'जी करदा, दिला दूं तुझे बुर्ज खलीफा' बॉलीवुड फिल्म का यह गाना गुनगुनाती हुई नेहा घर की सफाई कर रही थी। नेहा के मुंह से यह गाना सुनते ही पति राहुल तुरंत बोल उठा, "दिला तो नहीं सकता लेकिन तुम कहो तो बुर्ज खलीफा दिखा जरूर सकता हूं।" नेहा भी खुशी के मारे उछल पड़ी। उसे लगा राहुल दुबई की फॉरेन ट्रिप पर ले जाने की बात कर रहा है।

लेकिन मामले को संभालते हुए राहुल ने तुरंत कहा, मेरा मतलब है कि इस साल दशहरा में अशोक राजपथ पर ही तुम्हें बुर्ज खलीफा का दीदार करवा दूंगा। फॉरेन ट्रिप ना सही लेकिन अपने शहर पटना में ही दशहरा के मौके पर इतना भव्य पंडाल बनने की बात सुनकर ही नेहा उत्साहित हो गयी।
सिर्फ बुर्ज खलीफा ही नहीं, इस साल पटना में वृंदावन के प्रेम मंदिर, इटली के बेहद सुन्दर चर्च, पटना के ही वीमेंस कॉलेज और कोलकाता की दक्षिणेश्वर काली मंदिर के तर्ज पर दशहरा में पंडाल बनाए जा रहे हैं। बता दें, पूरे पटना में छोटे-बड़े दुर्गा पूजा पंडालों को मिलाकर लगभग 160 दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किये जाते हैं जहां शक्ति की देवी मां दुर्गा की पूरे भक्तिभाव के साथ आराधना की जाती है।
बुर्ज खलीफा की रेप्लिका
पटना के टेढ़ीघाट पर 80 फीट ऊंचे बुर्ज खलीफा का रेप्लिका तैयार किया जाएगा। इस साल दशहरा में पटना में घुमने निकलने वाले लोगों के लिए अशोक राजपथ का यह पंडाल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस पंडाल को तिरंगे की थीम पर सजाया जाएगा। पंडाल का निर्माण कार्य अभी तक जारी है लेकिन इसके आसपास से होकर गुजरने वाला हर व्यक्ति एक बार नजरें उठाकर इसकी ऊंचाई को नापने की कोशिश जरूर करता है।

इस दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर मिश्र का कहना है कि जी-20 समिट के समय जब दुबई के बुर्ज खलीफा पर भारत के सम्मान में तिरंगा चमका था, उसी समय कमेटी के सदस्यों ने इस छवि को ही पंडाल का थीम बनाने का फैसला ले लिया। पंडाल का निर्माण पश्चिम बंगाल के चंदननगर के कारीगर की देखरेख में किया जा रहा है। पंडाल के द्वार पर 7 रंगों का जगमगाता बल्ब इसकी सुन्दरता में चार चांद लगा रहा है।
वृंदावन का प्रेम मंदिर
पटना के बोरिंग रोड चौराहा के पास बनने वाला दुर्गा पूजा का पंडाल इस साल वृंदावन के प्रेम मंदिर के तर्ज पर बनाया जा रहा है। सिर्फ पंडाल का स्वरूप ही नहीं बल्कि इसका रंग भी प्रेम मंदिर की तरह ही बनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार इस पंडाल की ऊंचाई 55 फुट और चौड़ाई 60 फुट होगी। पंडाल में मां दुर्गा की 9 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

पूजा पंडाल से लगभग 1 किमी दूर से ही रंग-बिरंगी लाइट्स से आकर्षक सजावट की जा रही है। दशहरा के दौरान इस पूजा पंडाल की तरफ से सप्तमी के महाप्रसाद में हलवा, अष्टमी को खीर और नवमी को खिचड़ी का वितरण श्रद्धालुओं के बीच किया जाता है। बता दें, इस दुर्गा पूजा कमेटी ने पिछले साल कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल के तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण किया था।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर
बोरिंग रोड पर कस्तुरबा पथ पर बनने वाला दुर्गा पूजा पंडाल इस साल दक्षिणेश्वर काली मंदिर के तर्ज पर बड़े ही भव्य स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। बताया जाता है कि यह पंडाल 55 फुट ऊंचा, 27 फुट चौड़ा और 41 फुट लंबा बनाया जा रहा है। पंडाल को किसी और रंग में ना रंगकर दक्षिणेश्वर काली मंदिर के रंग में ही तैयार किया जाएगा। यहां दुर्गा पूजा का आयोजन श्री श्री सर्वजन दुर्गा पूजा समिती के तत्वावधान में किया जाता है। सिर्फ दुर्गा पूजा पंडाल ही नहीं बल्कि पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को देखकर भी दर्शक चौंक उठेंगे।

दरअसल, यहां मां दुर्गा की 22 फुट ऊंची और 12 फुट चौड़ी दो अलग-अलग मुद्राओं में प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही लक्ष्मी-गणेश, कार्तिकेय-सरस्वती की मूर्तियां भी उनके वाहन समेत और महिषासुर की प्रतिमा भी स्थापित होगी। विजयादशमी या दशहरा वाले दिन महिलाएं एक-दूसरे को सिन्दुर लगाकर देवी मां को विदा करती है। सप्तमी के दिन मां दुर्गा के दर्शन के लिए इस पंडाल के पट खोल दिये जाएंगे।
बता दें, पिछले साल पूजा कमेटी ने नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के तर्ज पर पंडाल का निर्माण करवाया था।
इटली का सेंट पीटर्स बेसिलिका चर्च
पटना के रुकनपुरा में बन रहा दशहरा का पंडाल को देखकर एक पल के लिए लोग यह भूल ही जाएंगे कि वे भारत के किसी राज्य में हैं। उन्हें ऐसा लगेगा कि वे सीधे इटली पहुंच गये हैं। जी हां, यहां इटली के सेंट पीटर्स बेसिलिका चर्च के तर्ज पर दुर्गा पूजा का पंडाल तैयार किया जा रहा है। पूजा कमेटी का दावा है कि यह पंडाल इतना सुन्दर होगा कि यहां आने वाले दर्शक सेल्फी लिये बिना नहीं जाएंगे। इस पंडाल में सिर्फ मां दुर्गा ही नहीं बल्कि 14 अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित होंगी।

इस पंडाल की ऊंचाई लगभग 80 फूट और चौड़ाई 60 फूट होगी। बंगाल में जिस तरीके से परंपरागत रूप से देवी दुर्गा की पूजा की जाती है, बिल्कुल उसी पद्धति के आधार पर यहां मां दुर्गा की पूजा की जाएगी। मूर्तियों का निर्माण दानापुर के मूर्तिकार द्वारा किया जा रहा है। अगर आप नवरात्रि के समय डांडिया खेलने के शौकिन हैं, तो पटना के इस पंडाल में जरूर आएं। इस पंडाल के पट भी सप्तमी के दिन से आम लोगों के लिए खोल दिये जाएंगे।
कॉलेज नहीं जनाब, पंडाल है यह
राजधानी के एसके पुरी इलाके में स्थित श्रीकृष्णा अपार्टमेंट के पास इस बार जिस दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, वह दिखने पटना के ही वीमेंस कॉलेज की तरह दिखता है। इस साल दुर्गा पूजा का बजट लगभग 10 लाख रूपये है। बताया जाता है कि एसके पुरी पूजा समिति के पंडाल की ऊंचाई 60 फुट और चौड़ाई 130 फुट होगी। पंडाल में 12 फुट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। लेकिन यहां की प्रतिमा भी बहुत खास होने वाली है। दरअसल, इस पूजा पंडाल में मां दुर्गा की मूर्ति का निर्माण पाल कला शैली में किया जा रहा है।

इससे पहले इस्कॉन मंदिर, गोलघर, सभ्यता द्वार, संग्रहालय, हरमंदिर साहिब आदि के तर्ज पर दुर्गा पूजा पंडालों का निर्माण किया जा चुका है। खास बात यह है कि एसके पुरी पूजा समिति की मूर्तियां हमेशा किसी विशेष शैली जैसी मौर्य, पाल, गुप्त आदि कलाओं के आधार पर ही तैयार की जाती है। यहां मां दुर्गा के रौद्र रूप की पूजा होती है।



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