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गुजरात के अमरेली स्थित खूबसूरत पर्यटन स्थल, जानिए खासियतें

अमरेली, भारत के गुजरात राज्य का एक महत्वपूर्ण शहर है, जो अमरेली जिले के अंतर्गत आता है, और खंभात की खाड़ी के पास स्थित है। यह स्थल प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी ज्यादा मायने रखता है। एक शानदार और रोमांचक सैर के लिए यह एक आदर्श स्थल है, जहां का प्लान परिवार या दोस्तों के साथ बनाया जा सकता है।

इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह एक प्राचीन स्थल है, जिसका संबंध 534 ईस्वी से है, माना जाता है कि यह उस दौरान अनुमानजी के नाम से प्रसिद्ध था, जिसके बाद इसका नाम अमलिक हुआ और फिर अमरावती।

अमरेली का प्राचीन संस्कृत नाम अमरावल्ली है। स्वतंत्रता के बाद अमरेली जिला बॉबे स्टेट का अंग बना और बॉबे स्टेट के विभाजन के बाद यह गुजरात का स्वतंत्र जिला बना। अमरेली अपने विश्व प्रसिद्ध गीर वन्यजीव अभयारण्य और पोर्ट पीपावाव के लिए ज्यादा प्रसिद्ध है। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से यह प्राचीन स्थल आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

 गीर वन्यजीव अभायरण्य

गीर वन्यजीव अभायरण्य

PC- Suresh Shetty

अमरेली भ्रमण की शुरुआत आप यहां के विश्व प्रसिद्ध गीर वन्यजीव अभयारण्य की रोमांचक सैर से कर सकते हैं। लगभग 1424 वर्ग के क्षेत्र में फैला यह वन्यजीव उद्यान एक आदर्श जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करता है। आप यहां असंख्य वनस्पति प्रजातियों के साथ कई जंगली जानवरों को आसानी से देख सकते हैं। गीर मुख्यत: अपने शेरों के लिए जाना जाता है, जिन्हें देखने के लिए विश्व भर से सैलानी आते हैं।

शेर के अलावा आप यहां हिरण, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, बारहसिंगा, सांभर, भालू, लंगूर, आदि जानवरों को भी देख सकते हैं। जंगली जानवरों के अलावा आप यहां पक्षी विहार का आनंद भी ले सकते हैं। यहां उपलब्ध सफारी की मदद से आप अच्छी चरह जंगल भ्रमण कर सकते हैं।

नागनाथ मंदिर

नागनाथ मंदिर

गीर वन्यजीव अभयारण्य के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध नागनाथ मंदिर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। अमरेली स्थित नागनाथ मंदिर, भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन मंदिर हैस जिसका संबंध 17वीं शताब्दी से बताया जाता है। यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों महत्व रखता है।

प्राचीन होने के कारण यहां श्रद्धालुओं के साथ-साथ भारी संख्या में पर्यटकों का आगमन भी होता है। अमरेली भ्रमण पर निकले अधिकांश आगंतुक यहां आना पसंद करते हैं। शिवरात्रि और नागपंचमी के दौरान यहां भव्य आयोजन किए जाते हैं।

पीपावाव पोर्ट

पीपावाव पोर्ट

इन सब के अलावा आप यहां के पीपावाव पोर्ट की सैर का प्लान बना सकते हैं। पीपावाव पोर्ट, भारत का पहला निजी बंदरगाह और तीसरा सबसे बड़ा कंटेनर टर्मिनल ऑपरेटर है, जो 6760 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस बंदरगाह में तीन ड्राय कार्गो बर्थ और एक एलपीजी / तरल कार्गो बर्थ मौजूद हैं। अपने पर्यटन स्थलों की सीमाओं को खालने के लिए आप यहां आ सकते हैं। कुछ अलग अनुभव करने के लिए यह एक आदर्श स्थल है।

खोडियार बांध

खोडियार बांध

अमरेली के पर्यटन स्थलों की श्रृंखला में आप यहां के खोडियार बांध की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह बांध राज्य की शेत्रुंजी नदी पर बनाया गया है। इस बांध का मुख्य उद्देश्य सिंचाई के लिए जल की व्यवस्था करना है। लगभग 36.27 मीटर की ऊंचाई वाले इस बांध का निर्माण 1967 में समाप्त कर दिया गया था।

इस सब के अलावा यह बांध पर्यटन के उद्देश्य को भी पूरा करता है, यहां के प्राकृतिक दृश्यों को देखने के लिए पर्यटकों का आवागमन लगा रहता है। खासकर पर वीकेंड पर यहां पर्यटकों की भीड़ देखी जा सकती है। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं।

गांधी बाग

गांधी बाग

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप अमरेली स्थित गांधी बाग की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह उद्यान जिले के चुनिंदा पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, जिसका नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया है। यहां स्थानीय लोग मॉर्निंग और इवनिंग वॉक के लिए ज्यादा आते हैं। यहां बच्चों के खेलने के लिए भी स्थान बना हुआ है।

इस गार्डन में बनी गांधी जी की मूर्ति यहां आने वाले आगंतुको को काफी ज्यादा प्रभावित करती है। शहर की भागदौड़ से दूर, आरामदायक समय बिताने के लिए आप यहां आ सकते हैं।

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