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ये हैं भारत की सबसे खतरनाक सड़कें

Written By: Goldi

बीते साल भारत में सड़क के रख रखाव के लिए करीबन 97000 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे...लेकिन बाव्जोद्द आज भी भारत की कुछ सड़कें ऐसी है जहां गुजर जाने के बाद शायद ही आप उन रास्तों पर दुबारा जाना चाहेंगे। इन रास्तों में
वाहन चालक का ध्यान जरा भी चूका तो समझो निश्चित ही चालक सहित सभी सवारी मौत के मुंह में चली जाएगी।

जिन्हें रोमांच पसंद हैं, और साहसिक यात्रा के शौकिन है तो यह रास्ते आपके लिए सबसे अच्छे साबित होंगे, , लेकिन यदि आप डरते हैं तो इन रास्तों पर से सही सलामत गुजर जाने के बाद आपको जिंदगी भर इसी के सपने आते रहेंगे।

इसी क्रम में आज हम अपने लेख के जरिये आपको बताने भारत के कुछ ऐसे रास्तों से अवगत कराने जा रहे हैं, जहां हर समय मौत का साया मंडराता रहता है। आइये स्लाइड्स पर डालिए एक नजर

खारदोंग ला दर्रा

खारदोंग ला दर्रा

हिमालय का एक प्रमुख दार्रा खारदोंग ला दर्रा है। यहां की सड़क को दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित सड़क माना जाता है। समुद्र तल से 5359 मीटर के ऊंचाई पर स्थित है यह दर्रा। यह भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में पड़ता हैं। यहां की जलवायु काफी ठंड होती हैं और ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां ऑक्सीजन की कमी होती हैं। PC: flickr.com

ज़ोजिला दर्रा

ज़ोजिला दर्रा

श्रीनगर और लेह हाईवे के बीच में भारत के सबसे खतरनाक मार्गों में से एक ज़ोजिला दर्रा समुद्री तल से 3538 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। यह सड़क बहुत संकरी है और यहां भारी बर्फबारी, जानलेवा हवाएं और लगातार भूस्थलन होता रहता है। थोड़ी बहुत बारिश से ही इस पर कीचड़ जमा हो जाती हैं, जिसके कारण सड़क पर फिसलन बढ़ जाती हैं।PC: wikimedia.org

नाथूला दर्रा

नाथूला दर्रा

नाथूला दर्रा का यह रास्ता 14 हजार 200 फीट की ऊंचाई पर है। इसी रास्ते से होकर कैलाश मानसरोवर जाया जा सकता है। हाल ही में चीन ने इसका रास्ता खोल दिया है। यह दर्रा प्राचीन रेशम मार्ग का भी एक हिस्सा है।PC: flickr.com

चांग ला

चांग ला

चांग ला का यह रास्ता समुद्र स्तर से 4,170 मीटर ऊपर की ऊंचाई पर स्थित है। यह सड़क पूरे वर्ष में बर्फ से ढकी रहती है, जिससे सड़क पर हमेशा फिसलन का डर बना रहताहै। इसकी उच्च ऊंचाई के कारण इस सड़क पर ऑक्सीजन की कमी महसूस की जा सकती है।
PC: flickr.com

गाता लूप्स

गाता लूप्स

मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतरनाक 21 घुमावदार चक्करों वाले हेयर पिन बेंड को गेटा लूप्स कहा जाता है। इसे भारत का सबसे खतरनाक रास्ता भी माना जाता है। सर्दियों में तो यह रास्ता भारी बर्फबारी के कारण बंद ही रहता है। बताया जाता है कि, एकबार बर्फबारी के दौरान यहां एक ड्राईवर की मौत हो गयी थी..जिस कारण इसे भूतिया जगह भी माना जाता है। PC: flickr.com

पुणे-मुम्बई एक्सप्रेसवे

पुणे-मुम्बई एक्सप्रेसवे

पुणे-मुम्बई एक्सप्रेसवे थोड़ा सा खतरनाक है, घुमावदार रास्तों के कारण यहां अक्सर दुर्घटना घटित हो जाती है।ड्राइविंग के दौरान ड्राइवरों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट से पता चलता है कि जनवरी 2006 से अगस्त 2014 तक 14,186 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें जनवरी 2006 और जून 2013 के बीच 925 लोग मारे गए थे। PC: wikimedia.org

सेला दर्रा

सेला दर्रा

सेला दर्रा का यह रास्ता समुद्र स्तर से 4,170 मीटर ऊपर की ऊंचाई पर स्थित है। घुमावदार पहाड़ियां होने के कारण हमेसा इस रास्ते पर गाड़ी धीमे चलाने की सलाह दी जाती है।PC: wikimedia.org

नेशनल हाइवे 22

नेशनल हाइवे 22

भारत के सबसे खतरनाक राजमार्गो में नेशनल हाइवे 22 भी शामिल है... अँधेरी सुरंगो और पहाड़ों से जाती हुई यह राजमार्ग बेहद ही खतरनाक है यह राज मार्ग एक नदी के किनारे से होकर जाता है अगर थोड़ा सा भी ध्यान हटा तो वाहन बसपा नदी में गिर सकता है।इस राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 'हाइवे टू हैल' नाम से भी जाना जाता है।
PC: wikimedia.org

रोहतांग पास

रोहतांग पास

हिमाचल प्रदेश में स्थित रोहतांग पास बहुत ही खतरनाक रोड है। यहां किसी भी प्रकार का वाहन चलाना आसान नहीं है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। पहले रोहतांग को भृगु तुंग कहते थे। मनाली से रोहतांग पास जाना बहुत ही खतरों और रोमांच से भरा है। यहां रोहतांग दर्रा है जो उत्तर में मनाली, दक्षिण में कुल्लू शहर से 51 किलोमीटर दूर यह स्थान मनाली-लेह के मुख्यमार्ग में पड़ता है। पूरा वर्ष यहां बर्फ की चादर बिछी रहती है। यह सड़क मई से नवंबर तक आम तौर पर खुला है। रोहतांग दर्रा और सोलांग वैली देखने के लिए कई साहसी पर्यटक रोहतांग पास की यात्रा करते हैं। रोहतांग का सफर बहुत ही सुहाना और रोमांचकारी होता है। हालांकि यहां के खतरनाक मोड़ और घाटियां दिल दहला देने वाली है। रोहतांग दर्रा समुद्री तल से 4111 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं। यह हिमालय का एक प्रमुख दर्रा है। हाइवे पर व्यास नदी के साथ चलते हुए सारा रास्ता प्राकृतिक नजारों से भरा पड़ा हुआ है। प्रकृति की गोद में पड़ने वाले बर्फ से ढंकी पहाड़, नदी, नाले, छोटे-छोटे घर, घने वन और हरियाली के बीच में बने होटल, रिसोर्ट, लहराती सड़कों के दृश्य अपने आप में अजूबे हैं।

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