पुणे के पास बन रहा है ग्लास स्काईवॉक (Glass Skywalk)। इस ग्लास स्काईवॉक अथवा ग्लास ब्रिज की लंबाई महाराष्ट्र में मौजूद सभी ग्लास स्काईवॉक से ज्यादा होने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार इस ग्लास स्काईवॉक को लायन प्वाएंट और टाइगर प्वाएंट विकास परियोजना के तहत बनाया जा रहा है। इस बारे में पुणे मेट्रोपॉलिटन रिजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMRDA) के चीफ इंजीनियर अशोक भालकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस एक शानदार पर्यटन स्थल के रूप में बनाया और विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस ग्लास स्काईवॉक को इंग्लैंड में स्थित एरिज़ोना के ग्रैंड कैनयान स्काईवॉक के तर्ज पर बनाया जा रहा है। लेकिन पुणे के पास कहां बन रहा है ग्लास स्काईवॉक? कितनी होने वाली है इसकी लंबाई?

कहां बन रहा है ग्लास स्काईवॉक?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार PMRDA इस ग्लास स्काईवॉक या ग्लास ब्रिज का निर्माण पुणे के पास लोनावला में कर रही है। पुणे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र सहयाद्री की पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो साल के अधिकांश समय हरियाली से भरा रहता है।
यहां बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सुन्दरता को एंजॉय करने के लिए आते रहते हैं। पुणे और आसपास की जिन जगहों पर सबसे ज्यादा संख्या में पर्यटक आते हैं, उनमें लोनावाला भी शामिल है। ऐसे में यहां पर ग्लास ब्रिज या ग्लास स्काईवॉक का निर्माण करना निश्चित रूप से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
कितनी होगी ग्लास स्काईवॉक की लंबाई?
बताया जाता है कि ग्लास स्काईवॉक की लंबाई लगभग 125 मीटर होगी जो 6 मीटर चौड़ा होगा। यह ग्लास स्काईवॉक महाराष्ट्र में सबसे लंबा होने वाला है। इस बारे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का कहना है कि यह स्काईवॉक महाराष्ट्र में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के तौर पर उभरने वाला है।
ग्लास स्काईवॉक को बनाने के संबंध में सभी आवश्यक मंजूरियां ली जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस ग्लास स्काईवॉक निर्धारित समय के अंदर ही पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कब तक पूरा होगा लोनावला में ग्लास स्काईवॉक बनाने का काम?

राज्य सरकार ने लोनावला में जून 2027 तक ग्लास स्काईवॉक समेत ₹909 करोड़ की इस पूरी परियोजना को संपन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बारे में PMRDA के अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्र में 20.90 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण और अन्य सभी प्रमुख व प्राथमिक अनुमतियां पिछले साल ही ली जा चुकी हैं।
भूमि अधिग्रहण के लिए प्रबंधन में वन विभाग को ₹5.25 करोड़ का भुगतान भी कर दिया है। बताया जाता है कि इस पूरी परियोजना को लोनावला के पास कुर्वांडे गांव में पूरा किया जाएगा जिसमें लायन प्वाएंट और टाइगर प्वाएंट के बीच 90 मीटर लंबी और 6 मीटर चौड़ी ब्रिज का निर्माण भी शामिल है।
अशोक भालकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस परियोजना का काम इस साल शुरू होने की उम्मीद की जा रही है, जिसे जून 2027 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया जाता है कि राज्य सरकार द्वारा संरचनाओं के निर्माण के लिए आवंटन करते ही इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस परियोजना के एक हिस्से के तौर पर 11 किमी सड़क को 45 मीटर चौड़ा बनाना भी शामिल है जो A1 चिक्की को स्काईवॉक से जोड़ेगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्तमान ओल्ड मुंबई-पुणए हाईवे को चौड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही मुल्शी और लोनावला के बीच एक एलीवेटेड फ्रीवे भी बनाया जाएगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से इस परियोजना को जोड़ने के लिए एक मिसिंग लिंक का निर्माण भी किया जाएगा।
पर्यटकों के लिए कौन सी खास सुविधाएं?
- 5000 वर्ग मीटर का रूफटॉप कैफे
- 1000 लोगों के बैठने योग्य एफीथिएटर
- एडवेंचर स्पोर्स्ट्स की सुविधा
- 1600 चार पहिया गाड़ियों व 2000 दो पहिया के लिए पार्किंग
News 18 की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि यह परियोजना 8.7 हेक्टेयर के क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसमें एंट्री गेट, टिकट केबिन, फुड पार्क, रूपटॉप कैफे, व्यूइंग गैलरी, रेस्टरुम, गेजबोज आदि बनाए जाएंगे। ये सभी संरचनाएं लायन और टाइगर प्वाएंट के बीच में बनाए जाने वाले हैं। यहां जो एडवेंचर एक्टिविटी करवायी जाएगी, उनमें शामिल है जिप लाइन, स्केयरी ड्रॉप, फेरिस व्हील के साथ ही लाइट एंड साउड शो भी यहां होने वाला है।



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