अगस्त 2023 एक के बाद एक कई खगोलीय घटनाओं का साक्षी बन रहा है। 18 अगस्त को बैंगलोर में नो शैडो डे के बाद 27 अगस्त को कुछ ऐसा होने वाला है जो साल में सिर्फ एक बार होता है। यह खगोलीय नजारा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों से भी स्पष्ट दिखाई देने वाला है। 27 अगस्त को Saturn Opposition होने वाला है, जब पृथ्वी से शनिग्रह और उसके वलय काफी स्पष्ट नजर आते हैं।

क्या है Saturn Opposition
Saturn Opposition साल में एक बार होने वाली ऐसी खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी, सौर मंडल के 6ठवें ग्रह शनि और सूर्य के बीच आ जाता है। इस वजह से शनि सूर्य के बिल्कुल विपरित स्थिति में होता है और हमारे (पृथ्वी के) आकाश में काफी करीब दिखाई देता है। 2023 में Saturn Opposition 27 अगस्त को होने वाला है। यह शनि के बाहरी हिस्सों व इसके वलयों का अध्ययन करने के लिए साल भर में सबसे बेस्ट समय होता है।
क्योंकि जब Saturn Opposition होता है, तो उस समय सप्ताह भर शनि पृथ्वी के काफी करीब बना रहता है। चुंकि इस समय यह ग्रह सूर्य की विपरित दिशा में होता है इसलिए पूरी रात आकाश में चमकता रहता है। आसमान में यह गोल्डन रंग के एक सितारे के रूप में दिखाई देता है।
इससे पहले कब हो चुका है Saturn Opposition

Saturn Opposition हर साल एक बार होने वाली खगोलीय घटना है। हर साल Saturn Opposition की तारीख करीब 2 सप्ताह के लिए पीछे हटती रहती है। यानी हर साल Saturn Opposition करीब 378 दिनों बाद होता है। इससे पहले 2022 में Saturn Opposition 14 अगस्त को हुआ था। 2023 में 27 अगस्त को होगा। 2024 को Saturn Opposition 8 सितंबर को होने वाला है और 2025 में Saturn Opposition 25 सितंबर को होगा।
नहीं होगी टेलीस्कोप की जरुरत
Saturn Opposition के समय शनि ग्रह पृथ्वी के इतने करीब से गुजरेगा कि इसे देखने के लिए किसी टेलीस्कोप की जरुरत नहीं पड़ेगी। पूरे अगस्त और खास तौर पर Saturn Opposition के सप्ताह में शनि ग्रह को आकाश में नंगी आँखों से बड़ी ही आसानी से ढूंढा जा सकेगा। हां, अगर आप शनि ग्रह के वलयों को भी देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक टेलीस्कोप की जरुरत पड़ सकती है। Saturn Opposition भारत के लगभग हर शहर से दिखाई देगा।
छल्लों और चंद्रमाओं से घिरा रहता है शनि
शनि सौर्य मंडल का 6ठवां ग्रह है, जिसे पुराने समय में सुनहरा सितारा के नाम से पुकारा जाता था। 17वीं शताब्दी के शुरुआत में लोगों को पता चला कि शनि चारों तरफ से वलयों से घिरा होता है। 1950 में खगोलशास्त्रियों ने दावा किया कि शनि के आसपास सिर्फ 3 वलय ही हैं। लेकिन 20वीं सदी में एक स्पेसक्राफ्ट ने पता लगाया कि शनि के चारों तरफ 3 नहीं बल्कि कई पतले वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हुए हैं।
शनि के चारों तरफ कम से कम 83 चंद्रमाएं चक्कर काटती हैं, जिनके बारे में अभी तक पता चल सका है। इनमें से 63 चंद्रमाओं के नाम हैं लेकिन 20 चंद्रामाओं की पुष्टि होनी अभी भी बाकी है। शनि के सभी चंद्रमाओं में से सिर्फ 13 चंद्रमाओं की परिधि ही 50 किमी से ज्यादा है।



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