भारतीय रेलवे नेटवर्क एशिया में विशेष स्थान रखता है। यात्रियों की सेवा में लगातार तत्पर रहने वाली भारतीय रेलवे छोटे से छोटे गांव को राजधानी दिल्ली समेत देश के हर एक कोने से जोड़ने का काम करती है। इस नेटवर्क में कई फेमस और आश्चर्यजनक स्टेशन भी हैं। ऐसा ही एक स्टेशन बिहार में भी है। इस स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 1 से 2 पर आने वाले यात्रियों को रिक्शा लेने की जरूरत पड़ती है, क्योंकि...

इन दोनों प्लेटफार्मों के बीच की दूरी करीब 2 किमी की है। इस वजह से यात्रियों को भारी मशक्कत भी करनी पड़ती है। इस जंक्शन स्टेशन पर ढूंढने पर भी आपको प्लेटफार्म नंबर 1 कहीं नहीं मिलेगा, बल्कि प्लेटफार्म की शुरुआत प्लेटफार्म नंबर 2 से ही होती है। अगर आपकी ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 1 से छुटनी होगी तो 2 किमी दूर स्थित स्टेशन के दूसरे हिस्से में आपको पहुंचना पड़ेगा।
कौन सा है यह अनोखा स्टेशन
बिहार के बेगुसराय जिले में स्थित प्रसिद्ध बरौनी जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर 1 है ही नहीं। लोग यहां आकर कई बार कन्फ्यूज भी हो जाते हैं और प्लेटफार्म नंबर 1 ढूंढने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन उन्हें नहीं मिलती है। इस स्टेशन पर 9 प्लेटफार्म हैं और ट्रेन हमेशा प्लेटफार्म नंबर 2 से 9 से ही खुलती है और उसी की अनाउंसमेंट भी की जाती है।
यह स्टेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक समय पटना जाने के लिए यह एकलौता रेलवे कनेक्शन हुआ करता था। इस अजीबो-गरीब स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहुंचने के लिए आपको 2 किमी दूर दूसरे स्टेशन पर जाना पड़ता है। बरौनी स्टेशन पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर डिविजन का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है।

क्यों नहीं है प्लेटफार्म नंबर 1
बरौनी जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर 1 क्यों नहीं है, यह जानने से पहले यह जानते हैं कि यह स्टेशन कब बना? मिली जानकारी के अनुसार इस स्टेशन का निर्माण 1883 में अंग्रेजों के जमाने में हुआ था। जब इस स्टेशन को बनाया गया था, उस समय यहां प्लेटफार्म नंबर 1 से ही शुरू होती थी। तब प्लेटफार्म नंबर 1 का ज्यादातर समय इस्तेमाल मालगाड़ियों को खड़ी करने के लिए किया जाता था।
इस वजह से स्थानीय लोगों ने शिकायत भी दर्ज करवानी शुरू कर दी थी। जिस समय यह रेलवे स्टेशन बना था, तब इसका निर्माण काफी कम जमीन पर किया गया था और रेलवे के पास इतनी जमीन नहीं थी कि इस स्टेशन पर दूसरी प्लेटफार्म का विस्तार किया जा सके। इसलिए बाद में रेलवे ने एक नया बरौनी स्टेशन बनाने का फैसला लिया।

2 किमी दूर बना नया स्टेशन
2 किमी दूर बरौनी जंक्शन का नया स्टेशन जब बनाया गया तो वहां प्लेटफार्म नंबर 1 से ही बनाया गया था। लेकिन अब समस्या यह हो गयी कि मात्र 2 किमी की दूरी पर एक ही नाम से रेलवे के 2 स्टेशन बन गये थे। एक स्टेशन जिसमें सिर्फ 1 ही प्लेटफार्म था और दूसरा बड़ा स्टेशन। इसलिए रेलवे ने फैसला लिया कि नये वाले स्टेशन से प्लेटफार्म नंबर 1 को हटा दिया जाएगा।
इस तरह बरौनी का नया स्टेशन (जो वर्तमान में जंक्शन भी है) में प्लेटफार्म की संख्या 2 से शुरू हुई। समय के साथ प्लेटफार्मों की संख्या बढ़कर 9 पर पहुंच गयी लेकिन प्लेटफार्म नंबर 1 स्टेशन से 2 किमी दूर ही रहा। इस प्लेटफार्म को तब से लेकर अब तक सिर्फ मालगाड़ियों को खड़ी करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है।
प्लेटफार्म नंबर 1 को बना नया स्टेशन
हाल ही में बरौनी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 (पुराने स्टेशन) को न्यू बरौनी जंक्शन के नाम से नया स्टेशन बना दिया गया है। नये नाम से इस स्टेशन को रेलवे में रजिस्टर भी किया गया है। इसके साथ ही बरौनी, जो देश का एकलौता स्टेशन था जिसकी शुरुआत प्लेटफार्म नंबर 2 से होती थी, में सभी प्लेटफार्म का नंबर भी बदल दिया जा रहा है। इस स्टेशन पर पहले कुल 9 प्लेटफार्म होते थे, उनके स्थान पर अब 8 प्लेटफार्म होंगे और प्लेटफार्म के नंबर की शुरुआत 1 नंबर प्लेटफार्म से ही होगी। 2 किमी दूर प्लेटफार्म नंबर 1 वाले स्टेशन को अब न्यू बरौनी जंक्शन के नाम से जाना जाएगा।



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