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पांच बातें जो आपको कर्नाटक के तुमकुर आने के लिए करेंगी मजबूर

बैंगलोर से 70 कि.मी की दूरी पर स्थित तुमकुर कर्नाटक का एक खूबसूरत शहर है, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए काफी जाना जाता है। अपने दर्शनीय आकर्षणों के बल पर ये देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने का काम करता है। यह शहर बैंगलोर से एक शानदार वीकेंड गेटवे के रूप में भी माना जाता है। अपने सुखद मौसम के साथ यहां का शहरी और ग्रामीण परिवेश पर्यटकों को काफी ज्यादा पसंद आता है।

इन सब के अलावा इस शहर का अपना अलग इतिहास भी है, तुमकुर का ज्ञात इतिहास यहां के गंगा परिवार से शुरु होता है, जो इस क्षेत्र पर राज किया करते थे। इसके अलावा इस प्राचीन शहर पक राष्ट्रकुट, चोल, विजयनगर, मैसूर के वाडियार और चालुक्य आदि दक्षिण साम्राज्यों ने भी शासन किया था। इस लेख के माध्यम से जानिए कर्नाटक का यह प्राचीन शहर आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

कालेश्वर मंदिर

कालेश्वर मंदिर

तुमकुर शहर सांस्कृतिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण शहर है, आप यहां भ्रमण की शुरुआत प्रसिद्ध कालेश्वर मंदिर से कर सकते हैं। यह एक प्राचीन मंदिर है, जिसका निर्माण 9वीं शताब्दी के दौरान नोलांबा साम्राज्य के अंतर्गत हुआ था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी वास्तुकला देखने लायक है। मंदिर परिसर में कई खूबसूरत स्तंभ बने हुए हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं।

मंदिर का आंतरिक भाग काफी आकर्षक तरीके से सजाया गया है, जहां देवी-देवताओं की कई मूर्तियां भी बनी हुई हैं। पर्यटक यहां छत पर बने भगावन शिव को नृत्य मुद्रा में भी देख सकते हैं।

सिद्धारा बेटा

सिद्धारा बेटा

तुमकुर में आप कुछ रोमांचक स्थल की सैर का भी आनंद ल सकते हैं। मधुगिरी पहाड़ियों के पास स्थित सिद्धारा बेटा एक प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस है, जिसका भ्रमण कई मायनों में किया जा सकता है। मुख्य शहर तुमकुर से लगभग 50 कि.मी की दूरी पर स्थित यह स्थल पहाड़ों, गुफाओं और धार्मिक स्थलों से धिरा है। यह स्थल ट्रेकिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों के लिए काफी खास माना जाता है। पर्यटकों के साथ-साथ यहां भारी संख्या में तीर्थयात्रियों का आगमन भी होता है।

यहां की एक गुफा में भगवान शिव का एक मंदिर स्थित है, जहां के दर्शन आप कर सकते हैं। चूंकि यह स्थल पहाड़ियों और जंगलों से घिरा है, इसलिए आप यहां पक्षी विहार का भी आनंद ले सकते हैं।

पावागढ़ किला

पावागढ़ किला

इन सब स्थलों के अलावा आप यहां के ऐतिहासिक स्थलों में पावागढ़ फोर्ट की सैर का आनंद ले सकते हैं। यह जिले के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यहा किला विजयनगर शासन काल के दौरान प्रसिद्ध किलों में से एक था। पावागढ़ कभी मैसूर साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था।

यह वो ऐतिहासिक स्थल है, जहां टीपू सुल्तान और अंग्रेजों के बीच लड़ाई लड़ी गई थी। इतिहास की बेहतर समझ के लिए आप यहां आ सकते हैं। पावागढ़ में इस किले के अलावा आप अन्य कई स्थलों का भ्रमण भी कर सकते हैं।

गोरवनहल्ली महालक्ष्मी मंदिर

गोरवनहल्ली महालक्ष्मी मंदिर

तुमकुर के धार्मिक स्थलों में आप गोरवनहल्ली महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। यह मंदिर जिले के कोराटेगेरे तालुका में स्थित है। यह मंदिर तुम्कर शहर से लगभग 30 किमी दूर है और बैंगलुरु से 80 किमी दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि यहां श्री महालक्ष्मी की की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई है। यहां हर शुक्रवार को देवी की विशेष पूजा की जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी भोजन भी व्यवस्था है। आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं।

देवआर्यनदुर्ग

देवआर्यनदुर्ग

PC- Srinivasa83

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध हिल स्टेशन देवआर्यनदुर्ग की सैर का आनंद भी ले सकते हैं। लगभग 3940 फीट की ऊंचाई पर बसा यह पहाड़ी स्थल पर्यटकों के मध्य काफी ज्यादा लोकप्रिय है वीकेंड पर यहां बैंगलोर और आसपास के शहरों से पर्यटक सुकून भरा समय बितान के लिए आते हैं। यहां की पहाड़ी चोटी पर योग नरसिम्हा और भोग नरसिम्हा मंदिर स्थित है, बुद्ध पूर्णिमा के दौरान यहां प्रसिद्ध कार फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए दूर-दूर से पर्यटकों का आगमन होता है। यह त्योहार मार्च और अप्रैल महीने के दौरान आयोजित किया जाता है। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां अपने दोस्तों के साथ एक ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

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