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महाराष्ट्र : ये खूबसूरत पर्यटन स्थल यवतमाल को बनाते हैं खास

यवतमाल, भारत के महाराष्ट्र के राज्य का एक छोटा मगर खूबसूरत नगर है, जो यवतमाल जिले के अंतर्गत आता है। यह नगर विदर्भ क्षेत्र का हिस्सा है, और कॉटन सिटी यानी कपास नगरी के नाम से प्रसिद्ध है। भले ही यह नगर आकार में छोटा हो, पर पर्यटन के लिहाज से यह एक समृद्ध स्थल है, जहां के पुराने मंदिर, वन्यजीव अभयारण्य और नदी-तालाब, दूर दराज से पर्यटकों को आने के लिए मजबूर करते हैं।

एक शानदार अवकाश के लिए यह एक आदर्श स्थल है, जहां की सैर आप इस दौरान कर सकते हैं। इस स्थल का इतिहास बताता है कि यह कभी बेरार सल्तनत का मुख्य नगर हुआ करता था। पुराने लेखों में इसे विश्व के सबसे सुरक्षित स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है। इस लेख के माध्यम से जानिए अपने शानदार पर्यटन स्थलों के साथ यह ऐतिहासिक नगर आपको किस प्रकार आनंदित कर सकता है।

वाघाडी नदी

वाघाडी नदी

यवतमाल भ्रमण की शुरुआत आप यहां की प्रसिद्ध वाघाडी नदी से कर सकते हैं। वाघाड़ी, पैनगंगा की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी है, जो यवतमाल और केलापुर से होकर गुजरती है। जिसके बाद यह नदी पवित्र गोदावरी नदी में विलिन हो जाती है। यह नदी देखने में काफी सुंदर है, जिसके तटों में पर आकर आप कुछ समय सुकून के बिता सकते हैं। अगर आप चाहें तो नदी के शीतल जल में स्नान भी कर सकते हैं, पर सुरक्षा का ध्यान रखें। नदी का आसपास का प्राकृतिक दृश्य काफी ज्यादा प्रभावित करता है। खासकर मॉनसून के दौरान यहां का भ्रमण किया जा सकता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी जन्नत से कम नहीं।

 पैनगंगा वन्यजीव अभयारण्य

पैनगंगा वन्यजीव अभयारण्य

वाघाडी नदी की सैर के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों की सैर का प्लान बना सकते हैं। पैनगंगा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी यहां के प्रसिद्ध अभयारण्यों में से एक है, जहां की रोमांचक सैर के लिए दूर-दराज के पर्यटकों का आगमन होता है। यह सेंचुरी लगभग 324 वर्ग कि.मी में फैली हुई है, जहां आप विभिन्न वनस्पतियों के साथ-साथ असंख्य जीव-जन्तुओं को देख सकते हैं, जिनमें नील गाय, सांभर, गीदड़, भेडिया, चिंकारा, काल हिरण, बाघ, तेंदुआ आदि शामिल हैं। इन सब के अलावा यह वन्य क्षेत्र कई पक्षी प्रजातियों को भी देख सकते हैं।

टिपेश्वर वन्यजीव अभयारण्य

टिपेश्वर वन्यजीव अभयारण्य

पैनगंगा वन्यजीव अभयारण्य के अलावा आप यहां के टिपेश्वर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की रोमांचक सैर का आनंद भी ले सकते हैं। लगभग 148 वर्ग कि.मी में फैला यह अभयारण्य घने जंगलों और आदर्श वन्यजीवन के लिए जाना जाता है। इस अभयारण्य में आप कई जंगली जानवरों को देख सकते हैं, जिसमें काला हिरण, बंदर, भेडिया, गीदड़स चीतल, जंगली बिल्ली आदि शामिल हैं।

यहां आने का सबसे आदर्श समय मार्च से लेकर सितंबर का है। एक शानदार यात्रा के लिए आप इस अभयारण्य को अपनी यात्रा डायरी का हिस्सा बना सकते हैं।

कलंब

कलंब

यवतमाल में प्राकृतिक स्थलों के अलावा यहां के चुनिंदा प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकते हैं। चक्रावती नदी के तट पर स्थित कंलब एक लोकप्रिय गाव है, जो अपने भूमिगत चिंतामणी गणेश मंदिर के लिए जाना जाता है। भगवान गणेश के इस अद्भुत मंदिर को देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आगमन होता है।

खासकर विशेष गणेश चतुर्थी के दौरान यहां भक्तों का भारी जमावड़ा लगता है। श्रद्धालु यहां पास में स्थित पवित्र गणेश कुंड में जल का स्पर्श भी करते हैं। अपनी यात्रा को धार्मिक बनाने के लिए आप यहां आ सकते हैं।

वणी

वणी

PC-Hemant.dhawale

उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां से वणी की यात्रा का प्लान बना सकते हैं। निरगुडा नदी के तट पर स्थित वणी एक धार्मिक स्थल है, जो श्री रंगनाथस्वामी मंदिर के लिए विशेषकर जाना जाता है। अपनी ढेरों मनोकामनाओं के साथ यहां दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इन सब के अलावा वणी में कई कोयले की खदानें भी मौजूद हैं। कुछ नया अनुभव करने के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं।

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