अगर आप पुणे रेलवे स्टेशन से होकर सफर करते हैं, तो आपने जरूर गौर किया होगा कि स्टेशन पर अक्सर भारी भीड़ जमा रहती है। यह समस्या तब और भी विकट हो जाती है जब साथ में कोई छोटा बच्चा हो और ढेर सारा सामान लेकर यात्रा करनी हो। यात्रियों की इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही भारतीय रेलवे प्रबंधन ने पुणे के खड़की रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म को ऊंचा करने का काम शुरू कर दिया है।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफार्म को ऊंचा करने का काम एक बार पूरा हो जाता है तो इस स्टेशन से ट्रेनें भी खुलेगी जिससे पुणे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

रेलवे ने दिया ₹35 करोड़ का फंड
Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पुणे के खड़की रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और प्लेटफार्म को ऊंचा करने के लिए रेलवे बोर्ड ने ₹35 करोड़ का आवंटन दिया है। इसके बाद ही खड़की स्टेशन पर प्लेटफार्म को ऊंचा करने के काम में भी तेजी आ गयी है।
बताया जाता है कि वर्तमान में प्लेटफार्म नंबर 3 को ऊंचा किया जा रहा है। मुख्य तौर पर पुणे रेलवे स्टेशन पर बढ़ते यात्रियों और ट्रेनों के दबाव को कम करने के लिए ही रेलवे प्रबंधन ने खड़की और हदस्पर रेलवे टर्मिनल को विकसित करने का फैसला लिया है।
कौन सी ट्रेनें खुलेंगी यहां से?
रेलवे अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि खड़की रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म को ऊंचा करने का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है, जिसे पूरा होने में लगभग 2 महीने का समय लगेगा। इस काम के पूरा होने के बाद दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों को खड़की स्टेशन पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यानी जल्द ही दक्षिण भारतीय शहरों के लिए खुलने वाली ट्रेनें पुणे स्टेशन से नहीं बल्कि खड़की स्टेशन से खुलेंगी।
इस बारे में पद्मसिंह जाधव, अतिरिक्त डिविजनल रेलवे मैनेजर, पुणे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खड़की स्टेशन पर एक नया कोचिंग टर्मिनल बनाया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास के पहले चरण में प्लेटफार्म की ऊंचाई को बढ़ाया जा रहा है। इसकी वजह से योजना बनायी गयी है कि यहां से यात्री ट्रेनों को भी रवाना किया जाएगा, जो यात्रियों के लिए ही फायदेमंद साबित होगा।

बता दें, वर्तमान में पुणे स्टेशन के होम सिग्नल पर बड़ी संख्या में ट्रेनों को प्लेटफार्म खाली होने के इंतजार में खड़ी रहनी पड़ती है, जिससे 20 से 25 मिनट का विलंब हो जाता है। लेकिन खड़की स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन शुरू करने के बाद पुणे स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव महज 5 से 10 मिनट के लिए होगा, जिससे प्लेटफार्म पाने में कहीं ज्यादा आसानी होगी।
यात्रियों ने भी कहा, मिलेगी राहत
काम के सिलसिले में हर 2-3 महीने के अंतराल में पुणे से दक्षिण भारतीय शहरों जैसे चेन्नई, बेंगलुरु और मैसूर आदि की यात्रा करने वाले यात्रियों का मानना है कि पुणे स्टेशन हमेशा भीड़ से ठसाठस भरी रहती है। प्लेटफार्म ढूंढना, लंबी कतारों में खड़े होना और अगर आखिरी पलों में किसी कारणवश ट्रेन का प्लेटफार्म बदल दिया जाए तो भीड़ की वजह से तनाव काफी बढ़ जाता है।
यह समस्या तब और भी बढ़ जाती है जब साथ में सामान या महिला सहकर्मी या परिवार और बच्चे हो। अगर ट्रेनें पुणे स्टेशन के बजाए खड़की स्टेशन से खुलेगी तो यात्रियों के लिए भी यह बहुत बड़ी राहत की बात होने वाली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में खड़की स्टेशन से ट्रेनें तो खुलती हैं लेकिन उनमें से अधिकांश ट्रेनें ही लोकल ट्रेनें होती हैं। महाराष्ट्र के जिन शहरों के लिए खड़की स्टेशन से लोकल ट्रेनें खुलती हैं उनमें शामिल हैं - लोनावला, तालेगांव व अन्य। हालांकि पुणे स्टेशन से खुलने वाली ट्रेनें जो दक्षिण भारतीय शहरों तक जाती हैं, उनमें से कई ट्रेनें खड़की स्टेशन से होकर गुजरती हैं। इन ट्रेनों का कुछ मिनटों का ठहराव खड़की स्टेशन पर भी होता है।



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