लिए आपको मुंबई के अंधेरी स्टेशन से बस या प्राइवेट टैक्सी करनी होगी। आप चाहें तो अपने निजी वाहनों के द्वारा भी यहां तक पहुंच सकते हैं। बीच के पास पार्किंग की अच्छी व्यवस्था है। अंधेरी से वर्सोवा की दूरी लगभग 5 किमी की है। यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन अंधेरी है। हवाई मार्ग के लिए आफ मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सहारा ले सकते हैं।

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