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क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ? जानिए कब होता है ऑरेंज अलर्ट!

बारिश की खबरों में आपने अक्सर पश्चिमी विक्षोभ या झंझावत अथवा Western Disturbance के बारे में जरूर सुना होगा। खास तौर पर सर्दी के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ के बारे में ज्यादा बातें की जाती हैं। लेकिन अब कभी-कभी गर्मी के मौसम में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश होने की बात मौसम विभाग बताता है।

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पश्चिमी विक्षोभ आखिर होता क्या है? मानसून से यह कितना अलग होता है और पश्चिमी विक्षोभ का क्या कारण होता है? ऑरेंज अलर्ट कब जारी किया जाता है?
चलिए आपको इस बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही मौसम विभाग (IMD) द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश को लेकर जारी अलर्ट के बारे में भी बताते हैं।

सबसे पहले बताते हैं पश्चिमी विक्षोभ किसे कहते हैं!

पश्चिमी विक्षोभ भारत में मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में आने वाला ऐसा तूफान है जो वायुमंडल के ऊपरी सतह में भूमध्य सागर और कभी-कभी कैस्पियन सागर से नमी लेकर आता है। फिर अचानक उत्तरी भारत, पाकिस्तान और नेपाल के ऊपर बारिश या बर्फबारी के रूप में गिरा देता है।

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यह बारिश रबी की फसल यानी गेंहू के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों के मौसम में ही सबसे ज्यादा शक्तिशाली होती हैं लेकिन कभी कभी गर्मी के मौसम में भी यह अपने साथ नमी लेकर आती है। मई के अंत में राजस्थान में हुई तेज बारिश पश्चिमी विक्षोभ का ही नतीजा थी।

मानसून किसे कहते हैं?

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मानसून पश्चिमी विक्षोभ से काफी अलग होता है। उत्तर भारत में गर्मियों के मौसम में यानी श्रावण में होने वाली बारिश मानसूनी हवाओं के कारण होती है। इन बारिशों से पश्चिमी विक्षोभ का कोई संबंध नहीं होता है। मानसून में होने वाली बारिश मुख्य रूप से हिंद महासागर से आने वाली नमी के कारण होती है। पश्चिमी विक्षोभ में वायुमंडल के सबसे ऊपरी सतह में नमी जमा होती है जबकि मानसून में वायुमंडल के सबसे नीचली सतह में नमी जमा होती है। मानसून की बारिश खरीफ फसल यानी चावल को फायदा पहुंचाती है।

कब जारी किया जाता है ऑरेंज अलर्ट?

मौसम के बिगड़ने की स्थिति में प्रशासन व आम लोगों को सतर्क करने के लिए मौसम विभाग यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करता है। यलो अलर्ट में प्रशासन को सिर्फ सतर्क किया जाता है कि मौसम बिगड़ने की संभावना है। अगर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है तो इसका मतलब प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार रहने का इशारा किया गया है।

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साथ ही आम लोगों को भी चेताया जा रहा है कि वे सुरक्षित स्थानों या अपने घरों में रहे। ऑरेंज अलर्ट में लोगों को कहीं भी बाहर आते-जाते समय अतिरिक्त सावधान रहने के लिए चेतावनी होती है। अगर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है तो प्रशासन तुरंत सक्रिय होने का संकेत दिया गया है।

मौसम विभाग ने कहां जारी किया ऑरेंज अलर्ट

पिछले कुछ दिनों से भारत के उत्तरी व उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश से तबाही मची हुई है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय आदि में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। मौसम विभाग ने अगले 1-2 दिनों में बिहार, असम, मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में भारी से अतिभारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

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