पुणे में स्थापित होने वाली है छत्रपति शिवाजी महाराज की 60 फीट ऊंची मिश्र धातु (Bronze) से बनी प्रतिमा। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों ही पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) ने इस प्रतिमा के फिर से रखे गये प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी PMC की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में दी गयी। बताया जाता है कि पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को स्थापित करने के पिछले प्रस्ताव के मुकाबले इस बार का प्रस्ताव में प्रतिमा के आकार में लगभग 3 गुना का फर्क आया है।
इस प्रतिमा को कहां स्थापित किया जाएगा, उसके जगह का निर्धारण भी हो चुका है। जिस स्थान पर इस प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा, उसे सजा-संवार कर पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाने की योजना भी बनायी गयी है।
कहां स्थापित होगी मूर्ति?
The Bridge Chronicle की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पुणे में चांदनी चौक फ्लाईओवर के ठीक बगल में बवधन खुर्द में सर्वे नंबर 19 और 20 पर मौजूद म्यूनिसिपल की 5554 वर्गमीटर की जमीन पर छत्रपति शिवाजी महाराज की इस 60 फीट की प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। यह जगह मुल्शी को कोथरुड और सातारा को मुंबई से जोड़ने वाली नेशनल हाईवे के सर्विस रोड के पास स्थित है।
इस जगह का सुन्दरीकरण भी किया जाएगा, ताकि यहां पर्यटकों का आना-जाना लगा रहे। बताया जाता है कि पिछली बार छत्रपति शिवाजी महाराज की 20 फीट ऊंची प्रतिमा को स्थापित करने को मंजूरी दी गयी थी। लेकिन अब उसे लगभग 3 गुना बढ़ाकर 60 फीट की कर दी गयी है।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अभी जो ब्लूप्रिंट तैयार हुआ है, उसमें पत्थरों के आवरण वाला मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। कमल के फूल के आकार का एक फव्वारा होगा, 17 फीट ऊंचे मंच पर 20 फीट की ब्रोंज से बनी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। यहां पैदल चलने के लिए लाल और पीले रंग के पत्थरों से सजाया हुआ रास्ता बनाया जाएगा, जिसकी एक तरफ सीमेंट कंक्रिट की बनी दीवार होगी और दूसरी तरफ चहारदीवारी होगी। इस बगीचे में कई तरह के सजावटी पेड़ व पौधे लगाने की योजना भी बनायी गयी है।
कितनी होगी लागत?
बताया जाता है कि पहले ब्रोंज मिश्र धातु से बनी छत्रपति शिवाजी महाराज की इस प्रतिमा को स्थापित करने के लिए PMC की स्टैंडिंग कमेटी ने ₹6.56 करोड़ का अनुमोदन दिया था। लेकिन लंबा समय बीत जाने की वजह से अब इस परियोजना के लिए अनुमोदित राशि को बढ़ाकर ₹7.60 करोड़ कर दिया गया है। बताया जाता है कि इससे पहले जब 20 फीट की प्रतिमा को स्थापित करने का फैसला लिया गया था, तब स्थानीय लोगों ने आपत्ति जतायी थी।
उनका कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक महत्व के साथ 20 फीट की प्रतिमा मेल नहीं खा रही है। बाद में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और PMC को शिवाजी महाराज की 60 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की सलाह दी।
कहा जाता है कि इसके बाद ही PMC ने अपनी योजना में परिवर्तन किया और अब 20 फीट की जगह पर 60 फीट ऊंची मिश्र धातु से बनी, लगभग 23,760 किलो वजनी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला लिया है।



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