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किसी में भूत और आत्माएं तो कहीं कभी नहीं आ सका दुश्मन ऐसे हैं भारत के ये 30 किले

Posted By: Staff

बचपन में आपने किलों के बारे में अवश्य ही सुना होगा। हमारी दादी नानी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियों में भले ही कुछ हो न हो मगर उनमें कुछ चीजें अवश्य रहेंगी जैसे एक बूढ़ा राजा, उसकी बेटी और किला जिसमें एक दुष्ट राक्षस रहता है। किले हमेशा से ही सबके कौतुहल का विषय रहे हैं। बात जब भारत में पर्यटन की हो और ऐसे में हम भारत के किलों का वर्णन न करें तो बात लगभग अधूरी रहती है। तो आइये सबसे पहले आपको ये बताते हैं कि किले क्या होते हैं। भानगढ़ का भूतिया किला

शत्रु से सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाली इमारत को किले या दुर्ग के नाम से जाना जाता है। इन्हें 'गढ़' और 'कोट' भी कहते हैं। दुर्ग, पत्थर आदि की चौड़ी दीवालों से घिरा हुआ वह स्थान है जिसके भीतर राजा, सरदार और सेना के सिपाही आदि रहते है। नगरों, सैनिक छावनियों और राजप्रासादों सुरक्षा के लिये किलों के निर्माण की परंपरा अति प्राचीन काल से चली आ रही है। आधुनिक युग में युद्ध के साधनों और रण-कौशल में वृद्धि तथा परिवर्तन हो जाने के कारण किलों का महत्व समाप्त हो गया है और इनकी कोई आवशकता नहीं रही।

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भारत के मध्यकालीन किलों के संबंध में बातें कुछ अधिक विस्तार से ज्ञात होती हैं। सामान्यत: किलों की दीवारें बड़ी चौड़ी तथा ऊँची बनाई जाती थीं जिनमें बीच में ऊँची बुर्जे तथा विशाल फाटक होते थे। इस काल के छोटी-छोटी पहाड़ियों पर बनाए गए किले बहुत बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।

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तो आइये अब आपको तस्वीरों के माध्यम से दिखाते हैं भारत के कुछ प्रमुख किले।

वारंगल किला

वारंगल किला

वारंगल का किला अपने आप में अलग प्रकार का आकर्षण है जिसका पर्यटक आनन्द ले सकते हैं। इसे दक्षिण भारतीय वास्तुकला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण माना जाता है। गणपतिदेव ने 1199 ई0 में किले की शुरुआत कराई लेकिन इसका ऩिर्माण उनकी पुत्री रानी रुद्रामा देवी के समय में 1261ई0 में पूर्ण हुआ।

 पन्हाला किला

पन्हाला किला

पन्हाला किला पन्हाला के क्षेत्र के एक चिन्हक किला है। इस का नाम शहर के नाम पर ही है और यह डेक्कन क्षेत्र का सबसे बड़ा और शानदार किला है। इस स्मारक का निर्माण लगभग 900 साल पहले 12 वीं शताब्दी में राजा भोज ने कराया था। इस किले का निर्माण सुरक्षा के उद्देश्य से किया गया था और यहाँ पर प्रवेश मज़बूत दुहेरी दीवारों से किया जा सकता था।

 अख्‍नुर किला

अख्‍नुर किला

यह ऐतिहासिक किला जम्‍मू से 32 किमी. की दूरी पर स्थित है जिसे 19 वीं सदी में बनवाया गया था। यह किला चेनाव नदी के तट पर स्थित है। पुरातत्‍वविदों के अनुसार, यह किला कई काल पहले हडप्‍पा संस्‍कृति में बना हुआ है जो बाद में नष्‍ट हो गया था।

असीरगढ किला

असीरगढ किला

असीरगढ किला या असीगढ किले को अहीर राजवंश के राजा आसा अहीर ने बनाया था। पहले इस किले को आसा अहीर गढ कहा जाता था, लेकिन समय के साथ इस किला का नाम छोटा कर दिया गया, और आज अपने मौजूदा नाम से जाना जाता है। स्थानीय किंवदंतियों अनुसार, यह माना जाता है कि इस किले को बल से नहीं जीता जा सकता।

बादामी किला

बादामी किला

बादामी किला इस क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण है जो एक पहाडी के शीर्ष पर बादामी गुफाओं के ठीक सामने स्थित है। यह किला मुख्य शहर से 2 किमी. की दूरी पर तथा भूतनाथ मंदिर की पूर्व दिशा में स्थित है। एक समय में यह चालुक्य वंश के राजाओं का घर था।

बेकल किला

बेकल किला

बेकल किला अंतहीन तरंगों की अनन्त प्रतिष्ठा के साथ ताड़ के वृक्षों की दो झालरदार तटों के बीच उन्नत रूप से खड़ा हुआ है। मिथकों के अनुसार यह किला चिरक्कल राजाओं के समय से है क्योंकि उन दिनों सुरक्षा की दृष्टि से किले बनाना एक आम बात थी।

 भानगढ़ का किला

भानगढ़ का किला

राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला एक मध्ययुगीन किला है । यह किला अम्बेर के महान मुगल सेनापति,मान सिंह के बेटे माधो सिंह द्वारा 1613 में बनवाया गया था। राजा माधो सिंह अकबर की सेना के जनरल थे। ये किला जितना शानदार है उतना ही विशाल भी है, वर्तमान में ये किला एक खंडहर में तब्दील हो गया है।

 किला फोर्ट विलियम

किला फोर्ट विलियम

ये किला पश्चिम बंगाल के कोलकाता में है आज इस कोलकाता हाई कोर्ट के नाम से भी जाना जाता है।

चम्पानेर फोर्ट

चम्पानेर फोर्ट

इस किले का भी शुमार भारत के सबसे खूबसूरत किलों में किया जाता है। ये स्थाना एक युनेस्को विश्व धरोहर स्थल है,जिसे इस सूची में सन 2004 में सम्मिलित किया गया था।

 दौलताबाद किला

दौलताबाद किला

दौलताबाद किला'-एक उपेक्षित किला ! न शोधकर्ताओं की नज़र पड़ती है न ही इसे संरक्षित रखने के प्रयाप्त उपाय किए जा रहे हैं.कमजोर दीवारें गिर रही हैं..एक प्राचीन धरोहर भारत खोता जा रहा है.इतिहास गवाह है -यही एक मात्र एक ऐसा किला है जिसे कभी कोई जीत नहीं सका।

आगरा का किला

आगरा का किला

आगरा के किले को कभी-कभी लाल किला भी कहा जाता है। न सिर्फ लाल रंग, बल्कि दिल्ली स्थित लाल किले से इसकी वास्तुशिल्प शैली और डिजाइन भी काफी मिलती है। दोनों ही किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है। यही कारण है कि जब पर्यटक आगरा के किले को देखते हैं, तो उन्हें दिल्ली का लाल किला याद आ जाता है।

गोलकोण्डा का किला

गोलकोण्डा का किला

गोलकुंडा या गोलकोण्डा दक्षिणी भारत में, हैदराबाद नगर से पाँच मील पश्चिम स्थित एक दुर्ग तथा ध्वस्त नगर है। पूर्वकाल में यह कुतबशाही राज्य में मिलनेवाले हीरे-जवाहरातों के लिये प्रसिद्ध था।

ग्वालियर किला

ग्वालियर किला

भारत का शानदार और भव्य स्मारक, ग्वालियर का किला ग्वालियर के केंद्र में स्थित है। पहाडी की चोटी पर स्थित इस स्थान से घाटी और शहर का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। पहाड़ी की ओर जाने वाले वक्र रास्ते की चट्टानों पर जैन तीर्थंकरों की सुंदर नक्काशियां देखी जा सकती हैं। वर्तमान में स्थित ग्वालियर किले का निर्माण तोमर वंश के राजा मान सिंह तोमर ने करवाया था।

जैसलमेर किला

जैसलमेर किला

जैसलमेर किले को जैसलमेर की शान के रूप में माना जाता है और यह शहर के केन्द्र में स्थित है। यह 'सोनार किला' या 'स्वर्ण किले' के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह पीले बलुआ पत्थर का किला सूर्यास्त के समय सोने की तरह चमकता है। इसे 1156 ई0 में एक भाटी राजपूत शासक जैसल द्वारा त्रिकुरा पहाड़ी के शीर्ष पर निर्मित किया गया था।

जौनपुर किला

जौनपुर किला

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में स्थित ये किला 14 वीं शताब्दी में सुल्तान फ़िरोज़ शाह तुगलक द्वारा बनवाया गया था। ये किला गोमती नदी के किनारे पर स्थित है। इस किले का शुमार भारत के सबसे ऊंचे किलों में होता है।

काँगड़ा किला

काँगड़ा किला

कांगड़ा किले को नगर कोट के नाम से भी जाना जाता है। जिसका निर्माण काँगड़ा के मुख्य साही परिवार ने कराया था। समुद्र स्तर से 350 फुट की ऊंचाई पर स्थित ये किला 4 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। ये किला आज जहाँ स्थित है उसे पुराना काँगड़ा भी कहा जाता है।

खिमसर किला

खिमसर किला

खिमसर किला यहाँ का सबसे प्रमुख पर्यटक आकर्षण है जो थार मरुस्थल के किनारे स्थित है । इस किले का निर्माण ठाकुर करम सिंह जी ने सोलहवीं शताब्दी में करवाया था। जो जोधपुर के संस्थापक जोधाजी के 8 वें पुत्र थे । इस पीले रंग के किले का निर्माण 16 वीं शताब्दी में पूरी तरह से राजपूताना वास्तुकला शैली को ध्यान में रखकर किया गया था।

मुरुड जंजीरा किला

मुरुड जंजीरा किला

जंजीरा किला एक विशाल किला है जिसे 16 वीं शताब्दी में बनाया गया था और चारों ओर से अरब सागर से घिरा हुआ है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मुरुड जंजीरा में स्थित यह किला सिद्दी राजवंश के महान शासन का एक मजबूत प्रमाण है।

नमक्कल दुर्गम किला

नमक्कल दुर्गम किला

16 वीं सदी में रामचंद्र नायकर द्वारा बनाया गया नमक्कल दुर्गम किला, नमगिरी पहाड़ी के ऊपर स्थित है। इस किले में एक खंड़ित प्राचीन विष्णु मंदिर भी मौजूद है। नमक्कल दुर्गम किला डेढ़ एकड़ के क्षेत्र में फैला है। किले तक पहुंचने के लिए इसकी दक्षिणि पश्चिमी दिशा में तंग सीढियां बनाई गई हैं।

पुराना किला दिल्ली

पुराना किला दिल्ली

दिल्ली का पुराना किला एक रोचक पर्यटक स्थल है। दिल्ली के सभी किलों में सबसे पुराना होने के साथ-साथ यह दिल्ली की सभी संरचनाओं में भी सबसे पुराना भी है और यह इन्द्रप्रस्थ नामक स्थान पर स्थित है जो कि एक विख्यात शहर था।

पालक्कड़ किला

पालक्कड़ किला

पालक्कड़ किला, जिसे टीपू के किले के नाम से भी जाना जाता है, पालक्कड़ जिले की लोकप्रिय ऐतिहासिक इमारत है। सन् 1766 में मैसूर के महान राजा हैदर अली द्वारा निर्मित यह किला शहर के केन्द्र में स्थित है और सड़क द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।

मेहरानगढ़ किला

मेहरानगढ़ किला

मेहरानगढ़ किला एक बुलंद पहाड़ी पर 150 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह शानदार किला राव जोधा द्वारा 1459 ई0 में बनाया गया था। यह किला जोधपुर शहर से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। इस किले के सात गेट हैं जहां आगंतुक दूसरे गेट पर युद्ध के दौरान तोप के गोलों के द्वारा बनाये गये निशानों को देख सकते हैं।

रामनगर फोर्ट

रामनगर फोर्ट

आप देख सकते हैं इस किले को। इस किले का शुमार भारत के सबसे सुन्दर किलों में है।

 रेड फोर्ट

रेड फोर्ट

लाल किला (लाल किला) प्रसिद्ध किले किले - ए - मोअल्ला का नया नाम हैजो शाहजहानाबाद का केन्द्र बिन्दु होने के अलावा उस समय की राजधानी था। इस किले को 17 वीं सदी के मध्य के दौरान स्थापित किया गया था। किले का निर्माण उस्ताद अहमद द्वारा किया गया था, इस किले का निर्माण 1639 में शुरू हुआ जो 1648 तक जारी रहा।

रोहतासगढ़ किला

रोहतासगढ़ किला

इस किले का शुमार बिहार के सबसे प्राचीन किलों में होता है। आप किले के बगल में सोन घाटी के भी दीदार कर सकेंगे ये किला एक बहुत ही विशाल किला है।

 श्रीरंगापट्नम का किला

श्रीरंगापट्नम का किला

श्रीरंगापट्नम की यात्रा पर आए यात्रियों को श्रीरंगापट्नम का किला अवश्य देखना चाहिए जो कि 1537 में सामंत देवगौड़ा ने बनवाया था।यह किला कावेरी नदी के बीच एक उपद्वीप पर बना है जिसे टीपू सुल्तान का किला भी कहते हैं और यह भारतीय-इस्लामिक वास्तुकला शैली को दर्शाता है। इस किले के चार प्रवेशद्वार-दिल्ली, बंगलोर, मैसूर तथा जल व गज हैं।

तुग़लक़ाबाद किला

तुग़लक़ाबाद किला

तुग़लक़ाबाद का क़िला, दिल्ली के सात शहरों में से तीसरा शहर है। इसके अवशेष प्रसिद्ध कुतुब मीनार से 8 कि.मी. पूर्व में स्थित हैं। इसके पास ही घियास उद दीन तुगलक का मकबरा भि बना हुआ है, जो लाल बलुआ पत्थर का बना है।

 चित्तौड़गढ़ किला

चित्तौड़गढ़ किला

चित्तौड़गढ़ किला एक भव्य और शानदार संरचना है जो चित्तौड़गढ़ के शानदार इतिहास को बताता है।यह इस शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। एक लोककथा के अनुसार इस किले का निर्माण मौर्य ने 7 वीं शताब्दी के दौरान किया था। यह शानदार संरचना 180 मीटर ऊँची पहाड़ी पर स्थित है और लगभग 700 एकड के क्षेत्र में फ़ैली हुई है।

तालवास किला

तालवास किला

बूंदी में तालवास किला एक मुख्य आकर्षण है। अजीत सिंह द्वारा निर्मित यह भव्य किला रामगढ़ अभयारण्य के पास स्थित है। धूलेश्वर महादेव शिव मंदिर इस किले के पास स्थित है। तालवास में एक जलप्रपात पूरे भारत से आए हुए पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण स्थल है।

किशनगढ़ किला

किशनगढ़ किला

किशनगढ़ भारतीय राज्य राजस्थान के अजमेर जिले का एक नगर है। यह अजमेर से 18 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर स्थित है।

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