बड़ा चार धाम में से एक पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भी अब जल्द ही ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। अगर किसी श्रद्धालु ने 'अमर्यादित' परिधानों में मंदिर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया तो उसे मंदिर परिसर के बाहर ही रोक दिया जाएगा। श्री जगन्नाथ टेम्पल एडमिनीट्रेनशन ने जल्द ही नया ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया है।

लेकिन किन परिधानों को 'अमर्यादित' परिधान माना जाएगा और कब से नया ड्रेस कोड पुरी के जगन्नाथ मंदिर में लागू किया जाएगा?
अचानक क्यों लिया गया ऐसा फैसला
पिछले कई दिनों से मंदिर प्रशासन को शिकायतें मिल रही थी कि कई श्रद्धालु अमर्यादित परिधानों में मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि इससे दूसरे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही थी। शिकायत की जा रही थी कि काफी संख्या में श्रद्धालु ऐसे परिधानों में मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं, जो किसी मंदिर में जाने के अनुरुप नहीं है। इसलिए दूसरे भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ही जगन्नाथ पुरी मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब मंदिर में महिलाओं व पुरुषों दोनों के लिए ड्रेस कोड लागू किया जाएगा।
कब से लागू होगा नया ड्रेस कोड

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार अगले साल जनवरी से यानी 1 जनवरी 2024 से जगन्नाथ पुरी मंदिर में आने वाले सभी भक्तों को ड्रेस कोड के अनुरूप ही परिधान पहनकर आना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो उस श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बताया जाता है कि मर्यादित परिधानों में ही जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करने के लिए श्रद्धालुओं में जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत मंगलवार (10 अक्टूबर) से ही कर दी जाएगी।
कौन से परिधान हैं अमर्यादित
जगन्नाथ पुरी मंदिर प्रशासन के अनुसार कटे-फटे जींस, महिलाओं का बिना बाजू वाले ड्रेस, बरमुडा पैंट आदि पहनकर जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर परिसर में ड्रेस कोड लागू होने के बाद मंदिर के सिंहद्वार के सामने और अंदर मंदिर परिसर में सेवायतों को नियुक्त किया जाएगा, जो इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालु ड्रेस कोड का पालन करें। अगर किसी श्रद्धालु ने ड्रेस कोड का पालन नहीं किया तो उसे मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
क्या कहना है मंदिर कमेटी का
श्री जगन्नाथ टेम्पल एडमीनिस्ट्रेशन कमेटी के मुख्य प्रशासक रंजन कुमार दास का कहना है, "पिछले कुछ समय से भक्तों के परिधानों के संबंध में हमें कई शिकायतें मिल रही थी। भक्तों का मंदिर में अमर्यादित परिधानों में प्रवेश करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। यह मंदिर की परंपराओं के खिलाफ है। हमारा जगन्नाथधाम एक पवित्र स्थान है। यहां देश और विदेश से काफी श्रद्धालु पवित्र मन से भगवान की पूजा करने आते हैं। इसलिए मंदिर की पवित्रता की रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।

दुर्भाग्य से कुछ श्रद्धालु यहां किसी भी तरह के कपड़ों में चले आते हैं। कुछ श्रद्धालुओं को देखकर तो ऐसा लगता है कि वे समुद्रतट पर घुमने आए हुए हैं। यह एक धार्मिक स्थल है, मनोरंजन की जगह नहीं।" इसके साथ उन्होंने मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हुए कहा कि मंदिर की परंपराओं का सम्मान करते हुए पवित्र मन से मर्यादित परिधानों में ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। उन्होंने बताया कि ड्रेस कोड लागू होने के बाद मंदिर में परिसर में प्रवेश से पहले सभी के कपड़े जांचे जाएंगे।



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