केदारनाथ धाम में भगवान शिव का अतिप्रिय ऊँ चिन्ह को भव्यता के साथ स्थापित किया गया है। करीब 60 क्विंटल वजनी इस ओम् चिन्ह को बनाने में पीतल और तांबे का इस्तेमाल किया गया है। केदारनाथ धाम का सुन्दरीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

इसके तहत ओम् चिन्ह को केदारनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है। केदारनाथ जाने वाला प्रत्येक भक्त भव्य ऊँ चिन्ह का दर्शन कर सकेगा और इसकी विधिवत पूजा अर्चना के बाद भक्त इसकी पूजा भी कर सकेंगे।
आइए इस ऊँ के बारे में विस्तार से बताते हैं :

- केदारनाथ धाम में इस ओम् चिन्ह की स्थापना मंदिर से लगभग 200 मीटर दूर एक गोल प्लाजा पर संगम घाट के निकट किया गया है।
- ओम् चिन्ह की इस प्रतिमा का वजन 60 क्विंटल है।
- ओम् आकृति 4 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है।
- इस ओम् चिन्ह का निर्माण मिश्रधातु (तांबा, जस्ता, एल्यूमिनियम) से किया गया है।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिमा के निर्माण के लिए जर्मनी से धातुओं को मंगवाया गया है।
- ओम् प्रतिमा का निर्माण गुजरात के कारिगरों ने किया है।
- दर्जन भर टुकड़ों में तैयार इस पूरी प्रतिमा को ट्रैक्टरों पर लादकर केदारनाथ धाम पहुंचाया गया था।
- केदारनाथ धाम पहुंचने के बाद इन सभी टुकड़ों को जोड़कर ऊँ की आकृति तैयार की गयी है।
- ओम् प्रतिमा के चारों कोनों पर तांबे की परत चढ़ाई गयी है ताकि बर्फबारी से इसको कोई नुकसान ना पहुंचे।
- ओम् प्रतिमा के अंदर छोटी-छोटी लाईट्स लगायी गयी हैं जो रात के समय में जगमगाया करेंगी।
- ओम् के स्थापित होने के बाद केदारनाथ आने वाले भक्त इसके चारों तरफ बैठकर भजन कीर्तन कर सकेंगे।
- बता दें, इस वर्ष 25 अप्रैल से केदारनाथ धाम के कपाट को भक्तों के लिए खोल दिया गया है।
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