पिछले काफी समय पहले ही पुणे में बनाया गया तितली के आकार वाला बटरफ्लाई ब्रिज बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है। यह बटरफ्लाई ब्रिज चिंचवाड और थेरगांव के बीच बनाया गया है, लेकिन ब्रिज बनने का काम पूरा होने के बावजूद अभी तक इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए नहीं खोला गया है। पवना नदी पर बनाए गये इस ब्रिज को खोल देने से इलाके में लोगों को नदी पार करने में काफी ज्यादा सुविधा होगी।
लेकिन पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन जिस प्रकार से इस परियोजना का संचालन कर रही है, वह स्थानीय लोगों में नाराजगी की वजह बनता जा रहा है। इस ब्रिज को अभी तक न तो खोला गया है और न ही हाल फिलहाल इसे खोलने की कोई योजना बनायी गयी है।

Pune Mirror की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार चिंचवाड और थेरगांव के बीच बना यह बटरफ्लाई ब्रिज लगभग डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हो चुका है। थेरगांव के विकास कार्यों के एक हिस्से के तौर पर लगभग 18 मीटर चौड़ी सड़क वाले स्टील से बने इस ब्रिज का निर्माण किया गया था। यह ब्रिज मोर्या गोसावी मंदिर के पास मौजूद है, जो थेरगांव और चिंचवाडगांव को जोड़ता है।
बताया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान आधिकारिक रूप से म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इस ब्रिज के निर्माण का टेंडर जारी किया था। उस समय इस ब्रिज को ₹25.19 करोड़ की लागत से बनाया जाना निर्धारित किया गया था। ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग 7 साल पहले ही शुरू हो गया था। अधिकारियों का दावा है कि ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है लेकिन अभी तक ब्रिज के एक तरफ की सड़क बनकर तैयार नहीं हुई है। बताया जाता है कि म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बाकी बचे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य बनाया है।
ब्रिज की विशेषताएं
- पवना नदी पर बनाया गए इस ब्रिज का आकार तितली की तरह होने की वजह से ही इसे बटरफ्लाई ब्रिज कहा जाता है।
- इस ब्रिज की लंबाई करीब 107 मीटर और चौड़ाई कुछ जगहों पर 18 मीटर और कुछ जगहों पर 28.20 मीटर है।
- सबसे बड़ी खास बात है कि हावड़ा ब्रिज की तरह से बटरफ्लाई ब्रिज में भी नदी के ऊपर से गुजरने वाला हिस्से में एक भी खंभा नहीं बनाया गया है। इस वजह से पवना नदी के बहाव में इस ब्रिज की वजह से कोई बाधा नहीं पहुंचती है।
बता दें, वर्तमान में पवना नदी पर दो ब्रिज थेरगांव और चिंचवाड को जोड़ने का काम करती है। इनमें एक एक बड़ा ब्रिज है, जो बिड़ला अस्पताल के पास है। दूसरा ब्रिज थोड़ा छोटा और पतला है, जो धनेश्वर मंदिर के पास है। इस ब्रिज से होकर भारी वाहन आवाजाही नहीं कर पाते हैं। बताया जाता है कि प्रसूनधाम के ठीक बगल में बन रहा नया ब्रिज ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियों को कम करेगा।
इसके साथ ही यह ब्रिज चिंचवाड, थेरगांव और पिम्परी को जोड़ने का काम करेगा। बताया जाता है कि कुछ समय के विलंब के बाद एक बार फिर से इस ब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है और प्रशासन की तरफ से आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।



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