महाराष्ट्र में पुणे से शिरुर के बीच हाईवे निर्माण का काम इस के मध्य तक शुरू होने के आसार है। मीडिया रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSIDC) के अधिकारियों के हवाले से की गयी है। मीडिया से बात करते हुए MSIDC के अधिकारियों ने बताया इस एलिवेटेड हाईवे के निर्माण का काम शुरू करने के लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है।
उम्मीद की जा रही है कि इस साल के मध्य तक इस हाईवे का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बताया जाता है कि पुणे से शिरुर के बीच जिस रूट से वर्तमान में आवाजाही की जाती है, उसमें बड़ी संख्या में गड्डे हो गये हैं। इस वजह से गाड़ियों को आवाजाही करने में विलंब होता है। नई एलिवेटेड हाईवे का निर्माण होने से पुणे से शिरुर के बीच की दूरी को कम समय में तय किया जा सकेगा।

Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पुणे से शिरुर के बीच एलिवेटेड हाईवे 53.4 किमी लंबा होने वाला है, जो 6 लेन चौड़ा होगा। संभावना जतायी जा रही है कि इस साल जून-जुलाई तक इस हाईवे का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। संबंधित विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस एलिवेटेड हाईवे के निर्माण के लिए टेंडर सौंपने का काम अप्रैल या मई के महीने तक पूरा कर लिया जाएगा।
वास्तविक निर्माण कार्य जून-जुलाई में शुरू किया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करते हुए महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने अपने भाषण में कहा था कि पुणे के संरचनात्मक विकास के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड हाईवे महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
MSIDC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 41 हेक्टेयर की जमीन में अगले 4 सालों में इस एलिवेटेड हाईवे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह एलिवेटेड हाईवे पुणे से शिरुर के बीच के यातायात संपर्क को बदलने के साथ-साथ समृद्धि महामार्ग और छत्रपति संभाजीनगर को भी जोड़ेगा। बताया जाता है कि इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा, जिसके अगले 30 सालों तक देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी के पास होगी। इसके लिए राज्य सरकार से कोई फंड नहीं लिया जाएगा।

पिछले साल मार्च के महीने में केंद्र व राज्य सरकार ने एक करार पर हस्ताक्षर किया, जिसके बाद इस परियोजना को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से MSIDC के पास स्थानांतरित कर दिया गया। NHAI ने पहले टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया था, लेकिन उसे रद्द कर अब MSIDC ने फिर से टेंडर आमंत्रण की प्रक्रिया को शुरू किया है।
बताया जाता है कि यह हाईवे 2 चरणों में बनाया जाएगा, जिसका पहला चरण खर्दी जंक्शन से शिरुर बाईपास तक 53.4 किमी लंबा होगा। इस चरण को लगभग ₹7514 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित किया जा रहा है।
इस हाईवे का दूसरा चरण शिरुर बाईपास से संभाजीनगर तक होगा, जिसकी लंबाई करीब 192.5 किमी होगी। हाईवे के दूसरे चरण के निर्माण की आनुमानिक लागत ₹14,886 करोड़ होने की संभावना है। हाईवे के इस चरण के लिए अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार किया जा रहा है।



Click it and Unblock the Notifications














