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इन गर्मियों बनाएं पलक्कड़ के इन खास स्थानों का प्लान

केरल का नाम आते ही मन मस्तिष्क में खूबसूरत समुद्री तट, हिल स्टेशन, बैकवाटर, नारियल के पेड़ आदि प्राकृतिक सौंदर्यता का परिदृश्य उभर कर सामने आता है। पर्यटन के लिहाज से यह राज्य पूरे विश्व में खास गंतव्य के रूप में जाना जाता है। खासकर यहां के समुद्री तट सैलानियों के बीच काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। वैसे केरल में घूमने-फिरने लायक बहुत से खास स्थान मौजूद हैं जिनका प्लान आप इन गर्मियों के दौरान कर सकते हैं।

केरल स्थित पलक्कड़ कुछ ऐसा ही खास शहर है, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए काफी प्रसिद्ध है। एक शांत अवकाश के लिए यह जगह काफी खास मानी जाती है। पलक्कड़ केरल राज्य को वो खास शहर है जहां घूमने का प्लान आप साल के किसी भी माह बना सकते हैं। इस विशेष लेख में जानिए पलक्कड़ स्थित खूबसूरत स्थलों के बारे में, जानिए पर्यटन के लिहाज से यह शहर आपके लिए कितना खास है।

पलक्कड़ का किला

पलक्कड़ का किला

PC- Edukeralam

यह स्थान उन लोगों के लिए है जो पलक्कड़ के इतिहास से जुड़ना चाहते हैं। आमतौर पर यह फोर्ट टीपू के किले के रूप में जाना जाता है। यह किला शहर के मध्य बसा हुआ है। पलक्कड़ का किला केरल के मुख्य ऐतिहासिक आकर्षणों में गिना जाता है। किले की वास्तुकला और खास संरचना बहुत हद तक यहां आने वाली सैलानियों को प्रभावित करती है। यह किला हैदर अली द्वारा 1766 के दौरान बनवाया गया था।

इस किले की खास बात यह कि इसके अंदर भगवान हनुमान का एक मंदिर भी बना हुआ है, जो किल की आंतरिक सुंदरता को निखारने का काम करता है। इतिहासकारों की मानें तो इस किले का निर्माण पलक्कड़ और कोंयमबटूर के बीच एक प्रभावशाली संवाद को स्थापित करने के लिए किया गया था। इहितास और वास्तुकला के प्रेमी इस किले का भ्रमण कर सकते हैं।

नेल्लीयमपैथी हिल्स

नेल्लीयमपैथी हिल्स

PC- Kjrajesh

समुद्री तटों के अलावा केरल के हिल स्टेशन भी बहुत हद तक सैलानियों का ध्यान अपनी ओर खिंचते हैं। हरे-भरे ये पहाड़ अपनी अनूठी कुदरती सौंदर्यता के लिए जाने जाते हैं। केरल स्थित नेल्लीयमपैथी हिल्स राज्य के मुख्य पर्यटन गंतव्यों में गिना जाता है। एक खास वीकेंड स्थल को तौर पर यह पहाड़ी क्षेत्र आसपास के राज्यों में काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। अगर आप इन गर्मियों के बीच प्रकृति के करीब जाकर कुछ समय आराम का बिताना चाहते हैं तो इस हिल स्टेशन की सैर का प्लान बना सकते हैं।

इस हिल स्टेशन को दक्षिण भारत का दूसरा ऊटी कहा जाता है। यहां की भौगोलिक संरचना काफी ज्यादा आकर्षित करती है। इसके अलावा इस स्थान का अपना पौराणिक महत्व भी है। जानकार कहते हैं कि यह स्थान पहेल घने जंगलों के लिए जान जाता था जहां कभी प्रभु श्रीराम माता सीता के साथ आए थे।

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साइलेंट वैली नेशनल पार्क

साइलेंट वैली नेशनल पार्क

PC- Lijo Lawrance

पहाड़ी गंतव्य के अलावा अगर आप थोड़ा रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं तो राज्य के साइलेंट वैली नेशनल पार्क की सैर का आनंद ले सकते हैं। साइलेंट वैली नेशनल पार्क पश्चिमी घाट के चुनिंदा सबसे खास राष्ट्रीय उद्यानों में गिन जाता है, जो पलक्कड़ से एक शानदार गंतव्य है।

इसके अलावा यह पार्क यूनेस्को द्वारा विश्व घरोहर भी घोषित किया जा चुका है। आप यहीं वन्य जीवन को बहुत ही करीब से देख सकते हैं। यहां स्तनधारियों की 34 प्रजातियां, पक्षियों की 292 प्रजातियां, सरीसृपों की 31 प्रजातियां, उभयचर की 22 प्रजातियां, और मछलियों की 13 प्रजातियां मौजूद हैं। जंगल के रोमांचक दृश्यों को देखने के लिए यहां जीप सफारी की भी सुविधा उपलब्ध है। प्राकृतिक खूबसूरती से भरा यह स्थान सैलानियों के मध्य काफी ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है।

परंबिकुलम वन्यजीव अभयारण्य

परंबिकुलम वन्यजीव अभयारण्य

PC - Viki.red

केरल में सबसे खूबसूरत और कम से कम एक्स्प्लोर किए गए राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है परंबिकुलम वन्य जीवन अभयारण्य। अपने प्राकृतिक आकर्षणों के बल पर यह स्थान सैलानियों को काफी हद तक अपनी ओर आकर्षित करता है। यह अभयारण्य नेल्लीयमपैथी और अनामालाई पर्वतमाला के बीच एक पहाड़ी इलाके पर स्थित, हरे-भरे जंगलों और मनमोहक परिदृश्यों का समृद्ध मिश्रण है। यह अभयारण्य असंख्य जीव जन्तुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने का काम करता है। यहां स्तनधारियों की 39 प्रजातियां, उभयचर की 16 प्रजातियां, पक्षियों की 268 प्रजातियां, सरीसृपों की 61 प्रजातियां, मछलियों की 47 प्रजातियां, कीड़ों की 1049 प्रजातियों और तितलियों की लगभग 124 प्रजातियां निवास करती हैं।

इस राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य आकर्षण कन्निमारा टीक पेड़ है, जो अभी भी 350 वर्षों तक खड़ा है। वर्ष 1973 में इस राष्ट्रीय उद्यान को को टाइगर रिजर्व शीर्षक से सम्मानित किया गया था। मुख्य क्षेत्र में पड़ोसी पहाड़ों का शानदार दृश्य राष्ट्रीय उद्यान का यूएसपी है। सरकार ने आयोजित जीप सफारी राष्ट्रीय उद्यान के जंगल का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है।

धोनी फारेस्ट ट्रेकिंग

धोनी फारेस्ट ट्रेकिंग

PC- Panoramio

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप धोनी हिल्स की सैर का प्लान बना सकते हैं। फारेस्ट ट्रेकिंग के लिए केरल का यह पहाड़ी स्थल काफी खास माना जाता है। आप यहां साल भर किसी भी समय बेस्ट ट्रेकिंग रूट का आनंद ले सकते हैं। ट्रेकिंग के दौरान आप यहां की खूबसूरत पहाड़ी घाटियों, नदी-झरनों को देख सकेंगे। इसके अलावा आप एक वन्य जीवन का एक रोमांचक अनुभव भी ले सकते हैं। यह पहाड़ी स्थल हर तरह के सैलानियों का स्वागत करता है।

प्रकृति प्रेमियों से लेकर एडवेंचर के शौकीन यहां एक अच्छा समय बिता सकते हैं। धोनी हिल्स पलक्कड़ से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर स्थित है। इन गर्मियों के दौरान आप यहां अपने परिवार या दोस्तों के साथ एक क्वालिटी समय बिता सकते हैं।

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