6 मार्च का दिन काफी खास रहा। हो भी क्यों न...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के अलग-अलग शहरों में कई परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। इन परियोजनाओं में प्रायोरिटी कॉरिडोर में आगरा मेट्रो का उद्घाटन, नमो भारत रेल के दूसरे खंड का उद्घाटन के साथ-साथ कोलकाता में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो का उद्घाटन करना भी शामिल था। जी हां, कोलकाता को हावड़ा से जोड़ने वाली ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का वह हिस्सा जो हुगली नदी के नीचे से होकर गुजरता है, का उद्घाटन हो चुका है।

ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड खंड का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने इसकी सवारी का भी लुत्फ उठाया। इस दौरान मौजूद स्कूली छात्रों से भी उन्होंने बातचीत की। अब महज 6 मिनट में लोग एस्प्लेनेड (धर्मतल्ला) से हावड़ा पहुंच सकते हैं। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के इस खंड में कितनी स्टेशनें हैं? मेट्रो का कितना किराया होगा? क्या-क्या खासियतें हैं मेट्रो के इस खंड की?
आइए विस्तार से आपको बताते हैं :
देश का सबसे गहरा स्टेशन
हावड़ा स्टेशन को सियालदह स्टेशन से जोड़ने वाली ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का सबसे प्रमुख स्टेशन हावड़ा मेट्रो स्टेशन है। यह स्टेशन देश का सबसे अधिक गहराई वाला स्टेशन है। इसे भारतीय रेल बोर्ड की तरफ से 'द डिपेस्ट सबवे स्टेशन' का खिताब दिया गया है। इस स्टेशन की गहराई 32.04 मीटर (108 फीट) है। इस भूमिगत स्टेशन के प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब 200 सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी पड़ेगी।

हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए यहां एस्केलेटर (चलमान सीढ़ी) भी लगायी गयी है। इस स्टेशन को ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का 'Key Station' बताया जाता है। मेट्रो के इस खंड के एक तरफ जहां दुनिया का सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन हावड़ा है, वही दूसरी ओर रेलवे के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्टेशन सियालदह मौजूद है।
कौन-कौन से हैं स्टेशन
- हावड़ा मैदान
- हावड़ा
- महाकरण
- एस्प्लेनेड
इसके अलावा ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के दूसरे स्टेशन जिनपर मेट्रो का संचालन पहले से ही किया जाता है, वे हैं सियालदह, फूल बगान, सॉल्ट लेक स्टेडियम, बंगाल केमिकल, सिटी सेंटर, सेंट्रल पार्क, करुणामई, सॉल्टलेक सेक्टर 5। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के 4.8 किमी लंबे खंड का उद्घाटन होने के बाद अब हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर 5, जो आईटी हब है, का सीधा संपर्क तैयार हो गया है।

बता दें, ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन अभी कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 15 मार्च (शुक्रवार) से आम यात्रियों के लिए इस लाइन को खोल दिया जाएगा। यानी हावड़ा मैदान से एस्प्लेनेड तक की ग्रीन लाइन मेट्रो का सफर 15 मार्च से शुरू होने वाला है।
कितना होगा किराया
- 2 से 5 किमी के लिए 10 रुपए
- 5 से 10 किमी के लिए 20 रुपए
- 10 से 16.05 किमी के लिए 30 रुपए

क्या हैं इस मेट्रो खंड की खासियतें
- 45 सेकंड में हुगली नदी के नीचे से 520 मीटर की दूरी तय कर कोलकाता को हावड़ा से जोड़ेगी।
- मेट्रो ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन सिस्टम (ATO) पर चलेगी।
- ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 16.6 किमी है, जिसमें से 10.8 किमी भूमिगत है। इसमें हुगली नदी के नीचे सुरंग वाला हिस्सा भी शामिल है।
- अंडरवाटर मेट्रो में लोगों को 5G इंटरनेट की सुविधा मिलेगी।
- हुगली नदी के नीचे मेट्रो का टनल भूकंप रोधी है।
- इस टनल में जरा भी पानी प्रवेश नहीं करेगी। इसे ऐसे तरीके से तैयार किया गया है कि अगर किसी कारणवश पानी प्रवेश करती है तो इसके गैसकेट खुद ही खुल जाएंगे।
- टनल खुदाई का काम 2017 में शुरू किया गया था और सुरंग का काम पूरा होने तक इसे रोका नहीं गया था। क्योंकि इससे धंसान का खतरा पैदा हो जाता।
- इस मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन होने के साथ ही कोलकाता का नाम पेरिस, लंदन, न्यूयॉर्क, शंघाई आदि शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है।
बता दें, देशभर में कोलकाता में ही सबसे पहले मेट्रो चलायी गयी थी। उस समय मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन किया जाता था जो पूरी तरह से भूमिगत था। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था। इसे पूरा होने में लगभग 13 सालों का समय लग गया है।



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