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गॉड्स ओन कंट्री में करिये इन 10 बेहद खूबसूरत स्थानों की यात्रा

Posted By: Staff

केरल, दक्षिण भारत में स्थित एक बेहद खूबसूरत राज्य है। ये भारत का वो राज्य है जहां भगवान खुद वास करते हैं।विशाल अरब सागर से घिरा ये राज्य "गॉड्स ओन कंट्री" या ईश्वर का निवास के नाम से भी जाना जाता है। जैसे ही कभी आप केरल की कल्पना करते हैं तो जो सबसे पहली चीज आपके दिमाग में आयेगी वो होगी वहां की प्रकृति वन्य जीवन और खूबसूरत झरने। आज केरल का शुमार भारत के उन चुनिंदा डेस्टिनेशनों में है जो अपनी खूबसूरती के चलते देश के अलावा विदेशों के पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।

मुन्नार,अलेप्पी ही नहीं कोट्टयम् भी केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन

चाहे जड़ा हो गर्मी हो या फिर बरसात हो आपको हर मौसम में केरल में पर्यटक घूमते मिल ही जाएंगे। शायद आपको ये पता हो केरल में बारिश बहुत होती है लेकिन ये जानकार आपको आश्चर्य होगा कि यहां सर्वाधिक पर्यटक बरसात के ही दिनों में आते हैं। ये भारत का एक बेहद खूबसूरत राज्य है हमारी तरफ से आपको एक सलाह है अपने जीवन में जरूर एक बार अलग अलग कल्चरों को अपने में समेटने वाले इस राज्य की यात्रा अवश्य करिये।

अब यदि आप केरल जाने का मूड बना रहे हैं या जल्द ही आपका केरल जाने का प्लान है तो आप स्लाइड में दिए गए स्थानों की यात्रा अवश्य करिये। हमारा दावा है आप केरल की अपनी इस जर्नी को कभी भूल नहीं पाएंगे।

मुन्नार

मुन्नार

मुन्‍नार एक अविश्‍वसनीय, शानदार और अतिआकर्षक मन को लुभाने वाला हिल स्‍टेशन है जो इडुक्‍की जिले में स्थित है। पहाड़ों के घुमावदार इलाकों से घिरा हुआ यह हिल स्‍टेशन पश्चिमी घाट पर स्थित है। मुन्‍नार नाम का अर्थ होता है तीन नदियां और जो मधुरपुजहा, नल्‍लाथन्‍नी और कुंडाली नदियों के अजीब मिलन स्‍थल वाले क्षेत्र को प्रदर्शित करता है। सीमा पर स्थित होने के कारण, मुन्‍नार शहर के पड़ोसी राज्‍य जैसे तमिलनाडु से कई सांस्‍कृतिक संबंध हैं। पर्यटन गंतव्‍यों की भारी मांग के बाद, यह हिल स्‍टेशन दुनिया भर में केरल के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के रूप में लोकप्रिय होने लगा है। देश के विभिन्‍न शहरों और अन्‍य बाहरी देशों से आने वाले लाखों पर्यटक और पिकनिक मनाने वाले लोगों के लिए यह हिल स्‍टेशन एक शानदार जगह है जहां वह अपनी छुट्टियां मजे से बिता सकते हैं।

अलेप्पी

अलेप्पी

लगून, शांति और फुरसत के पल बिताने की जगह के रूप में प्रसिद्ध अलेप्पी को पूरब का वेनिस कहा जाता है। यहाँ की नहरों और पाम के पेड़ों के बीच स्थित सुन्दर जलभराव और हरियाली रोमाँच को जागृत कर आपको कल्पनाओं के नये आयाम में पहुँचा देते हैं। केरल के प्रथम योजनाबद्द तरीके से निर्मित शहरों में से एक, इस शहर में जलमार्ग के कई गलियारे हैं जो वास्तव में एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में मदद करते हैं और आपकी यात्रा को यादगार बनाते हैं। अलेप्पी की यात्रा पर आप यहाँ के जलभराव और मनोरम दृश्यों की प्रशंसा करने के लिये मजबूर हो जायेंगें। समुद्रतट, झीलें और प्रख्यात हाउसबोट आप की इन्तजार कर रहे हैं!

वायनाड

वायनाड

वायनाड केरल के बारह जिलों में से एक है जो कन्नूर और कोझिकोड जिलों के मध्य स्थित है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। पश्चिमी घाट के हरे भरे पर्वतों के बीच स्थित वायनाड का प्राकृतिक सौन्दर्य आज भी अपने प्राचीन रूप में है। इस स्थान की प्रभावित करने वाली सुंदरता आपकी भूखी आँखों के लिए भोजन के समान है। अत: कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है कि पर्यटक दूर दूर से प्रति वर्ष वायनाड आते हैं। इस स्थान पर कॉर्पोरेट जगत के लोग भी सप्ताहांत में आराम करने और तरोताजा होने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं। वायनाड, वास्तव में शान्ति और संतुष्टि की खोज के लिए एक आदर्श स्थान है, अन्यथा ये तो आजकल जैसे हमारी ज़िन्दगी से गुम हो गई हैं।

कोवलम

कोवलम

कोवलम, केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम (जिसे पहले त्रिवेंद्रम कहा जाता था) के पास समुद्र के तट पर स्थित एक जाना-माना शहर है। यह शहर शक्तिशाली अरब सागर का सामना करता हुआ यहाँ स्थित है। यह समुद्र तट(बीच) तिरुवनंतपुरम के मुख्य शहर से ज्यादा दूर नहीं है। शहर के केंद्र से आपको इस सुरम्य और मनोहारी समुद्र तट(बीच) तक पहुँचने के लिए १६ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। 'कोवलम' मलयालम भाषा से लिया गया एक शब्द है जिसका मतलब है कि 'नारियल के पेड़ों का झाड़-झंखाड़ की तरह उगना। यह नाम इस शहर के लिए बहुत उपयुक्त है क्योंकि यहाँ नारियल के पेड़ों के छोटे-छोटे जंगल(कुंज) बहुतायत मिलते हैं। जैसे कश्मीर को इस ‘धरती का स्वर्ग' कहा जाता है उसी तरह को कोवलम को भी 'दक्षिण के स्वर्ग' के रूप में जाना जाता है।

तेक्केडी

तेक्केडी

इडुक्की जिले में स्थित, तेक्केडी, केरल के बेहद प्रभावशाली पर्यटन स्थलों में से एक है। हालांकि,विशेष रूप से पेरियार वन्यजीव अभयारण्य के लिए जाना जाने वाला यह आकर्षक पर्यटन स्थल ट्रैकर्स, प्रकृति प्रेमियों, वन्य जीव प्रेमियों, साहसियों, पिकनिक मनाने वालों तथा सदा घूमने के शौकीन(बैगपैकर्स) लोगों की रूचियों व हितों को पूरा करता है। तेक्केडी, केरल-तमिलनाडु की सीमा के करीब स्थित है इसलिए यहां एक खास संस्कृति एवं परंपरा दिखाई देती है। इसकी खास अवस्थिति केरल और तमिलनाडु दोनों से इस स्थान तक पहुँचना खास बना देता है। तेक्केडी का वन्यजीव अभयारण्य प्रतिवर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

कोच्चि

कोच्चि

कोच्चि एक अनूठा पर्यटन स्थल है और अपने जीवनकाल में इसे एक बार अवश्य देखना चाहिए। यह शानदार शहर भारत का प्रमुख बंदरगाह शहर है और यह अपने शक्तिशाली अरब सागर के पानी पर इठलाता है। कोच्चि, जो पहले कोचीन के नाम से जाना जाता था केरल के एर्नाकुलम जिले के अंतर्गत आता है। कोच्चि का नाम मलयालम के शब्द ‘ कोचु अजहि' के नाम पर पड़ा है जिसका अर्थ है ‘छोटी खाड़ी', जो इस बंदरगाह शहर के लिए उपयुक्त है। इस शहर का वर्णन कई प्राचीन यात्रियों के लेखन में किया गया है क्योंकि यह हमेशा से ही विश्व के लोगों का पसंदीदा गंतव्य रहा है।

तेनमाला

तेनमाला

तेनमाला एक मुख्य पर्यावरण पर्यटन के हॉट स्पॉट के रूप में जाना जाता है। यह कोल्लम जिले में स्थित एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। वस्तुत: यह जगह 'हनी हिल' के रूप में जानी जाती है, इस जगह शहद का उत्पादन होता है और ऐसा माना जाता है कि इस शहद में कई औषधीय गुण होते हैं। केरल की राजधानी से लगभग 70 किमी की दूरी पर स्थित इस जगह पर भारत की पहली पारिस्थितिकी पर्यटन (इको ट्युरिज्म) की योजना बनाई गई।इको ट्युरिज्म के अंतर्गत इस क्षेत्र को 5 प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है- सांस्कृतिक क्षेत्र, साहसिक क्षेत्र, आराम क्षेत्र, हिरण पुनर्वास क्षेत्र और नौकाविहार क्षेत्र। सदाबहार जंगल के कई एकड़ में फैला हुआ तेनमाला देश के भीतर और विदेश से लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

कुमाराकोम

कुमाराकोम

कुमाराकोम छोटे और सुंदर द्वीपों के झुँड के रूप में केरल के सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। केरल की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील, वेम्बानाड झील के तट पर बसा कुमारकोम अपने प्राचीन और मोहक सुंदरता से दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। कोट्टयम जिले से लगभग 16 किमी दूर स्थित यह जगह अपने जलाशयी पर्यटन के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हरियाली और नदियों से घिरा कुमारकोम का प्रायद्वीप पर्यटकों को आराम करने और फिर से स्फूर्तित होने के लिये आमंत्रित करता है।

बेकल

बेकल

बेकल एक छोटा शहर है जो अरब सागर के तटीय किनारों पर शांतिपूर्वक स्थित है। यह पल्लिकारे गाँव के भीतर है जो केरल के कासरगोड जिले के अंतर्गत आता है। बेकल का नाम ‘बलिअकुलम' से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ है बड़ा महल। स्थानीय मिथकों के अनुसार भूतकाल में यहाँ एक महल स्थित था। बेकल एक महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल है जिसमें कई मुख्य आकर्षण हैं। इस नगर की सुरम्य खूबसूरती उल्लेखनीय है जो संपूर्ण विश्व के पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है।

त्रिशूर

त्रिशूर

त्रिशूर छुट्टी मनाने के लिए आदर्श स्थान है यदि आप यहाँ वे सब आनंद महसूस नहीं करते जिसमें आप लिप्त रहने का प्रयत्न कर रहे हैं। केरल की सांस्कृतिक राजधानी के नाम से जाना जाने वाला यह वह मोहक स्थान है जो पुरुषों और देवताओं की कारीगरी द्वारा बनाई गई सौंदर्य की दुनिया में आपकी आँखें खोल देगा। त्रिशूर, जो त्रिशिवापेरुर का लघु नाम है (जिसका वास्तविक अर्थ है "भगवान शिव के नाम वाला शहर"), का नाम यहाँ के इष्ट देव वडक्कुम्नाथन क्षेत्रम के नाम पर पड़ा।

 

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