पितृपक्ष मेला, जिसे गया में आत्माओं का पर्व कहा जाता है। इस साल पितृपक्ष मेले की शुरुआत 17 सितंबर से हो रही है। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री अपने-अपने पितरों को मोक्ष दिलाने और पिंडदान करने के लिए गयाधाम पहुंचने वाले हैं। मेले को लेकर बिहार सरकार की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने पितृपक्ष मेले को लेकर एक समीक्षा बैठक की।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि हर साल पितृपक्ष मेले में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इस वजह से यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर इंतजाम और व्यवस्थाएं की गयी हैं। बता दें, इस साल पितृपक्ष मेला 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलेगी।

मेले में सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम
मेले में आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बोधगया के विभिन्न वेदी स्थल के पास ही पुलिस शिविर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा वेदी स्थल, पार्किंग स्थल, चेकिंग प्वाएंट, ड्रॉप गेट प्वाएंट्स आदि पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। गांधी मैदान में तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए टेंट सिटी बनाया गया है। बाईपास से विष्णुपद मंदिर में आने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि स्थायी शौचालयों व स्नानघरों की मरम्मत, अस्थायी शौचालय और स्नानघर का निर्माण, पेयजल के लिए प्याऊ, नल कनेक्शन आदि का काम पूरा कर लिया गया है।
कहां बनेंगी पिंडदान वेदियां और क्या मिलेंगी सुविधाएं
पिंडदान वेदियां - देवघाट वेदी स्थल, शमशान घाट, प्रेतशिला वेदी घाट स्थल, वेतरणी सरोवर, धर्मारण्य वेदी, सरस्वाति वेदी, मतांगवापी वेदी, ब्राहमवेदी व कागवाली वेदी, रामशीला वेदी, सूर्यकुण्ड तालाब और सीताकुंड वेदी आदि पर पिंडदान करने आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गयी हैं।
वेदी घाटों पर क्या मिलेंगी विशेष व्यवस्थाएं - झरना बाथरूम (महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग), क्लॉथ चेंजिंग रूम, ठंडा वाटर कूलर और फिल्टर, चापाकलों की मरम्मत की गयी है, प्याऊ नल कनेक्शन, शौचालय (महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग), बोरिंग, टंकी बैठाना आदि व्यवस्थाएं की गयी हैं।

कहां पार्क कर सकेंगे गाड़ियां?
जो तीर्थ यात्री सड़क मार्ग से गयाधाम पहुंचने वाले हैं, उनके लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्थाएं की गयी हैं। मेला के दौरान बड़े वाहन गया कालेज खेल परिसर, केंदुई, प्रेतशिला वेदी के समीप किसान कॉलेज परिसर, मानपुर भुसुंडा बस स्टैंड पर पार्क किया जा सकेगा। वहीं छोटे वाहन शहर के बीच में मौजूद समीरतक्या संक्रमण अस्पताल परिसर में पार्क होंगे। यहां पर अस्थाई शौचालय, पेयजल और रौशनी की व्यवस्था भी की गई है।
पितृपक्ष मेला स्पेशल ट्रेनें
- रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल) से ट्रेन नंबर 01667/01668 गया के लिए चलायी जाएगी। यह ट्रेन 16 से 29 सितंबर तक चलेगी। 01667 रानी कमलापति स्टेशन से गया के लिए दोपहर 1.20 बजे खुलेगी जो अगले दिन सुबह 8.20 बजे गया पहुंचेगी। वापसी में 01668 गया से दिन के 11.20 बजे खुलेगी जो दूसरे दिन शाम को 3.10 बजे कमलापति भोपाल पहुंचेगी। रास्ते में इस ट्रेन का ठहराव अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, पीडीडीयू जंक्शन, मिर्जापुर रेलवे स्टेशनों पर होगा।
- जबलपुर से ट्रेन नंबर 01701/01702 पितृपक्ष स्पेशल गया के लिए चलायी जाएगी। यह ट्रेन 18 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलेगी। यह ट्रेन अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, पीडीडीयू जंक्शन, मिर्जापुर रेलवे स्टेशन होते जबलपुर रेलवे स्टेशन तक आएगी।

स्टेशन पर सुनिश्चित होगी यात्रियों की सुविधा
- पितृपक्ष मेले के दौरान गया आने वाले तीर्थ यात्रियों में सर्वाधिक संख्या में यात्री उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा से होते हैं।
- इन यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पितृपक्ष मेले के दौरान आरपीएफ-जीआरपी के महिला-पुरुष सहित 350 से अधिक बलों की तैनाती की जाएगी।
- स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था की जाएगी।
- गया जंक्शन पर बन रहे नवनिर्मित भवन में यात्रियों को बैठने की सुविधा मुहैया करवायी जाएगी।
- मेला के दौरान प्लेटफार्म से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में रेलवे पुलिस द्वारा वीडियोग्राफी करवायी जाएगी।
- चोर-उचक्कों से निपटने के लिे सादी वर्दी में रेल पुलिस पिंडदानी बनकर स्टेशन पर तैनात रहेंगे।
- गया जंक्शन पर प्रीपेड टैक्सी स्टैंड बनाया जाएगा।



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