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उत्तराखंड : मन-आत्मा को करेंगे तृप्त यमुनोत्री के ये खास स्थल

भारत में चार धाम यात्रा (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री युमनोत्री) में शामिल यमुनोत्री हिन्दूओं का एक बड़ा तीर्थस्थल है। जिस तरह दैवीय गंगा नदी का उद्गम गंगोत्री को माना जाता है उसी तरह यमुनोत्री को युमना नदी की उत्पत्ति के रूप में सम्मानित किया जाता है। समुद्र तल से लगभग 3293 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थल गढ़वाल हिमालय में स्थित है।

यह पूरा पवित्र श्रेत्र अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्यता से घिरा हुआ है। पहाड़ों से आती नदी के कोलाहल के बीच यहां बर्फ से ढकी पहाड़ियां सैलानियों को रोमांचित करने का काम करती हैं। हर साल यहां श्रद्धालु चार-धाम की यात्रा के लिए आते हैं।

पौराणिक मान्यता के अनुसार यमुना मृत्यु के देवता यम की बहन थीं, और कहा जाता है कि यहां यमुना नदी में स्नान करने से मौत के दर्द से छुटकारा मिल जाता है। इस खास लेख में जानिए पर्यटन के लिहाज से यमुनोत्री आपके लिए कितनी खास है।

यमुनोत्री मंदिर

यमुनोत्री मंदिर

PC- Anurag.vq

गढ़वाल हिमालय के पश्चिम में स्थित यमुनोत्री मंदिर एक हिन्दू मंदिर है जो देवी यमुना को समर्पित है। यह मंदिर हनुमान चट्टी से 13 किमी, बरकोट से 50 किमी और उत्तरकांशी से 46 किमी की दूरी पर स्थित है। बंदरपंच पार्वत के ऊपर स्थित यह मंदिर छोटा चार धाम यात्रा का पहला स्थान है। यहां देवी यमुना की मूर्ति काले संगमरमर से बनी हुई है। इस भव्य मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी की शुरुआत में जयपुर की महारानी गुलरिया ने बनवाया था।

पौराणिक किवदंती के अनुसार के अनुसार यमुनोत्री को ऋषि असित का निवास माना जाता है, जो गंगा और यमुना दोनों नदियों में रोजाना स्नान किया करते थे। पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी यमुना भगवान सूर्य और देवी संध्या की बेटी हैं और भगवान यम की बहन हैं।

सूर्य कुंड

सूर्य कुंड

PC-Guptaele

यमुनोत्री मंदिर के पास स्थित सूर्य कुंड यहां का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्थल है जो अपने गर्म प्राकृतिक कुंड के लिए जाना जाता है। इस कुंड को अपना नाम यमुना नदी से प्राप्त हुआ है, पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी यमुना के पिता सूर्य देवता हैं। बर्फीली चोटियों से घिरा यह कुंड इस स्थान को दिव्य महत्व से जोड़ता है। यमुनोत्री और चार धाम य़ात्रा के लिए निकले बहुत से श्रद्धालु इस कुंड के जल का स्पर्श करने के लिए आते हैं।

सूर्य कुंड एक पवित्र स्थान है यहां के पानी का तापमान लगभग 88 डिग्री सेल्सियस होने का अनुमान लगाया जाता है। इस कुंड का इस्तेमाल प्रसाद बनाने के लिए भी किया जाता है। यहां का पानी इतना गर्म है कि आलू-चावल कुछ ही देर में पक जाते हैं। यह प्रसाद मंदिर के देवता को चढ़ाया जाता है जिसके बाद शेष भक्तों द्वारा घर ले जाया जाता है।

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खरसाली

खरसाली

PC-Harisharma.atc

जानकी चट्टी से 1 किमी हनुमान चट्टी से 9 किमी और यमुनोत्री से 6 किमी दूर खरसाली राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक छोटा खूबसूरत गांव है। समुद्र तल से 2675 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खरसाली सर्दियों के दौरान देवी यमुना का घर माना जाता है, जब भारी बर्फबारी के कारण यमुनोत्री पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

प्राकृतिक झरनों और खूबसूरत वनस्पतियों से सजा यह स्थल ट्रैवलर्स के लिए एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉर्ट है। खारसाली में शनि भगवान का एक प्राचीन मंदिर भी है। शीतकाल के दौरान देवी यमुना की मूर्ति शनि देव मंदिर में स्थापित की जाती है। यहां प्रकृति प्रेमी से लेकर एडवेंचर के शौकीन आ सकते हैं।

जानकी चट्टी

जानकी चट्टी

PC- Anurag.vq

अन्य स्थलों के अलावा आप जानकी चट्टी के भ्रमण के लिए भी आ सकते हैं। समुद्र तल से लगभग 2650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थल अपने गर्म पानी के कुंडों लिए जाना जाता है। यमुनोत्री जाने से पहले इन कुंड के गर्म पानी में स्नान करना बहुत पवित्र माना जाता है। यह क्षेत्र इस पूरे इलाके का अंतिम गांव माना जाता है, जहां श्रद्धालुओं को आवसीय सुविधा प्रदान की जाती है।

यह पूरा इलाका पहाड़ी खूबसूरती से घिरा हुआ है। जानकी चट्टी चार धाम यात्रा के दौरान काफी महत्वपूर्ण स्थल बना जाता है, आगे के सफर को शुरू करने से पहले श्रद्धालु यहां आराम करने के लिए रूकते हैं।

 हनुमान चट्टी

हनुमान चट्टी

PC-Sumita Roy Dutta

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप हनुमान चट्टी की यात्रा का भी प्लान बना सकते हैं। यमुनोत्री से 13 किमी, जानकी चट्टी से 8 किमी और बरकोट से 36 किमी दूर हनुमान चट्टी उत्तरकाशी जिला का एक छोटा गांव है, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऊंचे-ऊचे पहाड़ों का परिदृश्य इस स्थल को खास बनाने का काम करता है। 2400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हनुमान चट्टी एक शांत स्थान है जो पर्यटकों को अच्छी आवास सुविधाएं प्रदान करता है।

यहां से आप नदी-पहाड़ों के अद्भुत दृश्यों का आनंद जी भरकर उठा सकते हैं। इस क्षेत्र में कई छोटे मंदिर स्थित हैं जिनमें सबसे उल्लेखनीय हनुमान मंदिर है। इसके अलावा हनुमान चट्टी एक लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थल भी है।

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