कश्मीर में घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे और जो सैलानी इस वक्त कश्मीर की खूबसूरत वादियों में घूम रहे हैं, उनके लिए बड़ी खुशखबरी। श्रीनगर में मौजूद एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन खुलने वाला है। हर साल मार्च के महीने में लाखों की तादाद में इस गार्डन में खिलने वाले कई रंगों के ट्यूलिप का दीदार करने बड़ी संख्या में पर्यटक श्रीनगर पहुंचते हैं।
गर्मियों के मौसम में कश्मीर जाने वाले सैलानियों के यह गार्डन एक Must Visit जगह होती है। ट्यूलिप गार्डन का पूरा नाम इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन है, जिसे पहले सिराज बाग के नाम से जाना जाता था।

आधिकारिक रूप से कल यानी 23 मार्च को ट्यूलिप गार्डन के दरवाजे पर्यटकों के लिए खोल दिये जाएंगे। अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि इस साल ट्यूलिप गार्डन में 5 नयी प्रकार की ट्यूलिप के फूल देखने को मिलेंगे। यानी इस साल पर्यटक कुल 73 प्रकार के ट्यूलिप के फूल गार्डन में देख सकेंगे। 55 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले इस गार्डन में 17 लाख ट्यूलिप के बल्ब से इस साल पेड़ों को उगाया गया है, जिनमें खिलने वाले चटख रंगों वाले ट्यूलिप के फूल यहां आने वाले हर पर्यटक को मोहित कर लेते हैं।

हालांकि अभी सिर्फ ट्यूलिप ही नहीं बल्कि कई और तरह के फूल जैसे डैफोडील्स, मस्करी, साइक्लेमेन और सबसे खास चेरी और व्हाइट ब्लॉसम से श्रीनगर के दूसरे सभी गार्डन्स के साथ ट्यूलिप गार्डन भी गुलजार नजर आता है। साल 2007 में इस गार्डन को तैयार किया गया था। शुरुआती समय में ट्यूलिप के 50,000 बल्ब को हॉलैंड से मंगवाया गया था। धीरे-धीरे पर्यटकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गयी।
वसंत और गर्मियों की शुरुआत में कश्मीर में आने वाले भारी संख्या में पर्यटकों का एक प्रमुख पड़ाव श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन जरूर होता है। पिछले साल ट्यूलिप गार्डन में रिकॉर्ड 3.65 लाख देसी और विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। वहीं साल 2022 में 3.6 लाख लोग ट्यूलिप गार्डन में इन चटख रंगों वाली फूलों को करीब से देखने के लिए पहुंचे थे।

टिकट की कीमत और समय
पर्यटकों के लिए ट्यूलिप गार्डन के दरवाजे सुबह 8 से शाम को 7 बजे तक खुले रहते हैं। हालांकि यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी गार्डन खुलने और बंद होने का समय कभी-कभी निर्भर करता है। पिछले साल यहां आने वाले वयस्कों के लिए एंट्री शुल्क ₹60 और बच्चों के लिए एंट्री शुल्क ₹25 वसूला गया था।
श्रीनगर का प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन एयरपोर्ट से 22 किमी, रेलवे स्टेशन से 18 किमी और लालचौक से महज 8 किमी की दूरी पर मौजूद है। श्रीनगर में बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा चलती हैं, जो आपको ट्यूलिप गार्डन तक पहुंचा देंगी। टिकट काउंटर से आप एंट्री शुल्क चुकाकर टिकट खरीद सकते हैं।

विशेष नोट - ट्यूलिप गार्डन खुलने के कम से कम 2-3 दिन बाद ही यहां घूमने जाने का प्लान बनाना अच्छा होता है। अच्छी संख्या में ट्यूलिप के फूलों के खिल जाने के बाद भले ही गार्डन को पर्यटकों के लिए खोला जाता है लेकिन इन फूलों के पूरी तरह से खिलने में और 2-3 दिनों का समय लग जाता है।
इसलिए गार्डन खुलने के 2-3 दिन बाद अगर आप जाते हैं तो न सिर्फ सबसे अच्छा नज़ारा देखने को मिलेगा बल्कि अच्छी फोटो भी क्लीक कर सकेंगे। इन फूलों को मुर्झाने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए फूल खिल जाने के बाद तुरंत मुर्झा जाएंगे, यह सोचकर ज्यादा हड़बड़ाने की जरुरत नहीं है।



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