
तेलंगाना विरासत स्थलों, पर्यटकों के आकर्षण, पुराने मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों के लिए भी हमेशा एक लोकप्रिय स्थान रहा है। बता दें तेलंगाना मुख्य रूप से दक्कन के पठार पर स्थित है।
आपको बता दें तेलंगाना भारत का सबसे युवा राज्य है। इसका गठन 2014 में हुआ था। तेलंगाना तीर्थयात्रा के लिए सुंदर और भव्य दिखने वाले स्थानों से भरा हुआ है। आज हम आपको तेलंगाना के कुछ सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां आपको एक बार जरूर जाना चाहिए।

आलमपुर जोगुलम्बा मंदिर
आलमपुर जोगुलम्बा मंदिर जोगुलम्बा के आलमपुर शहर में स्थित है। दरअसल इस क्षेत्र में कई मंदिरों का एक समूह है। यह सभी ब्रह्मा जी को समर्पित है और यहां पीठासीन देवता बाला ब्रह्मेश्वर हैं। मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है क्योंकि निकटतम रेलवे स्टेशन आलमपुर है।
दर्शन का समय: सुबह 7 बजे - शाम 8:30 बजे

सालेश्वरम लिंगय्या स्वामी मंदिर
सालेश्वरम लिंगय्या स्वामी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह नल्लामाला जंगल में स्थित एक विशेष गुफा के अंदर स्थित है। यह स्थान शहर की हलचल से दूर है। शिव लिंग से कुछ मीटर की दूरी पर एक जलप्रपात है, जहां से चट्टान के एक टुकड़े से पानी निकलता है।
दर्शन का समय: सुबह 6 बजे - शाम 8 बजे

पद्माक्षी मंदिर
पद्माक्षी मंदिर तेलंगाना में स्थित सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। मंदिर के अंदर देवता को 12वीं शताब्दी में बनाया गया था। मंदिर का एक वैकल्पिक नाम भी है, जिसे कदालय बसदी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर देवी पद्मावती को समर्पित है। यह मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है और हनमकोंडा के केंद्र में है, जो वारंगल के पास एक शहर है। हर साल हजारों महिलाएं यहां बथुकम्मा का त्योहार मनाती हैं।
दर्शन का समय: सुबह 6 बजे - शाम 6 बजे

छाया सोमेश्वर स्वामी मंदिर
छाया सोमेश्वर स्वामी मंदिर अतीत में अपनी रहस्यमयी घटनाओं के लिए बहुत प्रसिद्ध है। हिन्दी भाषा में 'छाया' शब्द का अर्थ छाया होता है। मंदिर के अंदर मौजूद शिव लिंग पर मंखदिर की छाया पड़ती है। छाया शानदार भी दिखती है। यह स्थान शिवरात्रि के दिनों में अपने उत्सवों के लिए बहुत प्रसिद्ध है।
दर्शन का समय: सुबह 4:30 बजे - शाम के 8 बजे

श्री राजा राजेश्वर मंदिर
श्री राजा राजेश्वर मंदिर वेमुलावाड़ा शहर में स्थित है और यह भगवान शिव को भी समर्पित है। देवता को राजन्ना के नाम से जाना जाता है और यह पूरे तेलंगाना में प्रसिद्ध है। मंदिर हिंदू होने के बावजूद, यहां किसी भी धर्म या जाति के भक्त भगवान की पूजा कर सकते हैं। यहां धर्म गुंडम के नाम से जाना जाने वाला एक जल निकाय है, जहां भक्त अपने शरीर को शुद्ध करने के लिए स्नान करते हैं। स्नान करने के बाद ही उन्हें देवता के दर्शन हो सकते हैं।



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