
भारत का नवगठित राज्य तेलंगाना अपनी प्राचीन संरचनाओं के साथ-साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। पहाड़ी आकर्षणों के अलावा यहां कई ऐसी प्राकृतिक और कृत्रिम झीलें मौजूद हैं, जिनका इतिहास कई साल पुराना बताया जाता है, और सोचने वाली बात यह है, कि इन झीलों की सौंदर्यता आज भी बरकरार है।
रोजाना हजारों की संख्या में विश्व भर के पर्यटक राज्य में दाखिल होते हैं, जिन्हें इन कुदरती आकर्षणों की सैर करना काफी ज्यादा पसंद है। इस लेख में आज हम आपको झीलों से अलग तेलंगाना के कुछ खास रिजर्वर यानी जलाशयों के बारे मे बताने जा रहे हैं, जो अपनी भौगोलिक स्थित और खूबसूरती के लिए काफी ज्यादा लोकप्रिय है, जहां पर्यटक समय बिताना पसंद करते हैं। जानिए ये जलाशय आपको किस प्रकार आनंदित कर सकते हैं।

हिमायत सागर
PC-J.M.Garg
तेलंगाना के चुनिंदा खास जलाशयों में आप हिमायत सागर की सैर का प्लान बना सकते है। यह एक पुराना रिजर्वर है, जिसका निर्माण मूसी नदी की एक सहायक नदी पर 1927 में किया गया था। इसे बनाने का मूल उद्देश्य शहर को जलापूर्ति और बाढ़ से रोकथाम करना था। हिमायत सागर को क्षेत्र के आखरी निजाम ओस्मान अली खान के समय उनके छोटे बेटे हिमायत अली खान के नाम पर बनाया गया था।
लगभग 20 कि.मी में फैला यह जलाशय ओस्मान सागर की तरह ही हैदराबाद और सिकंदराबाद शहरों के लिए जलापूर्ति का काम करते हैं। इसकी भौगोलिक स्थित इसे खास बनाने का काम करती है, इसलिए यहां पर्यटकों का आगमन लगा रहता है। एक शानदार सैर के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं।

मीर आलम टैंक
हिमायत सागर के अलावा आप यहां स्थित मीर आलम टेंक की सैर का प्लान बना सकते है। यह मूसी नदी पर बना एक जलाशय है, जो कभी ओस्मान और हिमायत सागर से पहले शहर का मुख्य जलापूर्ति का स्रोत था। इस जलाशय का नाम मीर आलम बहादूर के नाम पर रखा गया था, जो आसफ जहां तृतीय के समय एक बड़े राजनीतिज्ञ थे। इस रिजर्वर को बनाने का काम 1804 में शुरु हुआ था, और 2 साल के कड़े प्रयास के बाद यह पूरी तरह बनकर तैयार हुआ।
वर्तमान में यह राज्य के मुख्य पर्यटन आकर्षणों में गिना जाता है, जहां दूर-दराज के सैलानी सुकून भरा समय बितान पसंद करते हैं। यहां पर्यटन को ध्यान रखकर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, साथ ही यहां पास में नेहरू जूलॉजिकल पार्क भी बना है, जहां आप एक रोमांचक और ज्ञानवर्धक सैर का आनंद ले सकते हैं।

श्रीराम सागर
तेलंगाना के चुनिंदा खास वाटर रिजर्वर में आप श्रीराम सागर की सैर का आनंद ले सकते हैं। राज्य के निर्मल नगर के पास स्थित यह जलाशय गोदावरी नदी पर बना है। इस रिजर्वर का निर्माण पोचम्पाद डैम के निर्माण से हुआ है। इसे बनाने का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों के लिए जल की किमी को पूरा करना है।
आसपास हरियाली से भरा यह बांध पर्यटन के लिहाज से भी काफी खास माना जाता है, जहां आरामदायक समय बिताने के लिए दूर-दराज से पर्यटकों का आगमन होता है। खासकर मॉनसून के दौरान यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। कुछ रिफ्रेशिंग अनुभव के लिए आप यहां की सैर का प्लान बना सकते हैं।

ओस्मान सागर
PC- Nikesh.kumar44
आप चाहें तो यहां के एक और लोकप्रिय जलाशय ओस्मान सागर की सैर का प्लान बना सकते हैं। लगभग 46 कि.मी में फैला यह जलाशय गांडीपेट के नाम से जाना जाता है, जहां की सैर करना पर्यटकों को काफी ज्यादा पसंद है। ओस्मान सागर का निर्माण मूसी नदी पर बनाए गए डैम के कारण हुआ है, जो 1920 में बनवाया गया था।
यह जलाशय क्षेत्र के आखरी निजाम ओस्मान अली खान के शासन काल के दौरान बनवाया गया था। वर्तमान में यह स्थल मुख्य पर्यनट आकर्षणों में गिना जाता है, जहां वीकेंड पर सुकून भरा समय बिताने के लिए पर्यटकों का आगमन लगा रहता है।

निजाम सागर
उपरोक्त जलाशयों के अलावा आप निजाम सागर डैम की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह राज्य का काफी लोकप्रिय और प्रसिद्ध बांध है, जिसका निर्माण यहां की गोदावरी नदी की एक सहायक नदी मंजीरा नदी पर किया गया है। यह जलाशय हैदराबाद से लगभग 144 कि.मी की दूरी पर स्थित है। निजाम सागर राज्य के पुराने जलाशयों में गिना जाता है, जिसका निर्माण 1923 में मीर ओस्मान अली खान द्वारा लगभग 40 गांवों को खाली करवाकर किया गया था। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां की सैर कर सकते हैं। खासकर मॉनसून के दौरान यहां की खूसबूरती कई गुणा बढ़ जाती है।



Click it and Unblock the Notifications













