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विदेश का खर्चीला प्लान बनाने से पहले, जानें भारत के टॉप 5 डेस्टिनेशन

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कुदरत की खूबसूरती को भौगोलिक सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता है। यह वो बेशकीमती खजाना है, जिसे ऊपर वाले ने, सभी जीवों में बराबर बांटा है। इस बात में कोई दो राय नहीं, कि इंसानी जरूरत की चीजों में, मन की शांति की भी अहम भूमिका है। एक विचलित मन आसान से आसान काम बिगाड़ सकता है, वहीं शांत मन जटिलताओं में भी सरलता के बीज रोपित कर सकता है। इसी मानसिक आराम के लिए इंसान एक जगह से दूसरी जगह भटकता रहता है, और अपने आर्थिक खजाने को खाली करता चला जाता है।

'नेटिव प्लानेट' के इस खास खंड में जानिए भारत में स्थित ऐसे प्राकृतिक स्थलों के बारे में, जो सिर्फ आपके आमोद-प्रमोद के लिए ही बने हैं। जहां आपको, प्रकृति की गोद में समय बिताने का मौका मिलेगा। जहां आप जी भरकर आनंद की अनुभूति कर सकते हैं, जहां आप जीवन के बिताए हसीन पलों में एक नया अध्याय जोड़ सकेंगे। हमारे साथ जानिए उन बेशकीमती प्राकृतिक खजानों के बारे में, जिन्हें जानने के बाद आप विदेश का प्लान भी रद्द कर सकते हैं।

1- कौसानी, उत्तराखंड

1- कौसानी, उत्तराखंड

PC- David M.

उत्तराखंड का खूबसूरत हिल स्टेशन कौसानी, राज्य के अल्मोड़ा जिले से लगभग 53 किमी दूरी पर स्थित है। हिमालय से निकलती दो पावन नदियों (कोसी और गोमती) के बीच बसा ये स्थल पिंगनाथ चोटी का आकर्षक हिस्सा है। यहां से हिमालय के रमणीय दृश्यों को आसानी से देखा जा सकता है। इस पर्यटन स्थल की खूबसूरती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है, कि इसे कभी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने, भारत का 'स्विट्जरलैंड' कहा था। अपनी प्राकृतिक व आध्यात्मिक विशेषताओं के चलते यह स्थल पर्यटन व धार्मिक लिहाज से काफी प्रसिद्ध है। यहां घूमने के लिहाज से कई स्थल मौजूद हैं, जो आपकी कौसानी यात्रा का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

घूमने लायक जगहें

घूमने लायक जगहें

PC- Sujayadhar

आप यहां महात्मा गांधी की शिष्या सरला देवी का लक्ष्मी आश्रम देख सकते हैं। या वो घर जहां भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत का जन्म हुआ था। आप यहां सेब के खूबसूरत बागान देख सकते हैं, साथ ही कौसानी में चाय के बागानों की सैर का आनंद भी ले सकते हैं। लगभग 208 हेक्टेयर में फैले यहां के चाय के बागान पर्यटकों के मध्य काफी लोकप्रिय हैं। अगर आप बढ़िया गुणवत्ता वाली चाय का आनंद लेना चाहते हैं, तो यहां से चाय की पत्ती खरीदना न भूलें। बता दें कि यहां उत्पादित चाय, विदेशों में निर्यात की जाती है।

यात्रा का जायजा

यात्रा का जायजा

PC- sushanta mohanta sin...

आप यहां तीनों मार्गों से पहुंच सकते हैं। यहां का नजदीकी हवाई अड्डा पंतनगर है, जो कौसानी से लगभग 178 की दूरी पर स्थित है। रेल मार्गे के लिए आपको नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम का सहारा लेना पड़ेगा। आप चाहें तो यहां सड़क मार्ग से भी आ सकते हैं। दिल्ली से उत्तराखंड के लिए हर घंटे बस सेवा उपलब्ध है।

2- तवांग, अरुणाचल प्रदेश

2- तवांग, अरुणाचल प्रदेश

PC- Vishma thapa

भारत के पूर्वोत्तर राज्य अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए विश्व भर में जाने जाते हैं। चाहे बात असम की हो या फिर चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश की। वैसे तो इस राज्य में घूमने के लिहाज से कई स्थल मौजूद हैं, पर हम यहां के कुछ चुनिंदा पर्यटन स्थलों में शुमार तवांग की बात करने जा रहे हैं। हिमालय की तराई से 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तवांग अरुणाचल के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। यह पहाड़ी क्षेत्र सैलानियों के मध्य इतना लोकप्रिय है, कि इसे छुपे हुए स्वर्ग की संज्ञा दी गई है।

तवांग, एशिया का बड़ा बौद्ध मठ

तवांग, एशिया का बड़ा बौद्ध मठ

PC- Arushi

प्रर्यटक मुख्यत: खूबसूरत हिमालय की चोटियों का दीदार करने यहां आते हैं। यहां बसे गांव, शांत झील, इस स्थल को सबसे अलग बनाते हैं। यहां आकर आप खुद को प्रकृति से बेहद करीब महसूस करेंगे। बता दें कि तवांग में ऐशिया का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। यह मठ इतना बड़ा है, कि यहां आराम से 700 अनुयायी ठहर सकते हैं। तवांग अपने खूबसूरत जलधारा के लिए भी जाना जाता है। आप यहां आध्यात्मिक तौर से भी खुद को तृप्त कर सकते हैं। आप यहां आएं तो यहां मौजूद बौद्ध मठ को अवश्य देखें। यहां की दीवारों पर उकेरी गई चित्रकारी देखने लायक है।

यात्रा का जायजा

यात्रा का जायजा

PC- Arushi

आप यहां तीनों मार्गों से आ सकते हैं। यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन तेज़पुर (असम) है, जो भारत के कई अहम राज्यों व शहरों से जुड़ा हुआ है। हवाई मार्ग के लिए आप तेजपुर हवाईअड्डे का सहारा ले सकते हैं। यह एयरपोर्ट गुवाहाटी व कोलकाता से जुडा हुआ है। सड़क मार्ग के लिए भी आप तेजपुर को अपना केंद्र बिंदु बना सकते हैं, यहां से आसानी से बस या टैक्सी तवांग के लिए उपलब्ध हो जाएंगी।

3- संदक्फू, पश्चिम बंगाल

3- संदक्फू, पश्चिम बंगाल

PC- Shubhayu69

संदक्फू, भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल की सबसे ऊंची पर्वतीय चोटी है। जहां से दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों के अद्भुत नजारों को देखा जा सकता हैं। यहां से एवरेस्ट, कंजनजंगा व मकालू पर्वत की अंनत ऊचाईयों के रोमांचक दृश्यों का आनंद उठाया जा सकता है। संदक्फू पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में स्थित है जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 3611 मीटर है। दार्जिलिंग आया हर सैलानी यहां आने का ख्वाहिश रखता है। यहां का पर्वतीय नजारा काफी रोमांचक है। यहां आप दोस्तों के साथ या परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

यात्रा का जायजा

यात्रा का जायजा

PC- Shubhayu69

बता दें कि संदक्फू सिंगलिला राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत आता है। अगर आप यहां की प्राकृतिक खूबसूरती का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं, तो यहां सर्दियों के मौसम में आएं। यहां प्रर्यटकों की सुविधा के लिहाज से कई लॉज-गेस्ट हाउस बनाए गए हैं। बारिश के दिनों में यहां का रास्ता ज्यादातर समय बंद रहता है। अच्छा होगा कि आप यहां आने से पहले अच्छी तरह वर्तमान जानकारी जुटा लें। आप दार्जिलिंग के रास्ते संदक्फू तक पहुंच सकते हैं। दार्जिलिंग से सड़क मार्ग के सहारे यहां 4 घंटों में पहुंचा जा सकता है।

भारत का स्विट्जरलैंड खज्जियार

भारत का स्विट्जरलैंड खज्जियार

PC- Rohit Tevatiya

अगर आप भारत में ही स्विट्जरलैंड की मनमोहक आबोहवा का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश स्थित खज्जियार हिल स्टेशन जरूर आएं। यहां की पहाड़ी खूबसूरती को देखते हुए इसे मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां ऊंचे-ऊंचे हरे-भरे देवदार-चीड़ के पेड़, यहां के दृश्यों और भी रमणीय बनाते हैं। हिमाचल की हसीन वादियों में बसा यह आकर्षक कोना आपकी यात्रा को यादगार बना देगा।

घूमने लायक जगहें

घूमने लायक जगहें

PC- Rohit Tevatiya

हजारों साल पुराना यह हिल स्टेशन खज्जी नागा मंदिर के लिए विख्यात है। बता दें कि यहां नागदेव की पूजा की जाती है। प्रकृति की अनमोल खूबसूरती के साथ-साथ आप यहां स्थित खज्जियार झील की सैर का भी आनंद उठाते हैं। यह झील चीड़-देवदार के पेड़ों से ढकी हुई है। झील के चारों ओर हरी-मुलायम घास यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं। गोल्फ के शौकीन भी यहां आना पसंद करते हैं।

यात्रा का जायजा

यात्रा का जायजा

PC- Wittystef

खज्जियार पहुंचने के लिए आपको ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं। यहां तक पहुंचने के लिए सबसे सरल मार्ग चंबा या डलहौजी है। यहां से महज आधे घंटे का सफर तय कर आप खज्जियार पहुंच सकते हैं। रेल व हवाई मार्ग के लिए आप शिमला उतर सकते हैं, जहां से आपको आगे के लिए बस या टैक्सी आसानी से मिल जाएगी।

5-मासिनराम

5-मासिनराम

PC- JayRao99

मेघालय स्थित मौसिनराम दुनिया का सबसे नम क्षेत्र माना जाता है। जिसका कारण यहां अत्यधिक बारिश का होना। इसके अलावा यह स्थल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है। यहां की तरह-तरह की वनस्तपति , हरियाली पर्यटकों को काफी हद तक प्रभावित करती है। यहां आकर आप प्राकृतिक जलप्रपातों के अद्भुत नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। मासिनराम प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ एडवेंचर के शौकिनों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। आप यहां अपना एडवेंचर का शोक भी पूरा कर सकते हैं।

घूमने लायक जगहें

घूमने लायक जगहें

PC- Akynehu

प्राकृतिक जलप्रपातों के बाद अगर आप चाहें तो यहां स्थित गुफा को भी देख सकते हैं। जो अपने चुने-पत्थर से बनी आकृतियों के लिए जानी जाती है। इसके अलावा आप चेरापूंजी की सैर का भी आनंद उठा सकते हैं। बता दें कि मासिनराम के बाद इस क्षेत्र में दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश होती है। शिलांग शहर से लगभग 12 किमी की दूरी पर स्थित एलिफेंटा फॉल को भी आप अपनी यात्रा डायरी में शामिल कर सकते हैं। आप शिलांग के भी प्राकृतिक नजारों का आनंद उठा सकते हैं।

यात्रा का जायजा

यात्रा का जायजा

PC- Sharada Prasad CS

मासिनराम तक पहुंचने के लिए आप गुवाहाटी सड़क मार्ग का सहारा ले सकते हैं। आपको यहां से आसानी से बस या टैक्सी मिल जाएगी। रेल मार्ग के लिए आपको गुवाहाटी रेलवे का सहारा लेना पड़ेगा। हवाईमार्ग के लिए यहां का नजदीकी हवाई अड्डा शिलांड स्थित है।

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