ट्रैफिक जाम या ट्रैफिक जाम में फंसकर घंटों का समय बर्बाद होने की बात जब भी होती है, तो सबसे पहला नाम बेंगलुरु का आता है। लेकिन ट्रैफिक की वजह से देश के सबसे ज्यादा धीमी रफ्तार वाले शहरों की लिस्ट में बेंगलुरु का नाम पहले नहीं बल्कि दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर है पुणे का नाम। तो पहले नंबर पर कौन है?
आम धारणा तो यह है कि बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम में फंसने की वजह से कर्मचारियों अक्सर ऑफिस पहुंचने में देर हो जाती है, जिस कारण वहां अधिकांश कंपनी अपने कर्मियों को Work From Home की सुविधा भी मुहैया करवाती है। बेंगलुरु ट्रैफिक जाम में फंसे निजी कंपनियों के कर्मियों का अपनी गाड़ी या बाईक पर बैठे-बैठे ही लैपटॉप पर मीटिंग करना या ऑफिस के जरूर काम निपटाने का वीडियो भी अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होता है। लेकिन...

मजे की बात तो यह है कि ट्रैफिक जाम के मामले में पिछले साल के मुकाबले इस साल पुणे की हालत कहीं ज्यादा बेहतर हुई है। लेकिन बेंगलुरु की स्थिति में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि इस बात का पता TomTom Traffic Index की रिपोर्ट से चला है। दुनिया भर के कई देशों में किये गये सर्वेक्षणों के आधार पर tomtom.com ने ट्रैफिक इंडेक्स जारी किया है, जिसके पूरा विश्लेषण हम आगे करने वाले हैं।
दुनिया के टॉप 5 सबसे धीमी शहर
TomTom Traffic Index - 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के टॉप 5 सबसे धीमी शहरों में 3 शहर भारत से, 1 कोलंबिया और 1 ब्रिटेन है। ट्रैफिक इंडेक्स के अनुसार भारत के शहर टॉप 5 सबसे धीमी शहरों की लिस्ट में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। इनमें दुनिया के सबसे धीमी तीसरी शहर बेंगलुरु, चौथी शहर पुणे है। भारत में इन दोनों शहरों का स्थान क्रमशः दूसरा और तीसरा है। तो पहला कौन है?

देश में सबसे धीमी रफ्तार वाला शहर कौन?
TomTom Traffic Index की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे धीमी रफ्तार वाला शहर है कोलकाता। जी हां, सुनकर ही अजीब लगा न...Citi of joy कोलकाता, जहां ट्रैफिक से जुड़ी परेशानियों के बारे में बातें न के बराबर होती है, उस शहर में लगता है सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम। कोलकाता देश में पहला और पूरी दुनिया में दूसरा ऐसा शहर है जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है।
इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2024 में कोलकाता में 10 किमी का रास्ता तय करने में लोगों को औसतन 34 मिनट 33 सेकेंड का समय लगा है, जो पिछले साल (2023) के मुकाबले लगभग 10 सेकेंड ज्यादा है। कोलकाता में साल 2024 में लोगों ने लगभग 110 घंटे का समय ट्रैफिक जाम में ही बिता दिया है। पिछले साल (2024) यहां जाम का स्तर 32% बताया गया है।
दुनिया के टॉप 5 सबसे अधिक ट्रैफिक जाम वाले शहर
| रैंकिंग | शहर | 10 किमी जाने में लगने वाला औसत समय | 2023 से हुआ बदलाव | जाम का स्तर | ट्रैफिक जाम में बीतने वाला समय (सालभर में) |
| 1. | बरांक्यीला (कोलंबिया) | 36 मिनट और 6 सेकंड | 20 सेकंड कम | 45% | 130 घंटा |
| 2. | कोलकाता (भारत) | 34 मिनट और 33 सेकंड | 10 सेकंड ज्यादा | 32% | 110 घंटा |
| 3. | बेंगलुरु (भारत) | 34 मिनट और 10 सेकंड | 50 सेकंड ज्यादा | 38% | 117 घंटा |
| 4. | पुणे (भारत) | 33 मिनट और 22 सेकंड | 1 मिनट कम | 34% | 108 घंटा |
| 5. | लंदन (ब्रिटेन) | 33 मिनट और 17 सेकंड | 40 सेकंड ज्यादा | 32% | 113 घंटा |
इसके अलावा इस लिस्ट में जापान का क्योतो शहर 6वें नंबर, पेरु का लिमा शहर 7वें, फिलिपिंस का दवाओ सिटी 8वें, पेरु का ट्रूजिलो 9वें और आयरलैंड का डबलीन 10वें नंबर पर है। इन शहरों में से किसी में एक व्यक्ति 1 साल में 155 घंटा तो कहीं 102, 136 या 95 घंटा औसतन ट्रैफिक जाम में फंसकर बिताया है।
बता दें, TomTom Traffic Index का सर्वेक्षण दुनियाभर में फैले 6 महादेशों के 62 देशों के करीब 500 शहरों पर किया गया है। इस लिस्ट में हैदराबाद का स्थान दुनिया में 18वां और देश में चौथा, चेन्नई दुनिया में 31वां और देश में 5वां, मुंबई दुनिया में 39वां और देश में छवां, अहमदाबाद दुनिया में 43वां और देश में 7वां तथा एर्नाकुलम का स्थान दुनिया में 50वां और देश में 8वां है।



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