Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »झारखंड के इस अज्ञात स्थल की खूबसूरती से अनजान हैं पर्यटक

झारखंड के इस अज्ञात स्थल की खूबसूरती से अनजान हैं पर्यटक

पर्यटन के लिहाज से भारत का झारखंड राज्य उन अज्ञात गंतव्यों में गिना जाता है, जहां के प्राकृतिक आकर्षणों से अबतक पर्यटक अनजान हैं। लेकिन आपको बता दें कि यह राज्य अपने मनमहोक कुदरती माहौल और ग्रामीण जीवन शैली के साथ एक शानदार अवकाश बिताने का मौका प्रदान करता है। झारखंड भारत का वो खास राज्य है जिसने अपनी परंपरागत लोक संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी संभाल कर रखा है।

शायद बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि इस राज्य में कई ऐतिहासिक किले और प्राचीन संरनचाएं मौजूद हैं। इस खास लेख में आज हम झारखंड के एक खास गंतव्य से आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जो आपके लिए प्राकृतिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा। हमारे साथ जानिए झारखंड के साहिबगंज के बारे में, जानिए यह स्थल आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है। 

मोती झरना

मोती झरना

साहिबगंज के प्राकृतिक आकर्षणों के भ्रमण की शुरूआत आप यहां का खूबसूरत मोती झरने से कर सकते हैं। वैसे झारखंड में कई शानदार जलप्रपात मौजूद है लेकिन साहिबगंज का यह वाटर फॉल कुछ अलग ही अनुभव कराता है। अपने नाम की ही तरह यह झरना खूबसूरत और बहुत ही आकर्षक है।

यह जलप्रपात यहां की राजमहल पहाड़ियों से गिरता है। वीकेंड पर घूमने के लिए यह एक आदर्श गंतव्य है। पर्यटक यहां पिकनिक मनाने के लिए भी आते हैं। प्रकृति प्रेमियों और खासकर फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थल किसी जन्नत से कम नहीं।

शिवगादी मंदिर

शिवगादी मंदिर

प्राकृति स्थलों के अलावा आप यहां के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकते हैं। शिवगादी मंदिर यहां के पवित्र मंदिरों में गिना जाता है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह एक अद्बुत मंदिर है जो यहां एक गुफा के अंदर बना है। जिस पहाड़ी गुफा के अंदर पवित्र शिवलिंग स्थापित है वहां निरंतर जल की बूंदें शिवलिंग पर गिरती रहती है।

विशेष अवसरों पर यहां भव्य आयोजन भी किए जाते हैं। आत्मिक और मानसिक शांति के लिए आप यहां का भ्रमण कर सकते हैं।

पलामू टाइगर रिजर्व

पलामू टाइगर रिजर्व

साहिबगंज के सफर को रोमांचक मोड़ देने के लिए आप यहां के पलामू टाइगर रिजर्व की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह झारखंड का एकमात्र टाइगर रिजर्व है जहां दूर-दूर से सैलानी भ्रमण के लिए आते हैं। घने जंगलों और विभिन्न जीव-जन्तुओं के साथ यह राज्य के चुनिंदा सबसे खास पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां वन विभाग की तरफ से जीप सफारी की भी सुविधा उपलब्ध है, जिसके सहारे आप यहां की साहसिक सैर का आनंद ले सकते हैं।

बाघों के अलावा आप यहां अन्य जीवों में हाथी, हिरण, चिता आदि जीवों को देख सकते हैं। यहां से होकर गुजरती कोयल नदी इस अभयारण्य को एक अद्भुत रूप प्रदान करती है। अगर आप रोमांच के शौकीन हैं तो यहां जरूर आएं।

उधवा झील पक्षी अभयारण्य

उधवा झील पक्षी अभयारण्य

पलामू टाइगर रिजर्व के अलावा आप यहां उधवा झील पक्षी अभयारण्य की सैर का भी आनंद ले सकते हैं। प्रसिद्ध उधवा झील के आसपास बसा यह पक्षी अभयारण्य असंख्य देशी व प्रवासी पक्षियों को देखने का मौका प्रदान करता है। झील के किनारे हरे-भरे माहौल की बीच रंग-बिरंगे पक्षियों को देखने काफी आनंदप्रद है। यह एक खास स्थल है जहां साइबेरिया और यूरोप के ठंडे क्षेत्रों के पक्षी गरम आश्रय की तलाश में यहां पहुंचते हैं।

पक्षी विहार के लिए यह स्थल किसी जन्नत से कम नहीं। आप यहां स्टोर्क्स, हेरॉन, इबीस और लेपविंग आदि पक्षियों को यहां देख सकते हैं।

तेलियागढ़ी किला

तेलियागढ़ी किला

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप यहां के ऐतिहासिक स्थलों की सैर का भी आनंद ले सकते हैं। आप यहां के प्राचीन तेलियागढ़ी किले की सैर कर सकते हैं। ईंटों-पत्थरों का बना यह किला अपनी शानदार प्राचीन वास्तुकला के लिए जाना जाता है। समय के साथ-साथ यह किला अब एक खंडहर रूप में स्थित है जहां का भ्रमण आप कर सकते हैं।

यह किला तो तेलिया भाइयों ने बनाया था मुगल सम्राट जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर द्वारा समुद्री डाकू से चोरी को रोकने के लिए वित्त पोषित किया गया था। यह किला 200 साल पहले त्याग दिया गया था। झारखंड की ऐतिहासिक विरासत के रूप में आप यहां आ सकते हैं।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more