प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीयों के साथ जुड़ने व सम्पर्क स्थापित करने और उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस बार का प्रवासी भारतीय दिवस मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम 8 जनवरी से लेकर 10 जनवरी तक चलेगा, जो 17वां संस्करण होगा।
प्रवासी भारतीय दिवस के बारे में
प्रवासी भारतीय दिवस साल 2003 में 9 जनवरी को पहली बार दिल्ली में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम होता है। कार्यक्रम के दौरान अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि प्रदान करने के लिए प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। दरअसल, आज के ही दिन 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थें। इसीलिए इस कार्यक्रम की नींव रखी गई।

70 देशों के 3500 से अधिक प्रवासी भारतीय शामिल होंगे
इस बार के सम्मेलन का विषय "प्रवासी: अमृत काल में भारत की प्रगति में विश्वसनीय भागीदार" है। इसके लिए करीब 70 देशों के 3500 से अधिक प्रवासी सदस्यों ने पीबीडी सम्मेलन के लिए पंजीकरण कराया है। इसके तीन खंड होंगे। इसमें 8 जनवरी को युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ साझेदारी में युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन हुआ, जिसमें ऑस्ट्रेलिया की सांसद जनेटा मैस्करेनहास मुख्य अतिथि रहीं।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन
वहीं, 9 जनवरी को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पीबीडी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान गुयाना सहकारी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद इरफान अली (मुख्य अतिथि) और सूरीनाम गणराज्य के माननीय राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी (विशेष सम्मानित अतिथि) शामिल रहेंगे और सम्मेलन को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में एक स्मारक डाक टिकट 'सुरक्षित जाएं, प्रशिक्षित जाएं' जारी किया जाएगा, जो सुरक्षित, कानूनी, व्यवस्थित और कुशल प्रवासन के महत्व को रेखांकित करेगा।
डिजिटल प्रवासी भारतीय दिवस प्रदर्शनी का उद्घाटन
भारत की स्वतंत्रता में हमारे प्रवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उजागर करने के लिए प्रधानमंत्री "आजादी का अमृत महोत्सव" व "भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों का योगदान" विषय पर पहली बार डिजिटल प्रवासी भारतीय दिवस प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे। जी-20 की भारत की वर्तमान अध्यक्षता के मद्देनजर 09 जनवरी को एक विशेष टाउन हॉल भी आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023
इसके अलावा, कार्यक्रम के अंतिम दिन 10 जनवरी 2023 को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023 प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। यह पुरस्कार चुनिंदा भारतीय प्रवासी सदस्यों को उनकी उपलब्धियों को पहचानने और विभिन्न क्षेत्रों में भारत और विदेश दोनों में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
पीबीडी सम्मेलन में पांच विषयगत पूर्ण सत्र होंगे-
1. पहला पूर्ण सत्र युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में 'नवाचारों और नई प्रौद्योगिकियों में प्रवासी युवाओं की भूमिका' पर होगा।
2. दूसरा पूर्ण सत्र 'अमृत काल में भारतीय हेल्थकेयर इको-सिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @ 2047' पर होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में और विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह की सह-अध्यक्षता में होगा।
3. तीसरा पूर्ण सत्र 'भारत की नरम शक्ति का लाभ उठाना - शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना' पर होगा, जिसकी अध्यक्षता विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी करेंगी।
4. चौथा पूर्ण सत्र 'भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना - भारतीय डायस्पोरा की भूमिका' पर होगा, जिसकी अध्यक्षता शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे।
5. पांचवा पूर्ण सत्र 'राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी उद्यमियों की क्षमता का दोहन' पर होगा, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण करेंगी।
नोट - सभी पूर्ण सत्रों में प्रख्यात प्रवासी विशेषज्ञों को आमंत्रित कर पैनल चर्चा होगी।



Click it and Unblock the Notifications













