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महादेव के जयघोष के साथ खुल गये केदारनाथ के कपाट, दर्शन के लिए भक्तों को मिलेगा टोकन

उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर के कपाट 25 अप्रैल की सुबह खुल गये। अगले 6 महीनों तक भक्त केदारनाथ धाम की यात्रा और महादेव के दर्शन कर सकेंगे। भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में प्रवेश करने के लिए टोकन उपलब्ध करवाया जाएगा। इस साल पहली बार हेलिकॉप्टर की बुकिंग की सुविधा IRCTC के माध्यम से दी जा रही है।

kedarnath decoration

महादेव के जयघोष से गुंजा मंदिर परिसर

केदारनाथ धाम का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। यह ना सिर्फ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि यह चार धाम में से एक और पंच केदार में भी शामिल है। 25 अप्रैल की सुबह 6.20 बजे महादेव के जयघोष के साथ केदारनाथ के कपाट को खोल दिया गया। करीब 35 क्विंटल फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया। कपाट खुलते समय मंदिर परिसर में 10 हजार से ज्यादा भक्त मौजूद रहे।

kedarnath door opening

इन भक्तों पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की गयी। केदारनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुलने के बाद सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर की गयी। बाद में, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी केदारनाथ में पूजा-अर्चना की। मंदिर के कपाट को मुख्य पुजारी जगद्गुरु रावल भीमशंकर लिंग शिवाचार्य ने खोला। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान शंकर के जयघोष से गुंजता रहा।

दर्शन के लिए दिया जा रहा टोकन

इस साल पिछले साल के मुकाबले केदारनाथ में ज्यादा भक्तों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इस साल केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले ही 5.41 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन करवाने की व्यवस्था स्लॉट में की जा रही है। प्रशासन एक-एक घंटे के स्लॉट में 1250 टोकन वितरित करेगी। यात्रियों को संख्या के हिसाब से गर्भगृह में प्रवेश करने का मौका मिलेगा। हर दिन 13,000 तीर्थयात्रियों को मंदिर में दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।

kedarnath ki doli

केदारनाथ के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन माध्यम से भी किया जा सकता है। बताया जाता है कि इस साल गर्भगृह की दीवारों पर चांदी की जगह सोने की परत चढ़ाई गयी है। इसके साथ ही केदारनाथ में सोने का कलश स्थापित किया गया है। 21 अप्रैल को ही पंचकालिन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम के लिए निकली जो 24 अप्रैल की शाम को वहां पहुंची। इसे मंगलवार की सुबह मंदिर में स्थापित किया गया।

पहली बार IRCTC के माध्यम से हेलीकॉप्टर बुकिंग

kedarnath

केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही हेलीकॉप्टर सेवा को भी शुरू कर दिया गया है। जो तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा करना चाहते हैं, वे heliyatra.irctc.co.in पर जाकर बुकिंग कर सकते हैं। एक यूजर आईडी से अधिकतम 6 यात्रियों के लिए सीट बुक किया जा सकता है। वहीं ग्रुप में यात्रा कर रहे लोग अधिकतम 12 व्यक्तियों के लिए सीट बुक कर सकते हैं। हेलीकॉप्टर में सीट बुकिंग के लिए चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन का होना अनिवार्य है।

कैसे पहुंचे केदारनाथ

केदारनाथ की यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है। हरिद्वार देश के प्रमुख शहरों से रेल व सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। हरिद्वार से रुद्रप्रयाग 165 किमी की दूरी पर है, जहां पहुंचने में आपको 6 घंटों का समय लग सकता है। रुद्रप्रयाग से केदारनाथ 75 किमी दूर है।

kedarnath temple

यहां से आप गौरीकुंड के लिए ट्रेक करना शुरू कर सकते हैं। केदारनाथ पहुंचने में आपको करीब 3.30 घंटों का समय लग सकता है। रात में केदारनाथ में ही नाइट स्टे करने के बाद अगले दिन वापस रुद्रप्रयाग लौट आए। हरिद्वार से केदारनाथ तक के लिए आपको 3000 से 5000 रुपये तक का खर्च आ सकता है।

FAQs
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर का कितना किराया है?

IRCTC के वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग हो रहे हेलीकॉप्टर के लिए राउंड ट्रिप में किराया देना होता है। हेलीकॉप्टर सेवा सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से उपलब्ध है। तीनों जगहों से अलग-अलग किराया होता है। केदारनाथ तक के लिए हेलीकॉप्टर का किराया 5500 से 8000 रुपये तक होता है।

केदारनाथ का मंदिर 2023 में कब खुलेगा?

केदारनाथ मंदिर 2023 में 25 अप्रैल को खुल गया है। 27 अप्रैल को बद्रीनाथ मंदिर खुलने के साथ ही चारों धाम भक्तों के लिए पूरी तरह से खुल जाएंगे।

केदारनाथ जाने में कितना खर्च लगता है?

केदारनाथ की यात्रा हरिद्वार से शुरू हो जाती है। हरिद्वार से केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने में 5-6 हजार रुपये खर्च होते हैं।

केदारनाथ मंदिर की चढ़ाई में कितना समय लगता है?

आमतौर पर एक व्यक्ति को गौरीकुंड से केदारनाथ तक की चढ़ाई करने में करीब 5-6 घंटों का समय लगता है। यह चढ़ाई आराम से करनी चाहिए। दौड़भाग या चढ़ाई में हड़बड़ी करने से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। गौरीकुंड से चढ़ाई सुबह के समय में ही शुरू कर देनी चाहिए ताकि शाम की आरती के समय तक केदारनाथ मंदिर पहुंच जाए।

केदारनाथ मंदिर कब जाना चाहिए?

केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ मंदिर तक की यात्रा काफी कठिन होती है। नवंबर से मार्च कर यहां भारी बर्फबारी होती है, इसलिए केदारनाथ मंदिर साल में सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही खुलता है।

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