• Follow NativePlanet
Share
» »चक्रवात के चलते सबरीमाला के श्रद्धालुओं को मिली चेतावनी

चक्रवात के चलते सबरीमाला के श्रद्धालुओं को मिली चेतावनी

Written By: Namrata Shatsri

बीते दिन दक्षिण भारत ओखी नामक चक्रवात का शिकार है..जिससे तमिलनाडू केरला में भरी बारिश हो रही है। जिसके चलते सबरीमाला जाने वाले भक्तो की यात्रा थोड़ी सी मुश्किल हो गयी है।जिसके चलते सबरीमाला आने वाले श्रद्धालुओं को पंबा नदी में स्‍नान ना करने और डुबकी ना लगाने की चेतावनी दे दी गई है। इसके अलावा तीर्थयात्रियों को जंगल की ओर से ट्रैकिंग कर मंदिर ना जाने की भी चेतावनी दी है क्‍योंकि यहां पर भी तेज तूफान की वजह से कई पेड़ गिर गए हैं।

Sabarimala weather news

अज्हूथ और करीमाला के रूट पर रास्‍ता कीचड़ और फिसलन वाला हो गया है जिस वजह से तीर्थयात्रियों को खतरा है। श्रद्धालुओ को अपनी गाडियां और कार पेड़ों के नीचे पार्क करने के लिए मना किया गया है साथ ही किसी भी जलाशय के पास भी वाहन खड़ा करने से मना किया है।

अपनी इच्छा शक्ति को परखना है तो करें सबरीमला स्थित भगवान अय्यप्पा स्वामी मंदिर की यात्रा

सभी श्रद्धालुओं को शाम 6 बजे से 7 बजे तक मंदिर में प्रवेश करना वर्जित कर दिया गया है। सन्निधानम और पंबा से श्रद्धालुओं को दूर रखने के लिए कहा गया है और पेड़ों और जलाशय से भी दूर रहने की चेतावनी दी गई है। एलर्ट रहने तक नदी में नहाना और जंगल के रूट से जाना वर्जित है।

ओखी चक्रवात बंगाल की खाड़ी में तनाव की वजह से आता है जोकि केरल और तमिलनाडु की कई जगहों को तबाह कर सकता है। तूफानी मौसम के बीच केरल के कई दक्षिणी तट और क्षेत्र खतरे में हैं।

Sabarimala weather news

तमिलनाडु और केरल के कई जिलों में स्‍कूल और कॉलेजों में अवकाश की घोषण कर दी गई है। नागरिकों को जितना हो सके घर में रहने के लिए कहा गया है। मछुआरों को भी समु्द्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है इसलिए फिलहाल तिरुवनंतपुरम, कोल्‍लम, पठानमथिट्टा, इडुकि और कोट्टायम जिले में सफर ना करें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्‍खलन का खतरा भी बढ़ गया है। लक्ष्‍द्वीप में भारी बारिश हो रही है जिसके रविवार तक चलने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानियों के अनुसार ये चक्रवात लक्ष्‍द्वीप की ओर बढ़ रहा है इसलिए केरल और तमिलनाडु में भूस्‍खलन का खतरा कम है। हालांकि, कन्‍याकुमारी, ठुथुकुडी, तिरुवनंतपुरम के निचले क्षेत्रों और तटीय क्षेत्रों में पेड़ों के उखड़ने, बिजली के खंभे और कई घरों को क्षति पहुंची है।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more