पुणे के ऐतिहासिक और प्राकृतिक नजारों से भरपूर जगहों के बारे में तो आपने जरूर देखा और जाना होगा। लेकिन क्या कभी किसी 'आम आदमी' की दुनिया में झांक कर देखा है? नहीं न...तो चलिए आज हम आपको बताते हैं एक आम आदमी की खास दुनिया का पता। बचपन में दूरदर्शन पर आने वाले सीरियल 'मालगुडी डेज' तो याद होगा ही आपको। कुछ आम से लोगों की कहानी का ताना-बाना।
हम बात कर रहे हैं उसी खास इंसान के बारे में जिसने इस कहानी को अपनी कार्टून के जरिए जीवंत बनाया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण और उनको समर्पित 'R. K. लक्ष्मण म्यूजियम' के बारे में। अगर आप पुणे में रहते या घूमने जाने वाले हैं तो ऐतिहासिक जगहों और किलों के साथ-साथ इस म्यूजियम को भी अपनी मस्ट वीजिट की लिस्ट में जरूर शामिल कर लें।
एक आम से दिखने वाले खास इंसान
आर के लक्ष्मण किसी आम नहीं बल्कि एक बेहद खास इंसान का नाम है। अपने 70 सालों के जीवन के दौरा लक्ष्मण ने 35,000 से ज्यादा कार्टून बनाएं लेकिन उनका सबसे प्रसिद्ध कार्टून किरदार 'A Comman Man' रहा। आर के लक्ष्मण का निधन वर्ष 2015 में हो गया। इसके ठीक 1 साल बाद पुणे नगरनिगम की ओर से बलेवडी में उनके व उनके बड़े भाई आर के नारायण (मालगुडी डेज के लेखक) पर आधारित एक म्यूजियम बनाया गया।
वर्ष 2022 में इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। आज यह म्यूजियम पुणे में घूमने की एक प्रमुख जगह बन गया है। इस म्यूजियम में घूमने के बाद ही समझ में आता है कि कैसे आर के लक्ष्मण का ब्रश और कलम के साथ उनका सेंस ऑफ ह्यूमर उन्हें अपने क्षेत्र का माहिर बनाता है।
कॉमन मैन का पुतला
इस म्यूजियम में कई तरह की गैलरियां हैं, जिसके साथ ही 2 ऑडियो-विजुअल रूम भी हैं। लेकिन यहां घूमने आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा म्यूजियम की छत पर खड़े कॉमन मैन का पुतला करता है। आर के लक्ष्मण ने महाराष्ट्र पुलिस और अपने सबसे लोकप्रिय किरदार द कॉमन मैन पर अनगिनत कार्टून बनाएं हैं। इन सभी कार्टून को एक जगह पर प्रदर्शित करना बड़ा ही मुश्किल है।
इसलिए लक्ष्मण के कुछ कार्टून को म्यूजियम की दीवारों पर भी प्रदर्शित किया जाता है। म्यूजियम के प्रवेश द्वार पर एक बार फिर से कॉमन मैन की विशाल पेंटिंग देखने को मिलेगी, जिसके साथ ही पर्यटकों के लिए लिखा एक नोट भी यहां मिलेगा। इस नोट में इस बात का जरूर जिक्र किया हुआ है कि यहां कुछ ऐसे कार्टून और आर के लक्ष्मण के बारे में जानकारियां भी मिलेंगी, जो दुनिया में और कहीं नहीं मिलेगी।
कई गैलरियों में बंटा है म्यूजियम
आर लक्ष्मण म्यूजियम को कई गैलरियों में बांटा गया है। इसमें से एक गैलरी आर के लक्ष्मण के जीवन पर भी आधारित है। यहां उनका बचपन कैसे बीता से लेकर बड़े भाई और दिग्गज लेखक आर के नारायण के साथ उनके रिश्तों के बारे में भी बताया गया है। आर के नारायण की किताबों के लिए कार्टून चित्र बनाने के साथ ही आर के लक्ष्मण ने अपने कॅरियर की शुरुआत की थी।
इसके अलावा म्यूजियम का एक हिस्सा भगवान गणेश को भी समर्पित है, जहां आर के लक्ष्मण ने भगवान गणेश का कई अलग-अलग रूपों में चित्र बनाया है। इसके अलावा एक सेक्शन ऐसा भी है जिसमें आर के लक्ष्मण की बच्चों के लिए बनायी गयी कार्टून देख सकेंगे।
कौओं का रखा करते थे नाम
क्या आपको पता है आर के लक्ष्मण का पसंदीदा पक्षी क्या था? जवाब है कौआ। जी हां, आर के लक्ष्मण के जीवन का एक बड़ा हिस्सा कौओं के बारे में अध्ययन करते हुए ही बीता था। वह न सिर्फ अलग-अलग कौओं को पहचान पाते थे बल्कि वह उनके नाम भी रखते थे। आर के लक्ष्मण द्वारा बनाए चित्रों के अलावा इस म्यूजियम का एक कमरा उनके इस पसंदीदा पक्षी को भी समर्पित किया गया है। इस हिस्से को कौओं की कई तरह के मॉडल से सजाया गया है जिसमें कौए अलग-अलग गतिविधियां करते नजर आते हैं।
इसके अलावा यहां 2 अलग-अलग ऑडियो-वीडियो शो होते हैं। इसमें से पहला आर के लक्ष्मण के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री है। वहीं दूसरा लाइट एंड साउंड शो है जिसमें उनके द्वारा मालगुडी डेज के लिए बनाये गये कार्टूनों को भी देखने का मौका मिलता है। इसी शो में आर के लक्ष्मण द्वारा 20 दिसंबर 2014 को बनायी उनकी अंतिम स्केच को भी दिखाया जाता है। यह स्केच भारत के मंगल अभियान पर बनाया गया था।
क्या है Timing और एंट्री फीस?
पुणे में स्थित आर के लक्ष्मण म्यूजियम सप्ताह के 6 दिन सुबह 10 से शाम को 5 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को मेंटेनेंस आदि कार्यों की वजह से म्यूजियम को बंद रखा जाता है। सिर्फ म्यूजियम में घूमने के लिए एंट्री फीस ₹50 है और अगर आप म्यूजियम के साथ-साथ लाइट एंड साउंड शो का आनंद भी उठाना चाहते हैं तो उसके लिए ₹100 का एंट्री शुल्क चुकाना पड़ेगा। म्यूजियम का टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन काउंटर दोनों पद्धति से ही उपलब्ध है।



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