Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »डॉ. कलाम के किस प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाएं ISRO के वैज्ञानिक और बदलना पड़ा 'चंद्रयान 1' का डिजाइन

डॉ. कलाम के किस प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाएं ISRO के वैज्ञानिक और बदलना पड़ा 'चंद्रयान 1' का डिजाइन

चंद्रयान 3 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आज, 23 अगस्त 2023 की शाम को 6.04 बजे इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भारत के कदम पड़ेंगे। यह भारत की स्पेस एजेंसी ISRO का चांद पर उतरने का तीसरा प्रयास है। भारत ने चांद की तरफ पहली बार वर्ष 2008 में कदम बढ़ाए थे।

Dr. kalam

आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित इंडियन स्पेस एंड रिचर्स ऑर्गनाइजेशन (ISRO) से चंद्रयान 1 को लॉन्च किया गया था। उस समय महान वैज्ञानिक व भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने इसरो के वैज्ञानिकों से कुछ ऐसा पूछा था, जिसके जवाब से डॉ. कलाम संतुष्ट नहीं हुए थे। नतीजन इसरो को चंद्रयान 1 का डिजाइन ही बदलना पड़ा था।

चंद्रयान 1 को जब लॉन्च किया गया था, उस समय उसके साथ ना तो कोई लैंडर लगा था और ना ही रोवर। सिर्फ एक ऑर्बिटर को भेजा गया था, जो चंद्रमा के चारों तरफ चक्कर लगाने वाला था। उस समय एक दिन डॉ. कलाम इसरो के ऑफिस में पहुंचे और उन्होंने वैज्ञानिकों से पूछा कि जब दुनिया हमसे चंद्रयान 1 के चांद पर पहुंचने का सबूत मांगेगी तब हम उन्हें क्या सबूत देंगे? उस समय उनका यह सवाल पूछना भी लाजमी था, क्योंकि तब इंटनेट की पहुंच हर घर तक नहीं थी। ना ही सोशल मीडिया का बोलबाला था। वैज्ञानिकों ने डॉ. कलाम को जो जवाब दिया उससे वे संतुष्ट नहीं हुए।

Dr. Abdul Kalam Sir

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इसरो के वैज्ञानिकों ने उस समय तत्कालिन राष्ट्रपति डॉ. कलाम से कहा था कि चंद्रयान चांद की सतहों की तस्वीरें लेगा। बताया जाता है कि डॉ. कलाम वैज्ञानिकों के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए थे और उन्होंने ना में सिर हिला दिया था। पूर्व राष्ट्रपति ने तब वैज्ञानिकों को सुझाव दिया था कि चंद्रयान के पास कुछ ऐसा उपकरण होना चाहिए जिसे चांद की तरह पर गिराया जा सकें। वैज्ञानिकों ने उनके सुझाव को मानते हुए चंद्रयान 1 के डिजाइन में बदलाव किया और इस वजह से ही मून इम्पैक्ट प्रोब चांद की सतह पर पहुंचा। चांद की सतह पर यहीं भारत का पहला कदम था। यहीं वह पहली भारतीय चीज थी जो चांद पर पहुंची थी।

बता दें, 22 अक्टूबर 2008 को भारत का पहला मून मिशन चंद्रयान 1 श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था। इस यान में सिर्फ भारत नहीं बल्कि अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, स्वीडन और बुल्गारिया में बने 11 उपकरणों को लगाया गया था। चांद की सतह से लगभग 100 किमी ऊपर चक्कर काट कर चंद्रयान 1 ने चांद के विषय में कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की थी। साल 2009 में इसरो का संपर्क चंद्रयान 1 से टूट गया।

More News

    Read more about: india isro chandrayaan 3
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+