पिछले कई दिनों से उत्तरकाशी में हुआ टनल हादसा सुर्खियों में छाया हुआ है। करीब 10 दिन बीत जाने के बावजूद उत्तरकाशी में निर्माणाधिन टनल के अंदर 41 मजदूर फंसे हुए हैं। उन्हें बाहर निकालने की लगातार कोशिशें भी की जा रही हैं। पहाड़ों के साथ समतल भूमि के संपर्क को बढ़ाने के लिए विकासकार्यों के तहत पहाड़ों को काटकर सुरंग (Tunnel) बनायी जाती है ताकि पहाड़ी इलाकों में आवाजाही करने में सुविधा हो।

सुरंग बन जाने से इन रास्तों से होकर हर मौसम में लोग आवाजाही कर पाते हैं। पहाड़ों को काटकर रोड के साथ-साथ रेल टनल भी तैयार की जाती है। अब तक भारत के पहाड़ी इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश आदि में पहाड़ों को काटकर कई जगहों पर सुरंग तैयार की जा चुकी हैं।
आइए भारत की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण रोड सुरंगों के बारे में बताते हैं :-
1. अटल रोड सुरंग

सबसे ऊंची जगहों पर बनायी गयी सुरंगों में अभी अटल रोड टनल का नाम सबसे ऊपर आता है। इस सुरंग की लंबाई 9.02 किमी है। इसे हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में बनाया गया है। मनाली से लेह को जोड़ने वाली अटल टनल का उद्घाटन अक्टूबर 2020 में किया गया था। इस सुरंग के बन जाने के बाद लेह से मनाली की दूरी को तय करने में अब करीब 4 घंटों का समय कम लगता है। हर तरह की आधुनिक सुविधाओं से लैस यह 2 लेन सुरंग एक टेक-सेवी सुरंग है, जिसमें फायर स्टेशन, एक इमरजेंसी फोन सेवा और अवालांच गैलरी भी मौजूद है।
2. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड सुरंग
भारत की सबसे लंबी सुरंगों में जम्मू-कश्मीर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड सुरंग का नाम आता है। इस सुरंग की लंबाई 9.34 किमी है, जो समुद्रतल से करीब 4000 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। यह सुरंग चेनानी में शुरू होती है और नश्री में खत्म होती है। इस सुरंग के बन जाने के कारण जम्मू से श्रीनगर तक पहुंचने में अब लगभग 2 घंटे समय कम लगता है।
3. बनीहाल काज़ीगंद रोड सुरंग
जम्मू-कश्मीर में साल 2021 में उद्घाटन हुए बनीहाल रोड सुरंग को तैयार करने में लगभग 10 सालों का समय लगा था। समुद्रतल से लगभग 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह सुरंग 8.5 किमी लंबा है। यह एक 2 ट्यूब सुरंग है, जिसमें 124 जेट फैन, 234 सीसीटीवी कैमरे, फायरफाइटिंग सिस्टम लगे हुए हैं, ताकि किसी भी आपातकालिन स्थिति से निपटा जा सकें।

4. कुथीरन रोड सुरंग
केरल के त्रिशुर में स्थित कुथीरन रोड सुरंग को भारत का दूसरा सबसे लंबा रोड टनल कहा जाता है। यह सुरंग लगभग 8.7 किमी लंबी है। अप्रैल 2019 में इस सुरंग का उद्घाटन किया गया था। इस रोड सुरंग में 2 नहीं बल्कि 4 लेन हैं जिसकी वजह से एक बार में अधिक संख्या में गाड़ियां आराम से आवाजाही कर पाती हैं। इस सुरंग के बन जाने की वजह से त्रिशुर से पलक्कड़ के बीच की दूरी को तय करने में लगभग 2 घंटे का समय कम लगता है।
5. सेला सुरंग

अरुणाचल प्रदेश में निर्माणाधिन सेला टनल करीब 12.04 किमी लंबी होने वाली है। बताया जाता है कि यह सुरंग सेला पास से होकर गुजरेगी। एक बार निर्माण पूरा हो जाने के बाद सेला सुरंग दीरंग और तवांग को जोड़ेगी।
6. औट सुंरग
साल 2006 में जब हिमाचल प्रदेश में इस सुरंग का उद्घाटन किया गया था, तब यह एशिया की सबसे लंबी सुरंग थी। यह कुल्लु और मनाली के लिए एंट्रांस डोर के रूप में काम करती है। यह सुरंग लार्जी डैम रिजर्वर के पास मौजूद है। हालांकि 2 लेन की इस सुरंग में अभी तक अग्निशमन सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गये हैं, लेकिन इस सुरंग से होकर गुजरना एक रोमांचक सफर होता है।
7. ज़ोजी ला सुरंग

कारगिल और श्रीनगर के बीच के संपर्क को बढ़ाने के लिए ज़ोजी ला सुरंग को तैयार किया जा रहा है। एक बार इसका निर्माणकार्य पूरा हो जाने के बाद ज़ोजी ला पास को पार करने में महज 15 मिनट का समय ही लगेगा जबकि अभी इस पास को पार करने में करीब 3 घंटों का समय लग जाता है। सिर्फ पर्यटन ही नहीं बल्कि कारगिल में सीमा पर तैनात सेना के जवानों तक खाना, आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने में भी इस सुरंग की भूमिका उल्लेखनिय होगी।
8. घाट की गुनी सुरंग
राजस्थान की राजधानी जयपुर को आगरा से जोड़ने वाली सुरंग घाट की गुनी सुंरग का उद्घाटन वर्ष 2013 में किया गया था। इस सुरंग के आसपास का नजारा इतना शानदार होता है कि इससे होकर गुजरने वाले यात्रियों को यह सफर जीवन भर याद रहेगा। यह सुरंग झालना हिल्स से होकर गुजरती है और रास्ते में कुछ शानदार हेरिटेज इमारतें हैं जो इस सफर को और भी शानदार बना देती है।

9. भटन सुरंग
महाराष्ट्र का भटन सुरंग 6 लेन चौड़ा है, जिसका उद्घाटन वर्ष 2000 में किया गया था। 1.17 किमी लंबी इस सुरंग को भारत की उन सुरंगों में गिना जाता है, जिनके आसपास का नजारा मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। यह सुरंग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इस सुरंग से होकर गुजरने वाले यात्रियों को सहयाद्री पर्वतश्रृंखला में स्थित इस सुरंग की सुन्दरता आकर्षित करती है। इस सुरंग के अंदर फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है।
10. Z-मोर्ह सुरंग
श्रीनगर को कारगिल से जोड़ने वाली निर्माणाधिन Z-मोर्ह सुरंग की लंबाई करीब 6.5 किमी होगी। ज़ोजी ला सुरंग की तरह ही यह सुरंग भी श्रीनगर और लद्दाख क्षेत्र के बीच संपर्क को बढ़ाने का काम करेगी। मजेदार बात है कि गगनगीर और सोनमर्ग के बीच इस सुरंग का आकार अंग्रेजी के अक्षर Z की तरह दिखता है। इसी वजह से इस सुरंग को Z-मोर्ह सुरंग कहा जाता है।



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