आपने बड़े-बड़े होटल व रेस्तरां में कई बार स्वादिष्ट खाना खाया होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी लंगर में सैंकड़ों लोगों के साथ बैठक प्रसाद चखा है? भारत में कई मंदिर, गुरुद्वारे और धार्मिक स्थल हैं, जहां हर रोज भक्तों के लिए लंगर लगाये जाते हैं।
इन मंदिरों व धार्मिक स्थलों पर मुफ्त या फिर बहुत कम कीमत पर स्वादिष्ट भोजन परोसा जाता है जो भक्तों के मन को तृप्ति से भर देता है। हम आपको ऐसे ही कुछ धार्मिक स्थानों के बारे में बता रहे हैं, जहां आप मुफ्त या फिर बहुत कम कीमत पर स्वादिष्ट लंगर का स्वाद ले सकते हैं।
स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
मुफ्त में स्वादिष्ट लंगर खिलाने वाले धार्मिक स्थानों में सबसे पहला नाम पंजाब के अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर का आता है। इस मंदिर में हर रोज लंगर का आयोजन किया जाता है जिसमें हर धर्म और जाति के लोगों को बैठकर खाने की छुट होती है। स्वर्ण मंदिर में हर रोज लगभग 50,00,000 लोगों के लिए दाल और रोटी बनायी जाती है।

इस मंदिर की खासियत है कि यहां सिर्फ मंदिर के सेवक ही नहीं बल्कि आम लोग भी आकर रोटियां बनाने के काम में मदद करते हैं, जिसे यहां अपनी सेवा देना कहा जाता है। मंदिर में कोई भी भक्त प्रसाद स्वरूप मिठाई नहीं लाता है बल्कि आटे से बनी घी से सराबोर हलवा चढ़ाता है जिसे यहां आने वाले भक्तों में ही बांट दिया जाता है।
वैष्णो देवी, जम्मु-कश्मीर

माता के दरबार वैष्णो देवी में साल 2019 से लंगर की व्यवस्था की जा रही है। उस समय लगातार वैष्णो देवी का लंगर लगाया जाता है। दिन के 24 घंटों के लिए यह लंगर खुला रहता है। वैष्णो देवी में लंगर कटरा से 3 किमी दूर तरकोट में लगाया जाता है। बताया जाता है कि वैष्णो देवी के लंगर में हर रोज करीब 8500 लोग खाना खाते हैं। यहां लंगर में दाल, चावल और जम्मु का पारंपरिक खाना अंबल परोसा जाता है।
तिरुपति बालाजी, आंध्र प्रदेश

तिरुपति बालाजी को सबसे अमीर भगवान माना जाता है। साल में लाखों भक्त यहां भगवान के दर्शन के लिए आते हैं और दान में मूल्यवान वस्तुएं मंदिर को दान में देते हैं। तिरुपति मंदिर में भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था भी होती है, जिसका स्वादिष्ट प्रसाद ग्रहण करना भक्त नहीं भूलते हैं। तिरुपति के लंगर को अन्नदानाम कहा जाता है, जो केले के पत्ते पर परोसा जाता है। यहां लंगर में सांबर, चावल, सब्जी के साथ चटनी परोसी जाती है।
साईं बाबा मंदिर, शिरडी

शिरडी के साईं बाबा के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता है। जगह के लिहाज से दावा किया जाता है कि शिरडी साईं प्रसादालय एशिया का सबसे बड़ा प्रसादालय है। इस प्रसादालय में प्रतिदिन करीब 1 लाख लोगों के लिए भोजन बनता है। प्रसादालय में एक बार में 5500 लोग बैठकर खाना खा सकते हैं। सुबह 10 बजे से इस प्रसादालय में भोजन वितरित होना शुरू हो जाता है। प्रसादालय में हर रोज सादा लेकिन बेहद स्वादिष्ट भोजन परोसा जाता है जिसमें चावल, रोटी, दाल, दो तरह की सब्जी और एक मिठाई शामिल होती है।
जगन्नाथ मंदिर, ओडिशा

भगवान जगन्नाथ को सबसे दयालु भगवान माना जाता है जो अपने भक्तों को भुखा नहीं देख पाते हैं। ओडिशा में पुरी का जगन्नाथ मंदिर की रसोई एक मेगा किचन है जहां हर रोज करीब 80,000 लोगों के लिए भोजन बनता है। यहां भोजन मिट्टी के बर्तन में बेहद अनोखे तरीके से भाप में पकाया जाता है। कहा जाता है कि यहां भोजन स्वयं महालक्ष्मी पकाती हैं, रसोईये और सहायक बस उनकी मदद करते हैं। जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद को महाप्रसाद कहा जाता है, जिसमें चावल, खिचड़ी, सब्जी, खीर, मिठाई आदि शामिल होती है।
इस्कॉन मंदिर, मायापुर
पश्चिम बंगाल के नदिया जिला के मायापुर में स्थित इस्कॉन का मंदिर विश्व का सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर है। यहां मुफ्त में तो नहीं, लेकिन बेहद कम कीमत पर स्वादिष्ट लंगर का भोजन मिलता है। इसके लिए आपको टिकट लेना पड़ता है। मंदिर में 50-60 रुपये में लंच और 40-50 रुपये में डिनर उपलब्ध होता है।

दोनों समय के लिए कुपन लंच और डिनर से पहले ही खरीदने पड़ते हैं। बच्चों के लिए खाने का मूल्य आधा होता है। इस्कॉन मंदिर में आपको शुद्ध शाकाहारी, पिज्जा, बर्गर, केक, डोसा, इडली, फलों का जूस और महाप्रसाद मिलता है, जिसमें चावल, दाल, दो तरह की सब्जी, पुरी और मिठाईयां शामिल होती है।



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