आमतौर पर लोगों के लिए गोवा का मतलब सिर्फ Beach पर घुमना, नाइट लाइफ को एंजॉय करना, कैफे और ढेर सारी मस्तियों से ही होता है। लेकिन गोवा में इसके अलावा और भी कई जगहें हैं, जिनको अक्सर पर्यटक नजरंदाज कर जाते हैं। ऐसी ही एक जगह है गोवा का 'स्पाइस विलेज'। जी हां, गोवा में कई स्पाइस विलेज हैं, जो आपकी ट्रिप में एक मसालेदार तड़का जरूर लगाते हैं।

क्या कहा आपने, आपको गोवा के स्पाइस विलेज के बारे में ज्यादा नहीं पता। कोई बात नहीं, हम आपको बताते हैं कि अपनी अगली गोवा ट्रिप में आपको स्पाइस विलेज को अपनी Itinerary में क्यों जोड़ना चाहिए।
क्या होता है स्पाइस विलेज
दरअसल, स्पाइस विलेज एक विशाल क्षेत्र में फैला मसालों का बागिचा होता है जहां कई तरह के मसाले उगाए जाते हैं। समुद्र के किनारे बसे गोवा का वातावरण ही मसालों की खेती के लिए बहुत अच्छा होता है। गोवा में पुर्तगालियों का प्रभाव भी काफी ज्यादा रहा है जो यहां की परंपरागत खाद्य शैली में भी शामिल हो चुका है।

यहीं वजह है कि कोंकणी और गोवन फुड स्टाइल में अलग-अलग तरह के मसालों का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जो यहां मसालों की खपत को भी बढ़ाता है। इसलिए गोवा में कई स्पाइस विलेज तैयार किये गये जहां मसालों को ऑर्गैनिक तरीके से उगाया जाता है।
क्या-क्या होता है स्पाइस विलेज के टूर में
खास होता है स्वागत : गोवा के स्पाइस विलेज में पर्यटकों का स्वागत बहुत ही खास अंदाज में किया जाता है। यहां आने वाले पर्यटकों को टीका लगाकर और उनपर फुल तो बरसाए ही जाते हैं, इसके साथ उन पर घड़ों का पानी भी उड़ेला जाता है। जी हां, स्पाइस विलेज में यह स्वागत करने का एक तरीका होता है। आपसे सामने की तरफ थोड़ा झुककर अपनी पीठ स्पाइस विलेज के कर्मी की तरफ करने के लिए कहा जाता है।
फिर आपकी पीठ पर एक विशेष प्रकार का पानी, जिसे मिट्टी के घड़े में रखा जाता है, उसे उड़ेला जाता है। इस पानी में लैवेंडर समेत और भी कई मसालों का मिश्रण होता है। यकिन मानिए, इस पानी के आपकी पीठ पर पड़ते ही सारी थकान पलभर में ही उड़न छु हो जाती है।

टूर गाईड : हर स्पाइस विलेज की टूर पर आपको गाईड मुहैया करवाया जाता है, जो आपको मसालों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हैं। कौन सा पेड़ पर कौन सा मसाला उगता है, पेड़ के किस हिस्से का इस्तेमाल मसाले के तौर पर किया जाता है, कब पेड़ पर फुल और फल आते हैं, साल के कौन से महीने में मसालों को पेड़ से तोड़ा जाता है, कितने समय के अंतराल पर पेड़ की छाल को उतारकर उसे मसाले की तरह इस्तेमाल किया जाता है, पेड़ से तोड़ने के बाद मसालों को इस्तेमाल के योग्य कैसे बनाया जाता है आदि सभी जानकारियां यहां आपको दी जाती है। यहां आपको सिर्फ मसालों को ही नहीं बल्कि बागिचे में लगे उनके पेड़ों को भी देखने का मौका मिलता है।

ताजे मसाले खरीदने का मौका : स्पाइस विलेज में मसालों को सिर्फ देखने का ही नहीं बल्कि उन्हें खरीदने का भी मौका मिलता है। जी हां, स्पाइस विलेज में इनकी खुद की छोटी सी दुकान होती है जिसमें यहां उगने वाली सभी शुद्ध मसालों को बेचा जाता है। पर्यटक अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार मसालों की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा यहां कच्चे काजू से बना विशेष पेय पदार्थ फेनी भी मिलता है, जिसे पर्यटक बड़े ही चाव से पीते हैं।
अगर आपको इन मसालों से बने भोजन को चखने का मन है तो स्पाइस विलेज में आपको वो मौका भी मिलेगा। स्पाइस विलेज में पर्यटकों के लिए परंपरागत कोंकणी व गोवन भोजन की व्यवस्था भी होती है। मसालों को खरीदने के साथ ही उनके इस्तेमाल और उनके फायदों के बारे में भी अच्छी तरह से समझा दिया जाता है।
कौन-कौन से हैं स्पाइस विलेज
गोवा में कई छोटे-बड़े स्पाइस विलेज हैं, जहां पर्यटक घुम और इस मसालेदार टूर का लुत्फ उठा सकते हैं।
- द सहकारी स्पाइस फार्म
- सवोई प्लांटेशन
- ट्रॉपिकल स्पाइस प्लांटेशन
- पास्कल स्पाइस विलेज
- तंशिकल स्पाइस फार्म



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