• Follow NativePlanet
Share
» »इंडिया में प्योर हार्डकोर एडवेंचर का मज़ा लेना है तो उत्तराखंड आइये

इंडिया में प्योर हार्डकोर एडवेंचर का मज़ा लेना है तो उत्तराखंड आइये

Written By: Staff

उत्तराखंड, उत्तर भारत में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और शांत पर्यटन केंद्र है । इस जगह का शुमार देश की उन चुनिन्दा जगहों में है जो अपनी सुन्दरता के चलते दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। 'देवताओं की भूमि' के रूप में जाना जाने वाला उत्तराखंड अपने शांत वातावरण, मनमोहक दृश्यों और खूबसूरती के कारण पृथ्वी का स्वर्ग माना जाता है।

इस खूबसूरत राज्य के उत्तर में जहाँ तिब्बत है वहीँ इसके पूरब में नेपाल देश है। जबकि इसके दक्षिण में उत्तर प्रदेश और उत्तर पश्चिम में हिमाचल प्रदेश है। इस राज्य का मूल नाम उत्तरांचल था जिसे बदलकर जनवरी 2007 में उत्तराखंड कर दिया गया था। राज्य में कुल 13 जिलें हैं जिन्हें प्रमुख डिवीजनों, कुमाऊं और गढ़वाल के आधार पर बांटा गया है।

उत्तराखंड के 13 खूबसूरत जिलों में अनेक पर्यटक स्‍थल हैं नए स्थलों की खोज के साथ यहाँ की सूची बढती ही जा रही है। पूजा से ट्रैकिंग तक, हर स्थल अपने में अलग अहमियत रखता है। यहाँ अनेक तीर्थस्थल मौजूद हैं और यहाँ की खूबसूरत वादियाँ यात्रियों के लिए रोमांचक गतिविधियों की एक विशाल रेंज प्रदान करती है।

आज हम अपने इस आर्टिकल में आपको अवगत कराएंगे उत्तराखंड के उन डेस्टिनेशंस से जिनकी यात्रा आपको राज्य में रहते हुए अवश्य करनी चाहिए। या दूसरे शब्दों में कहा जाये तो यदि उत्तराखंड में रहते हुए आपने इन स्थानों को नहीं देखा तो समझ लीजिये आपने कुछ नहीं किया।

अल्मोड़ा

अल्मोड़ा

सुयाल और कोसी नदी के बीच 5 किमी लंबी घोड़े की पीठ के आकर की पहाड़ी पर बसा अल्मोड़ा कुमाऊं क्षेत्र का बेहद चर्चित हिल स्टेशन है। हरे भरे सुंदर जंगलों से घिरा यह शहर समुद्र तल से 1651 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां चंद वंश और कत्यूरी वंश ने 15वीं और 16वीं शताब्दी में शासन किया था। अल्मोड़ा की पहाड़ियों से पर्यटक हिमालय की बर्फ से ढंकी चोटियों का विहंगम नजारा देख सकते हैं। इस जगह की कई ऐसी खासियत है, जिससे विश्व भर के पर्यटक इनकी ओर खिंचे चले आते हैं।

फोटो कर्टसी - Tkx

औली

औली

औली एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो पूरी दुनिया में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है। यह खूबसूरत जगह समुद्रतल से 2800मी. ऊपर स्थित है। यह जगह ओक धार वाली ढलानों और सब्ज़ शंकुधारी जंगलों के लिए जानी जाती है। औली का इतिहास 8वीं शताब्दी में पाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, गुरु आदि शंकराचार्य इस पवित्र स्थान पर आए थे। इस जगह को 'बुग्याल ' भी कहा जाता है जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है 'घास का मैदान'।

फोटो कर्टसी - Ishan Manjrekar

चोपटा

चोपटा

चोपटा एक खूबसूरत पहाड़ी है जो की उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में समुद्री तल से 2680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्टेशन है। इस गंतव्य को मिनी स्विट्ज़रलैंड के नाम से भी जाना जाता है। इसे ये उपाधि अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता और हरे भरे घास के मैदानों जिसे बुग्यल्स भी कहा जाता है, के लिए मिली है। पर्यटक यहाँ से चौखम्बा, त्रिशूल और नंदा देवी जैसी पर्वत श्रृंखलाओं का शानदार नजारा देख सकते हैं।

फोटो कर्टसी - Vvnataraj

देवप्रयाग

देवप्रयाग

समुन्दरी तट से 2723 मीटर की ऊँचाई पर स्थित देवप्रयाग, उत्तराखण्ड के टिहरी गढवाल जिले का प्रमुख धार्मिक स्थान है। "अलकनंदा" और "भागीरथी" नदियों के संगम पर स्थित, इस शहर को संस्कृत में "पवित्र संगम" के नाम से संबोधित किया गया है। 7 वीं सदी में देवप्रयाग ब्रह्मपुरी, ब्रह्म तीर्थ और श्रीखण्ड नगर जैसे कई अलग अलग नामों से जाना जाता था। "उत्तराखण्ड के रत्न" के रूप में जाना जाता यह शहर प्रसिद्ध हिंदू संत देव शर्मा के नाम पर अंकित है।
फोटो कर्टसी: Vvnataraj

धनौल्टी

धनौल्टी

उत्तराखंड के गढ़वाल जिले में समुद्र तल से 2286 मीटर की उंचाई पर धनौल्टी नाम का एक बेहद सुन्दर हिल स्टेशन है। अपने शांत और सुरम्य वातावरण के लिए जानी जाने वाली यह जगह, चंबा से मसूरी के रास्ते में पड़ती है। यह जगह पर्यटकों के बीच इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यह मसूरी से काफी पास है, बल्कि सिर्फ 24 किलोमीटर दूर है। यहाँ से पर्यटक दून वैली के सुन्दर नज़ारे का मज़ा उठा सकते हैं।
फोटो कर्टसी: Kiran Jonnalagadda

हेमकुंड

हेमकुंड

हेमकुंड, उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों का लोकप्रिय तीर्थस्थल है। यह पवित्र स्थान समुद्र तल से 15200 फुट की ऊंचाई है और यहाँ केवल पदयात्रा करके गोबिंदघाट से पहुँचा जा सकता है, जो की ऋषिकेश - बद्रीनाथ राजमार्ग पर स्थित है। इस जगह का नाम दो संस्कृत शब्दों से निकला है, हेम और कुंड जिसका अर्थ है बर्फ और कटोरा।यह गंतव्य सात पहाड़ों के बीच स्थित है जिनमें प्रत्येक पर निशान साहिब, सिख पवित्र त्रिकोणीय झंडे, से सजाया गया है।
फोटो कर्टसी: Amareshwara Sainadh

ज्योलिकोट

ज्योलिकोट

नैनीताल जिले में समुद्र तल से 1219 मीटर की ऊंचाई पर बसा ज्योलिकोट एक मनमोहक पर्यटन स्थल है। एनएच 87 पर स्थित कुमाऊंनी पहाड़ियों का यह शहर नैनी झील का प्रवेशद्वार भी है। प्रसिद्ध संत व दार्शनिक स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंदो ने यहां लंबे समय तक तपस्या की थी। ज्योलिकोट के नजदीकी पर्यटन स्थलों में नैनी झील, मुक्तेश्वर, कॉर्बेट नेशनल पार्क, रामगढ़ और पंगोट गांव काफी प्रसिद्ध है।
फोटो कर्टसी: Kumar Chitrang

कलसी

कलसी

कलसी एक सुंदर पर्यटन गंतव्य है जो उत्तराखंड के देहरादून जिले में समुद्र स्तर से 780 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह जगह जौनसार-बावर आदिवासी क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है जो दो नदियों, यमुना और टोंस के संगम पर स्थित है। यह जगह विभिन्न प्राचीन स्मारकों के, साहसिक खेल और पिकनिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। अशोक रॉक ईडिक्ट, भारतीय पुरालेखों के इतिहास में से एक महत्वपूर्ण स्मारक और कलसी के लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है।
फोटो कर्टसी : Nipun Sohanlal

कानाताल

कानाताल

कानाताल एक छोटा सा गाँव है जो उत्तराखंड के टेहरी गढवाल जिले में चंबा - मसूरी हाइवे (महामार्ग) पर स्थित है। यह सुंदर गाँव समुद्र सतह से 8500 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह एक प्रसिद्द सैरगाह है। हरा भरा वातावरण, बर्फ से ढंके पहाड़, नदियाँ और जंगल इस स्थान की सुंदरता को बढ़ाते हैं।
फोटो कर्टसी: Nimish2004

केदारनाथ

केदारनाथ

केदारनाथ उत्तराखण्ड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। यह स्थान समुद्रतल से 3584 मीटर की ऊँचाई पर गढ़वाल हिमालय में स्थित है। केदारनाथ मन्दिर को हिन्दुओं के पवित्रतम गंतव्यों (चार धामों) में से एक माना जाता है और बारहों ज्योतिर्लिंगों में से सबसे ऊँचा यहीं पर स्थित है। मन्दिर के पास से ही शानदार मन्दाकिनी नदी बहती है। गर्मियों के दौरान इस तीर्थस्थल पर पर्यटकों की भारी भीड़ भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिये आते हैं।
फोटो कर्टसी : Paul Hamilton

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स