बारिश के मौसम में तरह-तरह की बीमारियां फैलती हैं। खासतौर पर डेंगू-मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ जाता है। इस वजह से जब भी बारिश के मौसम में कहीं घूमने जाने का प्लान बनता है तो लोगों से मच्छरों से बचने के उपायों को अपनाने की सलाह दी जाती है। लेकिन वर्तमान समय में देशभर के कम से कम 6-8 राज्यों में 5 अलग-अलग तरह के वायरस और बीमारियां अपने पैर पसार रही है।
इसलिए अगर आप इनमें से किसी भी राज्य में रहते हैं या अगले कुछ दिनों में इनमें किसी भी राज्य में आप काम या घूमने के सिलसिले में यात्रा करने वाले हैं, तो सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि अभी इनमें किसी भी जगह पर घबराने जैसी कोई भी स्थिति नहीं है लेकिन सतर्कता और सावधानी का कोई तोड़ नहीं होता...है न।

चांदीपुरा वायरस
घातक चांदीपुरा वायरस बच्चों पर ही सबसे ज्यादा असर कर रहा है। अब तक गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 1 दर्जन से ज्यादा जिलों में चांदीपुरा वायरस से संक्रमित होने के 29 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 26 मामले गुजरात, 2 राजस्थान से और 1 मामला मध्य प्रदेश का है। इस वायरस से मरने वाले लोगों व बच्चों में सबसे ज्यादा संख्या गुजरात से ही है।
जानकारी के अनुसार चांदीपुरा वायरस मच्छर, टिक या सैंड फ्लाई के काटने से फैलता है। बुखार, उल्टी, दस्त और सिरदर्द इसके मुख्य लक्षण हैं। अभी तक इसका न तो कोई सटीक इलाज और न ही टीका उपलब्ध है। इसलिए बचाव ही इसका एकमात्र कारगर उपाय माना जा रहा है।
डेंगू
डेंगू या मलेरिया जैसी बीमारियां बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा फैलती है। लेकिन इन दिनों पटना और बैंगलोरवासियों के लिए यह चिंता का सबब बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार बिहार में पिछले 2 दिनों के अंदर 20 से ज्यादा डेंगू के मरीज पाए गये हैं जिसमें से सिर्फ पटना से 13 मरीज हैं। इसके अलावा पूर्णिया में भी डेंगू तेजी से फैल रहा है।

दूसरी तरफ रिपोर्ट्स की मानें तो बैंगलोर में औसतन हर दिन डेंगू के 150 नये मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि इसे नियंत्रित करने की कोशिश BBMP की तरफ से लगातार की जा रही है, लेकिन बताया जाता है कि अभी तक यह नियंत्रण में नहीं आ सका है।
निपाह वायरस
केरल में रह-रहकर निपाह वायरस फैलता रहता है, जिसकी चपेट में हर साल काफी लोग आते हैं। पिछले दिनों ही केरल के पांडिक्कड़ इलाके में 14 वर्षीय एक किशोर के शरीर में निपाह वायरस का संक्रमण पाया गया। उक्त किशोर की मौत हो चुकी है। निपाह वायरस चमगादड़ों की वजह से फैलता है। बताया जाता है कि उक्त किशोर के घर से कुछ दूरी पर ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चमगादड़ों की उपस्थिति की जानकारी मिली है।
निपाह पीड़ित किशोर की संपर्क सूची में शामिल लोगों के नमूनों की जांच भी की जा चुकी है। केरल में निपाह वायरस का प्रकोप 5वीं बार फैल रहा है। सबसे पहले साल 2018 में केरल में 17 लोगों की जानें निपाह वायरस से गयी। 2019 में एर्नाकुलम में यह वायरस फैला, 2022 में कोझीकोड में एक व्यक्ति की जान चली गयी और 2023 में दो लोगों की जान और 4 लोग इससे संक्रमित हुए थे।

जीका वायरस
महाराष्ट्र में जीका वायरस तेजी से फैल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस साल महाराष्ट्र में जीका वायरस से संक्रमण के 28 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से अकेले पुणे में ही 24 मामले हैं। बता दें, जीका वायरस भी मच्छरों के काटने से ही फैलता है। बताया जाता है कि महाराष्ट्र में जीका वायरस के लक्षणों का पता लगाने के लिए प्रभावित इलाकों से खून के नमूने एकत्र किये जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग करीब से इन मामलों की निगरानी कर रहा है।

बर्ड फ्लू
मीडिया रिपोर्ट्स में पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के हवाले से किये गये दावे के अनुसार पिछले 9 दिनों में राज्य भर के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 6 बच्चों में बर्ड फ्लू संक्रमण पाया गया है। जिन जिलों में बर्ड फ्लू का संक्रमण पाया गया है उनमें हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, मालदह शामिल है।
इसके अलावा कोलकाता के 2 बच्चों में भी बर्ड फ्लू का संक्रमण पाया गया है। इनमें से एक बच्चे को ICU में भर्ती करना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ये सभी बच्चे एक अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा किसी और अस्पताल में बर्ड फ्लू से संक्रमित किसी बच्चे का इलाज चल रहा है या नहीं, इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।



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