पुणे में परिवहन संपर्क को बेहतर बनाने के लिए जुड़वा सुरंग बनाया जाएगा, जिसकी मंजूरी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिल चुकी है। 20 किमी लंबे जिस भूमिगत जुड़वा सुरंग बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, उसे अत्याधुनिक तकनीक की मदद से तैयार किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों ही पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) की साथ हुई मुख्यमंत्री फडणवीस की बैठक में यह प्रस्ताव दिया गया...
जिसमें उन्होंने अपनी तरफ से दिशा-निर्देश दे दिया है। इस बैठक में नासिक, नागपुर और छत्रपति संभाजी नगर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए।

कहां से कहां तक बनेगा यह जुड़वा सुरंग?
मिली जानकारी के अनुसार पुणे के येरवडा से कतराज तक 20 किमी लंबा भूमिगत सुरंग बनाया जाएगा। इस परियोजना में जुड़वा सुरंग बनाए जाएंगे। हर एक सुरंग में 3 लेन चौड़ी सड़क होगी। येरवडा से कतराज के बीच इस जुड़वा सुरंग में अलग-अलग जगहों पर 3 या 4 प्रवेश और निकास द्वार होंगे, जो महत्वपूर्ण सड़कों को इस जुड़वा सुरंग से जोड़ेंगे। बताया जाता है कि इस जुड़वा सुरंग को लगभग ₹7500 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।
बताया जाता है कि जुड़वा सुरंग पुणे में ट्रैफिक के बहाव को नियंत्रित करने के साथ-साथ शहर के उत्तर से दक्षिण के हिस्से में आवाजाही को भी सुगम बना देगा। इस जुड़वा सुरंग के बारे में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि येरवडा और कतराज के बीच आवाजाही को सुगम बनाने का काम यह जुड़वा सुरंग करेगी, जो इस समय शहर का सबसे अधिक घनत्व वाला इलाका है। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि यातायात संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ संरचनाओं को भी बेहतर किया जाए।
Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट में PMRDA के कमिश्नर योगेश म्हासे के हवाले से बताया गया है कि प्रबंधन ने मुख्यमंत्री फडणवीस के सामने जुड़वा सुरंग का प्रस्ताव रखा था, जिसे प्राथमिक तौर पर उन्होंने स्वीकार कर लिया है। अब हम इस जुड़वा सुरंग परियोजना के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, व्यवहार्यता अध्ययन आदि का काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह भूमिगत सुरंग परियोजना पुणे शहर के लिए एक गेम-चेंजर होगी।
बता दें, मुंबई में मुंबई महानगर विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा बनाए जा रहे कोस्टल रोड पर भूमिगत सुरंग रोड बनाया जा चुका है। अब उसके तर्ज पर ही पुणे में भी भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए PMRDA ने भी भूमिगत जुड़वा सुरंग बनाने का फैसला लिया है, जिसकी प्राथमिक मंजूरी भी राज्य सरकार से मिल चुकी है। म्हासे का कहना है कि इस टनल रोड को बनाने के लिए फंड का प्रस्ताव पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC), पिम्परी-चिंचवाड म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC), महाराष्ट्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण (MIDC) और PMRDA के सामने रखा जाएगा।
कब तक बनकर होगी तैयार?
म्हासे का कहना है कि हमने एक भूमिगत सुरंग और एलिवेटेड रूट दोनों का प्रस्ताव ही दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने भूमिगत सुरंग बनाने को ही प्राथमिकता दी है। हालांकि इस बैठक में जुड़वा सुरंग का निर्माण कार्य कब से शुरू होगा या इसे कब तक बनाकर पूरा करना होगा, इस बाबत कोई भी जानकारी नहीं दी गयी। लेकिन म्हासे का कहना है कि हम इस परियोजना को 3 सालों के अंदर, बिना ज्यादा प्रदूषण फैलाये और अत्यधिक भूमि अधिग्रहण का खर्च बढ़ाए ही पूरा करने की कोशिश करेंगे।
बता दें, इस बैठक में जुड़वा सुरंग परियोजना के अलावा ₹636.84 करोड़ की लागत से नए बन रहे पुरंदर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली सड़क, रंजनगांव और हिंजेवाडी के औद्योगिक ज़ोन में ₹203 करोड़ की लागत से सीमेंट की सड़क, सेंटर रोड विकास के लिए ₹1,526 करोड़ की मंजूरी दी गयी है। संभावना जतायी जा रही है कि दिन-प्रतिदिन खराब होती पुणे की ट्रैफिक परिस्थिति को बेहतर बनाने में एक गेम चेंजर का काम प्रस्तावित जुड़वा सुरंग परियोजना करने वाली है।



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