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हरियाणा : जानिए महाभारत के युद्ध और इस वट वृक्ष के बीच का गहरा संबंध

कुरूक्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल । Places to visit in Kurukshetra Haryana।

हिंदू पौराणिक कथाओं में गहराई से जुड़ा कुरूक्षेत्र भारत के हरियाणा राज्य का एक प्राचीन शहर है। भारत के कई राजवंश इस ऐतिहासिक भूमि पर सम्मानपूर्वक राज कर चुके हैं। मौर्य साम्राज्य के दौरान कुरुक्षेत्र एक अध्यन केंद्र के रूप में भी उभरा था। श्रीमद्भागवत गीता का जन्मस्थान कुरूक्षेत्र मुख्य रूप में भारत के सबसे ऐतिहासिक युद्ध महाभारत के लिए जाना जाता है, ये वो महायुद्ध था जो एक ही वंश के दो शक्तिशाली परिवारों (कौरवो और पांडवो) के मध्य लड़ा गया था।

अपने पौराणिक महत्व के कारण यह भूमि पूरे विश्व में जानी जाती है। वर्तमान में कुरूक्षेत्र हरियाणा राज्य का एक जिला है। आइए इस खास लेख के माध्यम से जानते हैं यह प्राचीन शहर आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

ब्रह्मा सरोवर

ब्रह्मा सरोवर

PC- Cordavida

कुरूक्षेत्र भ्रमण की शुरूआत आप जिले के धार्मिक स्थानों से कर सकते हैं। थानेसर में स्थित पवित्र ब्रह्मा सरोवर भारत के चुनिंदा खास पौराणिक जलाशयों में गिना जाता है। यह विश्व प्रसिद्ध स्थल है जिसका जिक्र 12 वीं शताब्दी के विद्वान अलबरूनी ने अपनी भारत यात्रा के बाद किया था। ऐसी मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान इस पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

इसलिए इस दौरान यहां देशभर से आए श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगता है। सरोवर की उत्तरी दिशा में भगवान शिव का एक मंदिर भी है, पौराणिक किवदंती के अनुसार मंदिर में शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान ब्रह्मा ने की थी।

कोस मीनार

कोस मीनार

PC- Anupamg

धार्मिक स्थलों के अलावा आप यहां के ऐतिहासिक स्थलो की सैर का भी प्लान बना सकते हैं। कोस मीनार मध्ययुगीन मील का पत्थर हैं जो कुरुक्षेत्र के विभिन्न कस्बों में मौजूद हैं। इतिहास के पन्ने बताते हैं कि इन मीनारों का इस्तेमाल मुगल साम्राज्य के दौरान सड़कों की दूरी को चिह्नित करने के लिए किया जाता था।

आज भी आप हरियाणा में ऐसी मीनारों को देख सकते हैं, वर्तमान समय में हरियाणा में 49 ऐसी कोस मीनारें सुरक्षित हैं, जिनमें से कुछ को कुरूक्षेत्र यात्रा के दौरान देखा जा सकता है। भारतीय इतिहास के कुछ पहलुओं को आप इन मीनारों के माध्यम से समझ सकते हैं।

शेखचिल्ली का मकबरा

शेखचिल्ली का मकबरा

PC- RichaDevon

ऐतिहासिक स्थानों में आप शेखचिल्ली का मकबरा देख सकते हैं। इस प्राचीन स्थल पर महान सूफी संत शेख चिल्ली के अवशेष शामिल हैं। इस स्थल पर आप खूबसूरत मुगल गार्डन, मस्जिद, संग्रहालय और संत शेखचिल्ली की पत्नी को समर्पित एक छोटा सा मकबरे को भी देख सकते हैं।

मकबरे परिसर के भीतर संग्रहालय में भारतीय सभ्यताओं के विभिन्न युगों के आस-पास के पुरातात्विक कलाकृतियों को संग्रहित किया गया है। उत्तर भारतीय इतिहास को और बेहतर रूप से समझने के लिए आप इस प्राचीन स्थल की सैर का प्लान बना सकते हैं।

 राजा हर्ष का टीला

राजा हर्ष का टीला

PC- Viraat Kothare

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप थानेसर में एक पुरातात्विक महत्व रखने वाले स्थान की सैर का प्लान बना सकते हैं। पुरातात्विक खुदाई के दौरान यहां से "हर्ष का टिला" नामक एक प्राचीन टिला मिला है जो कई किमी लंबा बताया जाता है। अध्ययन में सामने आया है कि इस टिले का संबंध 7वीं शताब्दी से है, जब यहां राजा हर्ष का शासन चलता था।

यह स्थल भली भांति कुशान वंश और बाद में आए मुगल साम्राज्य से जुड़े अवशेषों को भी प्रदर्शित करता है। इसके अलावा गुप्ता काल के बाद की कुछ सबसे महत्वपूर्ण खोजों को यहां देखा जा सकता है।

ज्योतिसर

ज्योतिसर

PC- Ravinder

ज्योतिसर जिले के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है जहां भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन को गीता का पाठ पढ़ाया था। इस स्थान पर बरगद का पेड़ भी है, पौराणिक मान्यता के अनुसार इस बरगद के पेड़ के नीचे श्रीकृष्ण ने अर्जुन को शिक्षा दी थी और अपना विराट रूप दिखाया था।

भारत के पौराणिक इतिहास को समझने के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा यहां समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसके अंतर्गत महाभारत के कुछ हिस्सों को मनोरंजक रूप से वर्णित किया जाता है।

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