आदियोगी, विश्व के सबसे ऊंचे भगवान शिव की प्रतिमाओं में से एक है, जो तमिलनाडु के कोयम्बटूर में स्थित है। इसका अद्भुत नजारा देखने के लिए हजारों-लाखों पर्यटक जाते हैं। इस प्रतिमा को देखने के बाद मानिए ऐसा लगता है जैसे स्वयं भगवान शिव ध्यान अवस्था में विराजित हो। लेकिन अगर ये आदियोगी की प्रतिमा आपको बैंगलोर में ही देखने को मिल जाए तो आप क्या कहेंगे। जी हां, बैंगलोर...
दरअसल, बैंगलोर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चिक्कबल्लापुर जिले का नंदी हिल्स अब आदियोगी की दूसरी प्रतिमा का गवाह बनने जा रहा है। आदियोगी की जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए ईशा योग फाउंडेशन के प्रमुख श्री जग्गी वासुदेव ने नंदी हिल्स के पास अपना नया केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। अभी हाल ही में उन्होंने वहां पर नागा मंडप का अनावरण किया, जहां 112 फीट ऊंची आदि योगी की प्रतिमा का अनावरण भी किया जाना है।

मकर संक्रांति के दिन होगा आदियोगी का अनावरण
आदियोगी की इस दूसरी प्रतिमा का अनावरण 15 जनवरी को शाम 06:00 बजे मकर संक्रांति के दिन किया जाएगा और फिर पर्यटक बैंगलोर में ही आदियोगी के दर्शन कर सकेंगे। यह ईशा फाउंडेशन की ओर से खोला गया दूसरा केंद्र होगा। तकरीबन 100 एकड़ में फैली यह फाउंडेशन प्रकृति की गोद में बसी हुई बेहद खूबसूरत लग रही है। नंदी हिल्स बेंगलुरु के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है जो शायद अब कर्नाटक के भी सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक बन जाएगा।
आदियोगी प्रतिमा अनावरण में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन
माना जा रहा है कि नंदी हिल्स का यह केंद्र कोयंबटूर की भांति ही होगा, जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। यह आध्यात्मिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और कलरीपयट्टू सीखने का एक प्रमुख केंद्र होगा। ऐसे में अगर आप चाहे तो इस प्रतिमा के अनावरण का गवाह भी बन सकते हैं। इसके लिए आप ईशा फाउंडेशन की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं।

आदियोगी अनावरण के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस दौरान, अनावरण स्थल पर दो कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्रमुख रूप से आदियोगी दिव्य दर्शनम और मकर संक्रांति उत्सव मनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन कार्यक्रमों से पहले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें कई कलाकर अपनी प्रस्तुति देंगे।



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