प्रकृति के प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों को हमेशा से ही उत्तराखंड की धरती ने अपनी तरफ आकर्षित किया है। उत्तराखंड, उत्तर भारत में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत और शांत पर्यटन केंद्र है । इस जगह का शुमार देश की उन चुनिन्दा जगहों में है जो अपनी सुन्दरता के चलते दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
'देवताओं की भूमि' के रूप में जाना जाने वाला उत्तराखंड अपने शांत वातावरण, मनमोहक दृश्यों और खूबसूरती के कारण पृथ्वी का स्वर्ग माना जाता है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशनों जैसे अल्मोड़ा, नैनीताल, मसूरी से हम सभी परिचित हैं।
शायद हममें से चंद ही ऐसे लोग होंगे जिन्होंने सातताल, रानीखेत, पौड़ी और नौकुचियाताल का नाम सुना हो। तो इसी क्रम में आज हम आपको अवगत कराएंगे उत्तराखंड के उन हिल स्टेशनों से जो हैं तो बहुत खूबसूरत मगर लोग इनके बारे में कम ही जानते हैं। तो कौन कौन हैं उत्तराखंड के गुमनाम मगर बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन जानने के लिए स्लाइड्स पर क्लिक करें।

औली
औली एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो पूरी दुनिया में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है। यह खूबसूरत जगह समुद्रतल से 2800 मी की ऊंचाई पर स्थित है। यह जगह ओक धार वाली ढलानों और सब्ज़ शंकुधारी जंगलों के लिए जानी जाती है। औली का इतिहास 8वीं शताब्दी में पाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, गुरु आदि शंकराचार्य इस पवित्र स्थान पर आए थे। इस जगह को 'बुग्याल ' भी कहा जाता है जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है 'घास का मैदान'। ओस की ढलानों पर चलते हुए पर्यटक नंदादेवी, मान पर्वत तथा कामत पर्वत शृंख्ला के अद्भुत नज़ारें देख सकते हैं। यात्री इन ढलानों से गुज़रने पर सेब के बाग और हरेभरे देवदार के पेड़ भी देख सकते हैं।

धनौल्टी
उत्तराखंड के गढ़वाल जिले में समुद्र तल से 2286 मीटर की उंचाई पर धनौल्टी नाम का एक बेहद सुन्दर हिल स्टेशन है। अपने शांत और सुरम्य वातावरण के लिए जानी जाने वाली यह जगह, चंबा से मसूरी के रास्ते में पड़ती है। यह जगह पर्यटकों के बीच इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यह मसूरी से काफी पास है, बल्कि सिर्फ 24 किलोमीटर दूर है। यहाँ से पर्यटक दून वैली के सुन्दर नज़ारे का मज़ा उठा सकते हैं।

कलसी
कलसी एक सुंदर पर्यटन गंतव्य है जो उत्तराखंड के देहरादून जिले में समुद्र स्तर से 780 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह जगह जौनसार-बावर आदिवासी क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है जो दो नदियों, यमुना और टोंस के संगम पर स्थित है। यह जगह विभिन्न प्राचीन स्मारकों के, साहसिक खेल और पिकनिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। अशोक रॉक ईडिक्ट, भारतीय पुरालेखों के इतिहास में से एक महत्वपूर्ण स्मारक और कलसी के लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है। यह वोह पत्थर है जिसपे मौर्य राजा, अशोका के 14 वे फरमान 253 ई.पू. में उत्कीर्ण किया गया था। यह फरमान राजा के बताये गए सुधारों और सलाह का संकलन है जिसको प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण किया है। इस संरचना की ऊंचाई 10 फुट और चौड़ाई 8 फुट है।

लैंसडाउन
लैंसडाउन, उत्तराखण्ड के पौडी जिले में स्थित एक सुन्दर हिल स्टेशन है, जहाँ गढवाल रेजीमेंट नामक भारतीय सेना का सैन्य-दल स्थित है। यह समुन्दरी तट से 1706 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। स्थानीय भाषा में इसे "कालुदंड" कहते हैं, जिसका अर्थ है "काली पहाडी"। 1887 में, भारत के वाइसरॉय रहे लोर्ड लैंसडाउन ने इस हिल स्टेशन की खोज की। औपनिवेशिक काल दौरान यह स्वतंत्रता सेनानियों का प्रमुख स्थान था। अंग्रेजों ने इस स्थान को गढवाल राइफल्स प्रक्षिक्षण केंद्र के रुप में विकसित किया। आज यहाँ, भारतीय सेना का गढवाल राइफल्स कमांड आफिस स्थित है। बलूत और देवदार के जंगलों से घिरा यह हिल स्टेशन सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। साथ ही, यह पर्यावरणीय पर्यटन के लिए भी उत्तम स्थान है।

पौड़ी
पौड़ी एक सुरम्य पर्यटन स्थल है जो समुद्र सतह से 1650 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह स्थान उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल जिले के जिला मुख्यालय की तरह कार्य करता है।देवदार के जंगलों से ढंका हुआ और कंडोलिया पहाड़ी के उत्तरी ढलानों पर स्थित यह स्थान पर्यटकों के लिए सम्मोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। पर्यटक यहाँ बर्फ से ढंके हुए मनोरम पहाड़ों जैसे बंदरपूंछ, जोंली, गंगोत्री समूह, नंदादेवी, त्रिशूल, चौखंभा, घोरी पर्वत, हाथी पर्वत, स्वर्गरोहिणी, जोगिन समूह, थालिया - सागर, केदारनाथ, सुमेरु और नीलकंठके दृश्य का आनंद उठा सकते हैं। अलकनंदा और नायर जिले की प्रमुख नदियाँ हैं।

नौकुचियाताल
नौकुचियाताल एक छोटा सा झील वाला गाँव है जो कि उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यह दर्शनीय पर्यटन स्थल समुद्र तल से 1219 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। झील की सुन्दरता और यहाँ की जाने वाली साहसिक गतिविधियाँ नौकुचियाताल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं। बर्डिंग यहाँ की प्रसिद्ध गतिविधियों में से एक है क्यों कि यहाँ पर पक्षियों और तितलियों की अनेक प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यात्री यहाँ पर अन्य रोचक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं जैसे कि बोटिंग, स्विमिंग, फिशिंग आदि। इसके अलावा माउंटेन बाइकिंग भी यहां एक एड्वेंचर्स स्पोर्ट है जो कि बहुत से पर्यटकों को यहां आने के लिए आकर्षित करता है।

रानीखेत
व्यापक रूप से 'रानी के मैदान' के रूप में जाना जाने वाला रानीखेत, अल्मोड़ा जिले का एक सुंदर हिल स्टेशन है। लोककथाओं के अनुसार, पद्मिनी, कुमाऊं क्षेत्र की सुंदर रानी रानीखेत आयीं थीं और इस जगह की खूबसूरती की कायल हो गईं। इसलिए, उनके पति राजा सुखहरदेव ने इस जगह पर एक महल का निर्माण कराया और इसे 'रानीखेत' का नाम दिया। हालांकि इस महल के लिए कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं है, रानीखेत के हर नुक्कड़ और कोने में कहानी अभी भी जिंदा है।

चोपटा
चोपटा एक खूबसूरत पहाड़ी है जो की उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में समुद्री तल से 2680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्टेशन है। इस गंतव्य को मिनी स्विट्ज़रलैंड के नाम से भी जाना जाता है। इसे ये उपाधि अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता और हरे भरे घास के मैदानों के लिए मिली है। पर्यटक यहाँ से चौखम्बा, त्रिशूल और नंदा देवी जैसी पर्वत श्रृंखलाओं का शानदार नजारा देख सकते हैं।



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